वित्तीय बाजार

सुचारू ढ़ंग से कार्य करने वाले, चलनिधि युक्त और लचीले वित्तीय बाजार मौद्रिक नीति अंतरण और भारत के विकास के वित्तपोषण में अपरिहार्य जोखिमों के आवंटन और अवशोषण में सहायता करते हैं।

भाषण


अगस्त 26, 2016
हमारे कर्ज बाजारों को मजबूती प्रदान करना - रघुराम जी राजन 189.00 kb
अगस्त 25, 2015
भारत में वित्तीय बाज़ार विनियमन – अतीत एवं भावी दृष्टि– हारून आर.खान 237.00 kb
अगस्त 12, 2015
आधारभूत संरचना के लिए वित्तीयन : वर्तमान मुद्दे एवं उभरती चुनौतियां – हारून आर. खान 141.00 kb
मार्च 23, 2015
कॉरपोरेट ऋण बाजार : समय की मांग – पुनरावलोकन 261.00 kb
कॉरपोरेट ऋण बाजार : समय की मांग-पुनरावलोकन- आर गांधी 109.00 kb
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2016
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2014
2013
2012
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