आरबीआई/2026-27/100
एफएमओडी.एमओएजी.सं.एस-57/01.06.016/2026-27
8 जून 2026
सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक
महोदया/महोदय,
बाह्य वाणिज्यिक उधार और समुद्रपारीय विदेशी मुद्रा उधार के लिए स्वैप सुविधा
कृपया 5 जून 2026 के गवर्नर के वक्तव्य का संदर्भ लें।
2. यह निर्णय लिया गया है कि निम्नलिखित के लिए अमेरिकी डॉलर-रुपया विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा शुरू की जाए,
(क) बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) जिनकी औसत परिपक्वता अवधि तीन वर्ष या उससे अधिक है और जो इस परिपत्र की तारीख के बाद 31 दिसंबर 2026 तक आहरित किए जाते हैं, (i) सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) द्वारा, अर्थात जिनका बहुसंख्यक स्वामित्व केंद्र और/या राज्य सरकार के पास है (बैंकों को छोड़कर), या (ii) ऐसे पीएसयू जो केंद्र या राज्य अधिनियम के तहत निगमित, स्थापित या पंजीकृत हैं और केंद्र/राज्य सरकार के नियंत्रण में हैं। यह सुविधा किसी मौजूदा ईसीबी के उस भाग के लिए भी उपलब्ध होगी जो आज की तारीख तक आहरित नहीं किया गया है, लेकिन यह उन उधारों के लिए उपलब्ध नहीं होगी जिनमें अंतर्निहित विकल्प या मौजूदा ईसीबी के पुनर्वित्त/चुकौती के लिए ली गई ईसीबी, शामिल हैं, और
(ख) प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों द्वारा न्यूनतम 3 वर्ष की परिपक्वता अवधि के लिए एकत्र समुद्रपारीय विदेशी मुद्रा उधार (ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग्स - ओएफसीबी)।
3. नई स्वैप सुविधा की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं :
(क) स्वैप सुविधा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) उधारकर्ताओं को उनके प्राधिकृत व्यापारी (एडी) श्रेणी-I बैंकों के माध्यम से पात्र ईसीबी और पात्र ओएफसीबी (जो अधिकृत डीलर श्रेणी -I बैंकों द्वारा किसी भी मुद्रा में आहरित किए गए हों) के लिए उपलब्ध होगी। तथापि, भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ स्वैप सुविधा केवल अमेरिकी डॉलर में ही उपलब्ध होगी। स्वैप की अधिकतम अवधि ईसीबी / ओएफसीबी की चुकौती अनुसूची/परिपक्वता के समान होगी, किंतु यह अधिकतम पाँच वर्ष की अवधि तक सीमित रहेगी।
(ख) स्वैप सुविधा का संचालन मुंबई में सभी कार्य दिवसों (शनिवार और छुट्टी के दिनों को छोड़कर) प्रतिदिन किया जाएगा। किसी भी सप्ताह के दौरान, किसी बैंक द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ स्वैप करने के लिए पात्र अमेरिकी डॉलर की अधिकतम राशि, पिछले सप्ताह/सप्ताहों में समतुल्य अमेरिकी डॉलर में पात्र ईसीबी / ओएफसीबी आवक के बराबर होगी।
(ग) स्वैप व्यवस्था के तहत, कोई बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक को अमेरिकी डॉलर बेच सकता है और साथ ही स्वैप अवधि की समाप्ति पर समान राशि के अमेरिकी डॉलर वापस खरीदने के लिए सहमत हो सकता है; यह राशि 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर के गुणजों में होगी। यह स्वैप वार्षिक 1.5 प्रतिशत की निर्धारित दर पर किया जाएगा, जिसकी गणना छमाही चक्रवृद्धि के आधार पर की जाएगी। लेन-देन के पहले चरण में, बैंक एफबीआईएल संदर्भ दर पर भारतीय रिज़र्व बैंक को अमेरिकी डॉलर बेचेगा। स्वैप के पहले चरण का निपटान स्पॉट आधार पर किया जाएगा। स्वैप लेन-देन के दूसरे चरण (रिवर्स लैग) में, अमेरिकी डॉलर वापस प्राप्त करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक को रुपया राशि के साथ-साथ स्वैप प्रीमियम भी लौटाना होगा।
(घ) स्वैप सुविधा का लाभ उठाने के इच्छुक बैंकों को अपने अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा इस आशय की विधिवत हस्ताक्षरित एक घोषणा प्रस्तुत करनी होगी कि वे पिछले सप्ताह/सप्ताहों के दौरान सुविधाजनक बनाए गए पात्र बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) आवक और प्राप्त की गई पात्र समुद्रपारीय विदेशी मुद्रा उधार (ओएफसीबी) आवक के हेजिंग (जोखिम प्रबंधन) हेतु इस स्वैप सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
(ञ) स्वैप सुविधा का परिचालन भारतीय रिज़र्व बैंक के मुंबई स्थित वित्तीय बाजार परिचालन विभाग द्वारा किया जाएगा। यह विभाग बाजार की स्थितियों और अन्य प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए, बैंकों द्वारा इस सुविधा का लाभ व्यवस्थित ढंग से उठाने हेतु एक अनुसूची की घोषणा करेगा।
(च) यह स्वैप सुविधा इस परिपत्र की तारीख से प्रभावी होगी और 31 दिसंबर 2026 तक की गई पात्र बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) की निकासी और प्राप्त की गई पात्र समुद्रपारीय विदेशी मुद्रा उधार (ओएफसीबी) आवक के लिए 15 जनवरी 2027 तक खुली रहेगी।
(छ) उक्त अवधि के दौरान जुटाई गई बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) को नियंत्रित करने वाले नियम और शर्तें 09 फरवरी 2026 के विदेशी मुद्रा प्रबंधन (उधार लेना तथा उधार देना) (प्रथम संशोधन) विनियम, 2026 के अनुसार बनी रहेंगी।
(ज) इस स्वैप सुविधा हेतु जुटाई गई ओएफसीबी को 5 जुलाई 2016 की जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन पर मास्टर निदेश, समय-समय पर यथा संशोधित, के भाग 'ग' के पैराग्राफ 5 के प्रावधानों की शर्तों के अनुरूप होना चाहिए।
(झ) पात्र बैंक विनियमित अमेरिकी डॉलर की राशि, स्वैप की अवधि तथा उपर्युक्त (घ) में उल्लिखित घोषणा के साथ अमेरिकी डॉलर स्वैप सुविधा हेतु अपने अनुरोध ई-मेल के माध्यम से वित्तीय बाजार संचालन विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
(ङ) इस प्रयोजन के लिए बैंकों को भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ कोई आईएसडीए करार करने की आवश्यकता नहीं है।
भवदीय
(टी. किरन कुमार)
महाप्रबंधक
|