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18 मई 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार पर मौद्रिक दंड
लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 14 मई 2026 के आदेश द्वारा, दि औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘साख सूचना रिपोर्टिंग’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹20,000 (बीस हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23 के साथ पठित धारा 25 के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन और तत्संबंधी पत्राचार के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:
बैंक, अपने उधारकर्ताओं की साख संबंधी जानकारी सभी चार साख सूचना कंपनियों को प्रस्तुत करने में विफल रहा था।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/281
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