आरबीआई/2026-27/174
एपी (डीआईआर सीरीज) परिपत्र संख्या 17
24 जून 2026
सेवा में
सभी प्राधिकृत व्यक्ति
महोदया/ महोदय
फेमा, 1999 के तहत विवरणी/रिपोर्टिंग आवश्यकताओं में संशोधन
प्राधिकृत व्यक्तियों का ध्यान समय-समय पर यथा संशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (प्राधिकृत व्यक्ति) विनियमावली, 2026, मास्टर निदेश - मुद्रा बदलने के कार्य, मास्टर निदेश - धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) और मास्टर निदेश – विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत रिपोर्टिंग में दिए गए प्रावधानों की ओर आकर्षित किया जाता है।
2. समीक्षा के बाद, कुछ रिपोर्टिंग आवश्यकताओं को युक्तिसंगत बनाने और विदेशी मुद्रा प्रबंध (प्राधिकृत व्यक्ति) विनियमावली, 2026 के अनुसार रिपोर्टिंग प्रारूपों को निर्धारित/संशोधित करने का निर्णय लिया गया है।
3. विभिन्न विवरणियों को जमा करने के प्रारूप इस परिपत्र के अनुबंध में दिए गए हैं। निम्नलिखित अतिरिक्त निदेश लागू होंगे:
i) FLM -8 के संशोधित प्रारूप में विदेशी मुद्रा नोटों को बट्टे खाते में डालने से संबंधित विवरण भी शामिल है। 2000 अमरीकी डॉलर से अधिक के विदेशी मुद्रा नोटों को बट्टे खाते में डालने के लिए रिज़र्व बैंक की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है। नोस्ट्रो खातों को बनाए रखने और एफईटीईआरएस के माध्यम से प्रासंगिक लेनदेन की रिपोर्टिंग करने वाली संस्थाएं FLM -8 रिटर्न जमा नहीं करेंगी।
ii) फ्रेंचाइजी व्यवस्था रखने वाले प्राधिकृत व्यक्ति प्रत्येक कैलेंडर तिमाही के समाप्त होने के 15 दिनों के भीतर ऐसी व्यवस्थाओं की सूची प्रस्तुत करेंगे।
iii) एमटीएसएस के तहत भारतीय एजेंट तिमाही आधार पर उप-एजेंटों की सूची प्रस्तुत करेंगे।
4. निम्नलिखित निदेश/विवरणी/फॉर्म बंद कर दिए गए हैं:
i) मास्टर निदेश - फेमा के अंतर्गत रिपोर्टिंग के तहत निर्धारित FLM-1 से FLM-7 रजिस्टर। हालांकि, एफएफएमसी और गैर-बैंक एडी श्रेणी-II संस्थाएं उनके द्वारा किए गए सभी विदेशी मुद्रा लेनदेन का पूर्ण और सटीक रिकॉर्ड बनाए रखेंगी और जब भी आवश्यक हो, ऐसे रिकॉर्ड निरीक्षण/पर्यवेक्षी उद्देश्यों के लिए रिज़र्व बैंक को उपलब्ध कराएंगी।
ii) विवरणी शीर्षक "विदेशी मुद्रा नोटों/ नकदीकृत यात्री चेकों के आयात से प्राप्त आय से भारत में खोले गए विदेशी मुद्रा खाते का संकलन दर्शानेवला तिमाही विवरण।“
iii) एमटीएसएस के तहत अतिरिक्त स्थानों की अलग सूची प्रस्तुत करने की आवश्यकता और रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर प्रकाशित सूची की सत्यता के संबंध में त्रैमासिक पुष्टि की आवश्यकता।
iv) एमटीएसएस के तहत संपार्श्विक के विवरण से संबंधित विवरण। हालांकि, भारतीय एजेंट मौजूदा निदेशों के संदर्भ में संपार्श्विक की पर्याप्तता सुनिश्चित करना जारी रखेंगे।
5. मास्टर निदेश - मुद्रा बदलने के कार्य और मास्टर निदेश – फेमा के अंतर्गत रिपोर्टिंग को उपरोक्त परिवर्तनों को शामिल करते हुए अलग से अद्यतन किया जा रहा है।
6. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और 11(1) के अंतर्गत जारी किए गए हैं और ये किसी अन्य विधि/ कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/ अनुमोदन, यदि कोई हों, पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालते हैं।
भवदीय,
(एन सेंथिल कुमार)
मुख्य महाप्रबंधक
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