22 मई 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की 623वीं बैठक
भारतीय रिज़र्व बैंक के केंद्रीय निदेशक बोर्ड की 623वीं बैठक आज मुंबई में श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बोर्ड ने वैश्विक एवं घरेलू आर्थिक परिदृश्य तथा भावी संभावना से जुड़े जोखिमों की समीक्षा की। बोर्ड ने वित्तीय-वर्ष 2025-26 के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के वार्षिक-लेखा पर विचार-विमर्श किया। बैंक की सकल आय में पिछले वर्ष की तुलना में 26.42 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जोखिम संबंधी प्रावधानों से पूर्व के व्यय में 27.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जोखिम संबंधी प्रावधानों तथा सांविधिक निधियों में अंतरण से पूर्व निवल आय वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹3,95,972.10 करोड़ रही, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह ₹3,13,455.77 करोड़ थी। 31 मार्च 2026 को बैंक का तुलन-पत्र 20.61 प्रतिशत बढ़कर ₹91,97,121.08 करोड़ हो गया।
संशोधित आर्थिक पूंजी ढांचे (ईसीएफ़) के अंतर्गत, आकस्मिक जोखिम बफर (सीआरबी) को तुलन-पत्र के आकार के 4.5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत तक बनाए रखने का दायरा प्रदान किया गया है। मौजूदा समष्टि-आर्थिक कारकों, बैंक के वित्तीय निष्पादन तथा उपयुक्त जोखिम बफर के रखरखाव को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय निदेशक बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु ₹1,09,379.64 करोड़ राशि सीआरबी में अंतरण करने का निर्णय लिया, जबकि पिछले वर्ष यह राशि ₹44,861.70 करोड़ थी, तथा सीआरबी को आरबीआई के तुलन-पत्र के आकार के 6.5 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय किया। केंद्रीय निदेशक बोर्ड ने लेखा-वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को अधिशेष के रूप में ₹2,86,588.46 करोड़ के अंतरण को मंजूरी दी।
उप गवर्नर श्री स्वामीनाथन जे., डॉ. पूनम गुप्ता, श्री शिरिश चंद्र मुर्मू, श्री रोहित जैन तथा केंद्रीय निदेशक बोर्ड के अन्य निदेशक — श्री नागराजू मद्दिराला, सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग; श्री सतीश काशीनाथ मराठे, श्रीमती रेवती अय्यर, प्रो. सचिन चतुर्वेदी, श्री आनंद गोपाल महिंद्रा, श्री वेणु श्रीनिवासन तथा श्री पंकज रमणभाई पटेल — बैठक में शामिल हुए।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/311
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