वित्तीय बाजार

सुचारू ढ़ंग से कार्य करने वाले, चलनिधि युक्त और लचीले वित्तीय बाजार मौद्रिक नीति अंतरण और भारत के विकास के वित्तपोषण में अपरिहार्य जोखिमों के आवंटन और अवशोषण में सहायता करते हैं।

भाषण


नवंबर 15, 2021
दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (डीएसई) और इंडियन स्टेटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (आईएसआई), दिल्ली द्वारा आयोजित 'ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में संवृद्धि और विकास' पर सम्मेलन में माइकल देवव्रत पात्रा, उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा दिया गया मुख्य भाषण
सितंबर 22, 2021
कोविड के बाद: एक मजबूत, समावेशी और टिकाऊ अर्थव्यवस्था की ओर - श्री शक्तिकांत दास, गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक- द्वारा 22 सितंबर 2021, बुधवार को ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) के 48 वें राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन में दिया गया मुख्य भाषण
सितंबर 20, 2021
सुरक्षित रखने पर ध्यान दें (Heed to Heal) - जलवायु परिवर्तन उभरता वित्तीय जोखिम है (16 सितंबर 2021, गुरुवार को हरित और सतत वित्त पर CAFRAL आभासी सम्मेलन में श्री एम. राजेश्वर राव, उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा दिया गया मुख्य भाषण)
अगस्त 31, 2021
31 अगस्त 2021 को 21वें एफआईएमएमडिए-पीडीएआई (FIMMDA-PDA) वार्षिक सम्मेलन में मुख्य भाषण - श्री शक्तिकांत दास, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक 204.00 kb
अगस्त 13, 2021
सुशासन के माध्यम से भारत में एक अधिक लचीली वित्तीय प्रणाली का निर्माण- श्री महेश कुमार जैन, उप गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक - 18 जून 2021, शुक्रवार- को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में दिया गया भाषण 209.00 kb
मार्च 25, 2021
नए दशक में वित्तीय क्षेत्र – शक्तिकान्त दास 210.00 kb
जनवरी 16, 2021
एक स्थिर वित्तीय प्रणाली की ओर – शक्तिकान्त दास 363.00 kb
जुलाई 11, 2020
भारतीय अर्थव्यवस्था निर्णायक मोड़ पर: वित्तीय स्थिरता की दृष्टि से विवेचन – शक्तिकांत दास 303.00 kb
जनवरी 07, 2020
भारत में समावेशी विकास की ओर यात्रा - शक्तिकांत दास 246.00 kb
नवंबर 29, 2019
ग्रामीण और कृषि वित्त: समावेशी और दीर्घकालिक विकास प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी - एम.के.जैन 219.00 kb
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