8 अप्रैल 2026
आरबीआई ने "भारतीय रिज़र्व बैंक (अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026" के मसौदे पर जन-सामान्य से
टिप्पणियाँ आमंत्रित की
वाणिज्यिक बैंकों के निदेशक मंडलों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले विषय तथा उनकी आवधिकता का निर्धारण, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित सात व्यापक विषय-क्षेत्रों के आधार पर, स्वयं बोर्ड द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रिज़र्व बैंक ने कतिपय नीतियों एवं विषयों को, अनुमोदन, समीक्षा अथवा सूचना के लिए बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु भी अधिदेशित किया है। बोर्ड को अपने समय का प्रभावी उपयोग करने में सक्षम बनाने तथा कार्यनीति एवं जोखिम अभिशासन पर संकेंद्रित एवं गुणवत्तापूर्ण विचार-विमर्श को सुगम बनाने के उद्देश्य से, भारतीय रिज़र्व बैंक ने उक्त सभी अनुदेशों की व्यापक समीक्षा एवं युक्तिकरण किया है। इसके अतिरिक्त, उपर्युक्त सात विषयों को इस मामले पर सिद्धांत-आधारित मार्गदर्शन से प्रतिस्थापित कर दिया गया है।
2. तदनुसार, दिनांक 8 अप्रैल 2026 के विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुपालन में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज निम्नलिखित संशोधन निदेशों के मसौदे को जन-सामान्य की टिप्पणियों के लिए जारी किया है:
i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (पेमेंट्स बैंक - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
iv) भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
3. विनियमित संस्थाओं और जन सामान्य / अन्य हितधारकों द्वारा संशोधन निदेशों के मसौदे पर टिप्पणियाँ/ प्रतिक्रिया 7 मई 2026 को या उससे पहले निम्नलिखित माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती है:
i. प्रत्येक दस्तावेज के साथ प्रदान किए गए हाइपरलिंक, जिस पेज पर वे प्रकाशित किए गए हैं, के माध्यम से वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट' खंड द्वारा; या
ii. विषय पंक्ति 'निदेशों (संशोधन निदेशों के मसौदे के पूर्ण नाम (विनियमित संस्था के प्रकार सहित)) पर प्रतिक्रिया' लिखकर ई-मेल द्वारा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/47 |