8 अप्रैल 2026
आरबीआई ने ‘व्यापारिक प्राप्य-राशि भुनाई प्रणाली’ संबंधी निदेशों का मसौदा जारी किया
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश के आर्थिक-तंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एमएसएमई को पर्याप्त वित्त प्राप्त करने में, विशेष रूप से अपने व्यापारिक प्राप्य-राशि के बदले नकद निधियां प्राप्त कर पाने के संदर्भ में, मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के निराकरण हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक ने, एमएसएमई विक्रेताओं के व्यापारिक प्राप्य-राशि संबंधी वित्तपोषण हेतु देश में व्यापारिक प्राप्य-राशि भुनाई प्रणाली (ट्रेड्स) प्लेटफार्म बनाने के लिए समय-समय पर दिशानिर्देश जारी किए हैं।
दिनांक 8 अप्रैल 2025 के विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार वर्तमान में लागू दिशानिर्देशों को युक्तिसंगत एवं समरूप बनाने के उद्देश्य से उनकी एक व्यापक समीक्षा की गई है। तदनुसार, आरबीआई ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक (व्यापारिक प्राप्य-राशि भुनाई प्रणाली) के निदेशों का मसौदा जारी किया है।
विनियमित संस्थाओं और जन सामान्य / अन्य हितधारकों द्वारा निदेशों के मसौदे पर अभिमत/ प्रतिक्रिया 1 मई 2026 को या उससे पहले, प्रत्येक दस्तावेज के साथ प्रदान किए गए हाइपरलिंक, जिस पेज पर वे प्रकाशित किए गए हैं, के माध्यम से वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट' खंड में प्रस्तुत की जा सकती है।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/48 |