भारिबैं/विवि/2026-27/94
विवि.जीओवी.आरईसी.सं.82/18.10.014/2026-27
25 मई, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
रिज़र्व बैंक द्वारा 28 नवंबर, 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - अभिशासन) निदेश, 2025 जारी किए थे। इन निदेशों के अध्याय-II में बोर्ड के गठन और निदेशकों की नियुक्ति से संबंधित प्रावधान हैं।
2. बैंककारी विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 द्वारा बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (संक्षेप में, "अधिनियम"), की धारा 10क(2क)(i) जिसमें निदेशकों के निरंतर कार्यकाल की अधिकतम सीमा दी गयी है, को प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (जिन्हे इसके बाद सामूहिक रूप से 'यूसीबीज़' और व्यक्तिगत रूप से 'यूसीबी' के रूप में संदर्भित किया गया है) पर लागू की गयी थी। यह प्रावधान यूसीबीज़ के लिए 29 जून, 2020 से लागू हो गया था। यूसीबीज़ के निदेशकों के अधिकतम निरंतर कार्यकाल को आठ वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष करने के लिए इस प्रावधान को बैंककारी कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 द्वारा और आगे संशोधित किया गया तथा संशोधित प्रावधान को 1 अगस्त, 2025 से लागू किया गया है।
3. कुछ मामलों में, निदेशकों को अधिनियम के प्रावधानों को दरकिनार करने के लिए कुछ तरीकों का सहारा लेते हुए पाया गया है, जैसे कि कार्यालय से थोड़े समय के लिए इस्तीफा देना और थोड़े समय के भीतर बोर्ड में फिर से निर्वाचित/सहवरित हो जाना, जिससे कि कानूनी रूप से अनुमेय कार्यकाल से परे विस्तारित अवधि के लिए यूसीबी के बोर्ड में बने रहना जारी रहे, जो वैधानिक प्रावधान के इरादे और भावना के खिलाफ़ है।
4. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम की धारा 56 के साथ पठित धारा 10क(2क)(i) और धारा 35क द्वारा प्रदत्त शक्तियों तथा इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक ('आरबीआई') को सक्षम बनाने वाले अन्य समस्त उपबंधों / कानूनों के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एवं लोकहित में ऐसा करना आवश्यक और उचित समझते हुए, यहाँ विनिर्दिष्ट निदेश जारी करता है।
(1) इन निदेशों को भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026 कहा जाएगा।
(2) ये निदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
(3) ये निदेश भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - अभिशासन) निदेश, 2025 को इसके बाद यथा निर्दिष्ट तरीके से संशोधित करेंगे।
(4) भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - अभिशासन) निदेश, 2025 के पैरा 7 के बाद निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा, अर्थात्:
“7A. यूसीबी के बोर्ड में कोई निदेशक, दस साल का निरंतर कार्यकाल पूरा करने के बाद, तीन साल की न्यूनतम कूलिंग-ऑफ अवधि से गुजरने के बाद ही उस यूसीबी के बोर्ड में निदेशक के रूप में, चाहे चुनाव या सहवरण या किसी अन्य तरीके से, फिर से नियुक्त होने का पात्र होगा। कूलिंग-ऑफ अवधि के दौरान, उक्त निदेशक एक सदस्य / ग्राहक के अलावा किसी भी अन्य क्षमता / तरीके से यूसीबी से जुड़ा नहीं होगा। हालांकि, यह उसे किसी अन्य बैंक के बोर्ड में निदेशक के रूप में नियुक्त होने से नहीं रोकेगा, यदि अन्यथा पात्र है।
स्पष्टीकरण:
निरंतर कार्यकाल की अवधि की गणना के लिए, यूसीबी के बोर्ड में बिताए गए कुल समय में तीन साल से कम अंतराल के पहले के निदेशक पद की अवधि को शामिल माना जाएगा परंतु तीन साल या उस से ज़्यादा अंतराल के पहले के निदेशक पद की अवधि को छोड़ा जाएगा।“
(सेंटा जॉय)
मुख्य महाप्रबंधक |