आरबीआई/डीजीबीए/2026-27/399
सीओ.डीजीबीए.जीबीडी.सं.एस43/31.02.007/2026-27
30 अप्रैल 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक [एजेंसी बैंकों (एबी) द्वारा सरकारी पेंशन का संवितरण] निदेश, 2026 (24 जून 2026 तक अद्यतित)
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 20, 21 और 21A के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (इसके बाद 'आरबीआई' या 'रिज़र्व बैंक' के रूप में संदर्भित) केंद्र और राज्य सरकारों के बैंकर के रूप में कार्य करता है। रिज़र्व बैंक, अपने स्वयं के कार्यालयों तथा सार्वजनिक हित और बैंकिंग विकास की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, 'भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934' की धारा 45 के तहत आपसी समझौते के आधार पर नियुक्त 'एजेंसी बैंकों' के कार्यालयों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के सामान्य बैंकिंग कारोबार का निष्पादन करता है। रिज़र्व बैंक, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बैंकर के रूप में अपनी भूमिका में, सरकारी कामकाज के निर्बाध संचालन के लिए एजेंसी बैंकों को निम्नलिखित अनुदेश/ निदेश जारी करता है।
अध्याय I – प्रस्तावना
ए. संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ
1. इन निदेशों को भारतीय रिज़र्व बैंक [एजेंसी बैंकों (एबी) द्वारा सरकारी पेंशन का संवितरण] निदेश, 2026 कहा जाएगा।
2. ये निदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
बी. प्रयोज्यता
3. ये निदेश उन एजेंसी बैंकों पर लागू होंगे जो केंद्र सरकार (कें.स.) और राज्य सरकार (रा.स.) पेंशन के वितरण के लिए अधिकृत हैं।
सी. परिभाषाएं
4. इस मास्टर निदेश में, जब तक कि संदर्भ अन्यथा आवश्यक न हो, यहां दिये गए शब्दों को उन्हें नीचे दिए गए अर्थ दिए जाएंगे:
(1) 'एबी' का अर्थ है सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी), अनुसूचित निजी क्षेत्र के बैंक (पीवीबी), अनुसूचित भुगतान बैंक (पीबी) और अनुसूचित लघु वित्त बैंक (एसएफबी) जिन्हे आरबीआई, अधिनियम, 1934 की धारा 45 के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कें.स./ रा.स. के सरकारी बैंकिंग कारोबार को करने के लिए आपसी समझौते से नियुक्त किए गए हैं।
(2) 'जीवन प्रमाण' का अर्थ है कें.स., रा.स. या किसी अन्य सरकारी संगठन के पेंशनभोगियों के लिए बायोमेट्रिक सक्षम डिजिटल सेवा।
अन्य सभी अभिव्यक्तियों का वही अर्थ होगा जो उन्हें लागू अधिनियमों, नियमों/विनियमों के तहत निर्दिष्ट गया है, या किसी भी वैधानिक संशोधन या पुन: अधिनियमन के तहत या वाणिज्यिक भाषा में उपयोग किया जाता है, जैसा भी मामला हो।
अध्याय II – सरकारी आदेशों का कार्यान्वयन
ए. महंगाई राहत (डीआर) आदि पर सरकारी आदेश इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं
5. महंगाई राहत आदेश जारी करने और लाभार्थी को महंगाई राहत के भुगतान के बीच के समय अंतराल को कम करने और वरिष्ठ नागरिकों को त्वरित सेवा प्रदान करने के लिए, आरबीआई के माध्यम से महंगाई राहत आदि के संबंध में संबंधित सरकारी आदेशों को एबी को अग्रेषित करने की प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है इसलिए, एबी सरकार द्वारा उन्हें पोस्ट, फैक्स, ई-मेल आदि के माध्यम से प्रदान किए गए सरकारी आदेशों की प्रतियों के आधार पर और/या नियमित रूप से सरकारी वेबसाइटों से प्राप्त कर तेजी से कार्य करेंगे।
बी. एबी द्वारा सरकार के आदेशों का त्वरित कार्यान्वयन
6. सभी एबी, सरकार (केंद्र और राज्यों) की विभिन्न अधिसूचनाओं में निहित सभी आदेशों का सावधानीपूर्वक पालन करेंगे और आरबीआई से किसी अतिरिक्त अनुदेश की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
सी. एबी द्वारा पेंशन वितरण का समय
7. एबी संबंधित पेंशन स्वीकृति प्राधिकरणों (पीएसए) द्वारा दिए गए आदेशों के आधार पर पेंशनभोगियों के खातों में पेंशन राशि जमा करेंगे।
अध्याय III – अतिरिक्त पेंशन भुगतान की वसूली और वापसी
बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी कर्मचारी की पेंशन से अतिरिक्त राशि की वसूली, पेंशनभोगी की जानकारी और सहमति के बिना, या पूर्व नोटिस जारी किए बिना न की जाए। इसके अलावा, ऐसी कोई भी वसूली लागू सेवा नियमों और ऊपर चर्चा किए गए सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए।
बैंक पेंशनभोगी से एक वचन-पत्र ले सकते हैं, जिसमें यह लिखा हो कि यदि पेंशनभोगी के खाते में अधिक पेंशन जमा हो जाती है, तो बैंक से उचित सूचना मिलने पर पेंशनभोगी उसे बैंक को वापस करने के लिए बाध्य होंगे।
ए. एजेंसी बैंक द्वारा त्रुटियाँ
8. (i) जब भी बैंक की त्रुटियों जैसे कि लिपिकीय त्रुटियों, अंकगणितीय गणनाओं में गलती या प्रासंगिक निदेशों के गलत अनुप्रयोग के कारण, पेंशनभोगी को अतिरिक्त/गलत पेंशन भुगतान किया जाता है, तो उसका पता चलते ही तत्काल उस पूरी राशि को एकमुश्त सरकारी खाते में जमा कर दिया जाना चाहिए।
(ii) पेंशनभोगी को किए गए ऐसे अतिरिक्त/गलत पेंशन भुगतानों की वसूली के लिए बैंकों द्वारा अनुसरण की जाने वाली व्यापक प्रक्रिया अनुबंध III में दी गई है।
(iii) बैंक को पेंशनभोगियों को की गई अतिरिक्त/गलत पेंशन भुगतान की वसूली के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति (जिसमें वह कट-ऑफ अवधि भी शामिल होगी जिसके बाद कोई वसूली नहीं की जाएगी) लागू करनी चाहिए, उचित परिचालन प्रक्रिया/निदेश जारी करने चाहिए, एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित करना चाहिए और उनका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।
बी. सरकार द्वारा त्रुटियाँ
9. जब भी सरकारी त्रुटियों के कारण पेंशन का अधिक या गलत भुगतान किया जाता है, तो बैंक सरकार से प्राप्त निर्देशों के आधार पर वसूली करेंगे, यह मानते हुए कि सरकार ने न्यायालय के आदेशों सहित कानून द्वारा परिकल्पित सभी आवश्यकताओं का अनुपालन किया है। हालाँकि, यदि किसी पेंशनभोगी के खाते की शेष राशि से वसूली की जानी है (जो महीने में देय पेंशन की राशि से भिन्न है), तो ग्राहक की स्पष्ट सहमति/प्राधिकरण बैंक के पास उपलब्ध होना चाहिए और इसे बैंक के अभिलेखों में रखा जाना चाहिए। यदि सरकार द्वारा जारी निर्देशों के संबंध में कोई संदेह उत्पन्न होता है, तो बैंक को इस मामले को भारतीय रिज़र्व बैंक को सूचित किए बिना, संबंधित सरकार के साथ उठाना चाहिए।
अध्याय IV – वृद्ध/बीमार/विकलांग/अक्षम पेंशनभोगियों द्वारा पेंशन की वापसी
ए. पेंशन आहरण के बारे में दिशा-निदेश
10. पेंशन/ पारिवारिक पेंशन के आहरण में बीमार और दिव्यांग पेंशनभोगियों के सामने आने वाली समस्याओं/ कठिनाइयों का ध्यान रखने के लिए, एबी ऐसे पेंशनभोगियों को निम्नानुसार वर्गीकृत करेंगे:
(ए) पेंशनभोगी जो चेक पर हस्ताक्षर करने के लिए बहुत बीमार है/शाखा में शारीरिक रूप से उपस्थित होने में असमर्थ है, लेकिन चेक/आहरण फॉर्म पर अपने अंगूठे का चिन्ह लगा सकता है।
(बी) पेंशनभोगी जो न केवल शाखा में शारीरिक रूप से उपस्थित होने में असमर्थ है, बल्कि किसी शारीरिक दोष/अक्षमता के कारण चेक/आहरण फॉर्म पर अपने अंगूठे का चिन्ह लगाने में भी सक्षम नहीं है।
11. ऐसे वृद्ध/अस्वस्थ /अक्षम पेंशनभोगियों को अपने खातों का संचालन करने में सक्षम बनाने के लिए, एबी निम्नानुसार प्रक्रिया का पालन करेंगे:
(ए) जहां कहीं भी वृद्ध/बीमार पेंशनभोगी के अंगूठे या पैर के अंगूठे का चिन्ह प्राप्त होता है,
(बी) जहां पेंशनभोगी अपने अंगूठे/पैर के अंगूठे का चिन्ह भी नहीं लगा सकता है और बैंक में शारीरिक रूप से उपस्थित होने में भी असमर्थ है, चेक/आहरण फॉर्म पर एक चिन्ह प्राप्त किया जा सकता है, जिसकी दो स्वतंत्र गवाहों द्वारा जानी चाहिए, जिनमें से एक जिम्मेदार बैंक अधिकारी होना चाहिए
(सी) पेंशनभोगी को बैंक को यह बताने के लिए भी कहा जा सकता है कि उपरोक्त प्राप्त चेक/आहरण फॉर्म के आधार पर बैंक से राशि कौन निकालेगा और उस व्यक्ति की पहचान दो स्वतंत्र गवाहों द्वारा की जानी चाहिए। जो व्यक्ति बैंक से पैसा ले रहा होगा, उसे बैंक को अपने हस्ताक्षर प्रस्तुत करने के लिए कहा जाना चाहिए
(डी) यदि पेंशनभोगी दोनों हाथो के अभाव के कारण हस्ताक्षर करने मे असमर्थ हैं, तो AIR 1950 – Supreme Court, 265 में प्रकाशित सर्वोच्च न्यायालयके फैसले का संदर्भ लिया जा सकता है, जिसमें कहा गया है कि हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति और हस्ताक्षरकर्ता के बीच शारीरिक संपर्क होना आवशयक है, और हस्ताक्षर चिन्ह के माध्यम से भी किया जा सकता है। यह चिह्न व्यक्ति द्वारा किसी भी तरीके से लगाया जा सकता है। यह पैर के अंगूठे का निशान हो सकता है, जैसा कि सुझाया गया है। यह किसी चिह्न के माध्यम से भी हो सकता है जिसे कोई भी व्यक्ति हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति की ओर से लगा सकता है, यह चिह्न किसी ऐसे उपकरण द्वारा लगाया जाता है जिसका
पैरा 11 (ए) और 11 (बी) में निर्दिष्ट जिम्मेदार बैंक अधिकारी उसी बैंक से होना चाहिए, अधिमानतः उसी शाखा से, जहां पेंशनभोगी का पेंशन खाता है।
बी. बैंक शाखाओं में अनुदेशों का प्रदर्शन
12. एबी की शाखाओं को इस संबंध में जारी अनुदेशों को अपने नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना चाहिए ताकिअस्वस्थ और विकलांग पेंशनभोगी इन सुविधाओं का पूरा उपयोग कर सकें। एबी अस्वस्थ और विकलांग व्यक्तियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के संबंध में आरबीआई द्वारा जारी किए गए अनुदेशों को सख्ती से लागू करेंगे, इस मामले में स्टाफ सदस्यों को संवेदनशील बनाए जाएंगे, और किसी भी संदेह के मामले में हमारी वेबसाइट (www.rbi.org.in) पर होस्ट 'सरकारी पेंशनभोगियों को पेंशन का भुगतान' पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) का संदर्भ लेंगे।
अध्याय V - पेंशन भुगतान की प्रतिपूर्ति
13. एबी की लिंक शाखाएं कें.स./ रा.स. पेंशन भुगतान के लिए क्रमशः केंद्रीय लेखा अनुभाग (सीएएस), नागपुर, और आरबीआई/संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों (आरओ) के सरकारी बैंकिंग प्रभागों (जीबीडी) को प्रतिपूर्ति के दावे प्रस्तुत करेंगी।
14. प्रतिपूर्ति दावों के त्वरित निपटान और समाधान की सुविधा के लिए एकल विंडो प्रणाली (एसडब्ल्यूएस) शुरू की गई थी। इसका मूल उद्देश्य प्रत्येक पेंशन भुगतान करने वाले बैंक को स्वयं निपटान करने के लिए उत्तरदायी बनाना है, जिससे आरबीआई कार्यालयों के हस्तक्षेप की आवश्यकता समाप्त हो और प्रतिपूर्ति दावों में देरी का कारण खत्म हो सके।
अध्याय VI – जीवन प्रमाण पत्र
ए. पावती जारी करना
15. पेंशनभोगियों को आने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए, एबी अनिवार्य रूप से जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए विधिवत हस्ताक्षरित पावती जारी करें। एबी अपने कोर बैंकिंग समाधान (सीबीएस) में जीवन प्रमाण पत्र की प्राप्ति को अद्यतन करने पर भी विचार करें और एक सिस्टम-जनित पावती जारी करें जो पावती के साथ-साथ अभिलेखों के वास्तविक समय-अद्यतन के दोहरे उद्देश्य को पूरा करेगा। एबी पेंशनभोगी द्वारा जमा किए गए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के संबंध में डिजिटल पावती प्रदान करें।
बी. जीवन प्रमाण
16. आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर आधारित केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO), वित्त मंत्रालय (MoF), भारत सरकार (GoI) द्वारा जारी किए गए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र 'जीवन प्रमाण', ने जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है, जिससे पेंशन वितरण में सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित होती है है। एबी 14 नवंबर 2014 के कार्यालय ज्ञापन में निहित आदेशों को देखेंगे, जो सीपीएओ द्वारा सभी एबी और रा.स./केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को जारी किए गए हैं, जिनमें समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। विभिन्न कें.स. मंत्रालयों (जैसे, रेल मंत्रालय, डाक विभाग, आदि) के पेंशन विनियमों में इसी प्रकार के संशोधनों को भी संदर्भित किया जाए। सरकारी पेंशन का वितरण करने वाले सभी एबी इस योजना को लागू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें और अपनी सभी संबंधित शाखाओं और डीलिंग स्टाफ को आवश्यक अनुदेश जारी करें। सभी एबी अपनी शाखाओं, वेबसाइटों और अन्य माध्यमों से अपने पेंशनभोगियों-ग्राहकों के बीच 'जीवन प्रमाण' के बारे में जागरूकता पैदा करने की दिशा में काम करें। एबी अपनी संबंधित वेबसाइटों पर पोस्ट किए गए पेंशन भुगतान पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों में भी उपयुक्त संशोधन करेंगे और 'जीवन प्रमाण' की वेबसाइट का लिंक प्रदान करें।
अध्याय VII - ग्राहक सेवा
ए. पेंशन खातों को अनुरक्षित रखने वाली शाखाओं की भूमिका
17. एबी शाखा, जो पेंशन खातों का अनुरक्षण करती है और पेंशन की गणना भी करती है, पेंशनभोगी के लिए संदर्भ बिंदु बनी रहनी चाहिए।
बी. पेंशनभोगियों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार
18. पेंशन खातों को अनुरक्षित रखने वाली सभी शाखाओं को एबी के साथ अपने सभी व्यवहारों में पेंशनभोगियों का मार्गदर्शन और सहायता करनी चाहिए।
19. पेंशन वितरित करने वाले सभी एबी, पेंशनभोगियों को विचारशील और सहानुभूतिपूर्ण ग्राहक सेवा प्रदान करें, विशेष रूप से उन पेंशनभोगियों को जो वृद्धावस्था के हैं।
सी. ग्राहक सेवा पर प्रभाकर राव समिति की सिफारिशों का पालन
20. सभी एबी अपनी डीलिंग शाखाओं को अनुदेश जारी करें कि वे पेंशन भुगतान से संबन्धित प्रभाकर राव समिति की सिफारिशों का पालन करें। निरीक्षण अधिकारियों/लेखा परीक्षकों को एक जांचसूचीउपलब्ध कराई जाये, जिसमें कम से कम, अनुलग्नक 1 में दिए गए उदाहरणात्मक मदें शामिल हो। एबी अपने आंतरिक लेखा परीक्षकों/ निरीक्षकों को यह भी अनुदेश देंगे कि वे पेंशनभोगियों को दी जाने वाली ग्राहक सेवा की गुणवत्ता पर अपनी रिपोर्ट में टिप्पणी करें, जिसे रिज़र्व बैंक के निरीक्षण अधिकारियों को शाखाओं के दौरे के समय उपलब्ध कराया जाए।
डी. नोडल अधिकारियों (एनओ) की नियुक्ति
21. पेंशनभोगियों को निर्बाध सेवा प्रदान करने के लिए, नियमित बातचीत और शिकायतों के निपटान के लिए एक मंच होना चाहिए। तदनुसार, एबी को नियमित आधार पर पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान की निगरानी के लिए प्रत्येक क्षेत्र/जोन में एक/दो एनओ नियुक्त करने चाहिए और संबंधित महाप्रबंधक (जीएम)/मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) को मासिक अंतराल पर स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।
22. केंद्रीकृत पेंशन प्रसंस्करण केंद्र (सीपीपीसी) के बाहर के स्थानों पर, पेंशन से संबंधित शिकायतों के लिए नामित एनओ (नोडल ऑफिसर) होने चाहिए, जो (ए) पेंशनभोगियों के लिए आसानी से उपलब्ध होने चाहिए, और (बी) उन्हें पेंशन अदालत की तर्ज पर अपने अधिकार क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर नियमित बैठकें आयोजित करें प्रत्येक एबी को प्रश्नों का उत्तर देने, शिकायतों को नोट करने और निवारण करने के लिए डेटाबेस के साथ प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा संचालित टोल-फ्री समर्पित पेंशन लाइन स्थापित करनी चाहिए।
ई. पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद 'दोनों में से कोई एक या उत्तरजीवी' पेंशन खाते को जारी रखना
23. यदि पति या पत्नी (पारिवारिक पेंशनभोगी) पारिवारिक पेंशन जमा करने के लिए मौजूदा संयुक्त खाते का विकल्प चुनते हैं, तो पेंशनभोगी की मृत्यु केउपरांत पारिवारिक पेंशन जमा करने के लिए नया खाता खोलने पर ए बी द्वारा जोर नहीं दिया जाना चाहिए।
एफ़. पासबुक पर पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) संख्याएं दर्ज करना
24. सभी एबी पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों की सभी पेंशन पासबुक में पीपीओ संख्याएं दर्ज करेंगे ताकि पेंशनभोगियों/ पारिवारिक पेंशनभोगियों द्वारा (ए) मूल पीपीओ गुम होने के मामलों में (बी) पेंशन खाते को एक बैंक/शाखा से दूसरे बैंक/शाखा में और (सी) पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद पति या पत्नी या आश्रित बच्चों को पारिवारिक पेंशन आदि
जी. पेंशन पर्ची जारी करना
25. पेंशनभोगियों को (ए) पेंशन शुरू होने पर, और (बी) जब भी पेंशन की राशि में कोई परिवर्तन हो, पेंशन पर्चियाँ जारी की जानी चाहिए।
एच. पेंशन/बकाया राशि का समय पर भुगतान
26. संशोधित पेंशन और बकाया राशि का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए, एबी के पास पीपीए से पेंशन आदेशों की प्रतियां तुरंत प्राप्त करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए ताकि पेंशनभोगियों को अगले माह के पेंशन भुगतान में ही सरकारों द्वारा घोषित लाभ मिल सके। एबी, पेंशन की गणना से संबंधित अंकगणितीय और अन्य विवरण भी वेब पर डालेंगे, ताकि आवश्यकतानुसार समय-समय पर ये विवरण पेंशनभोगियों को इंटरनेट के माध्यम से या शाखाओं में उपलब्ध कराए जा सकें, और ऐसी व्यवस्थाओं के बारे में पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
आई. पेंशन/बकाया राशि जमा करने में देरी के लिए मुआवजा
27. यदि एबी की त्रुटि के कारण पेंशन/बकाया जमा करने में विलंब होता है, तो एबी को भुगतान की नियत तिथि के बाद विलंब की अवधि के लिए 8 प्रतिशत प्रति वर्ष की निश्चित ब्याज दर पर पेंशनभोगी को क्षतिपूर्ति करनी चाहिए। यह मुआवजा राशि पेंशनभोगी के किसी भी दावे के बिना, स्वचालित रूप से पेंशनभोगी के खाते में जमा किया जाए।
अध्याय VIII - निरसन प्रावधान
ए. निरसन और बचाव
28. इन निदेशों के जारी होने पर, इन निदेशों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों से संबंधित मौजूदा निदेश, अनुदेश और दिशानिदेश, जो एबी पर लागू होते हैं और अनुबंध 2 में उल्लिखित हैं, निरस्त हो जाते हैं। इन निदेशों को जारी करने से पहले निरस्त किए गए निदेश, अनुदेश और दिशानिदेश निरस्त रहेंगे।
29. इस निरसन के बावजूद, निरस्त निदेशों, अनुदेशों या दिशानिदेशों के तहत की गई या की गई या शुरू की गई कोई भी कार्रवाई उसके प्रावधानों द्वारा शासित होगी। इन निरस्त सूचियों के तहत दी गई सभी स्वीकृतियों या स्वीकृतियों को इन निदेशों द्वारा शासित माना जाएगा। इसके अलावा, इन निदेशों, अनुदेशों या दिशानिदेशों को निरस्त करने से निम्न प्रावधान किसी भी तरह से पूर्वाग्रहपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं होंगे:
(ए) इसके अधीन अर्जित, उपार्जित या उपगत कोई अधिकार, दायित्व या देनदारी;
(बी) इसके अधीन किए गए किसी भी उल्लंघन के संबंध में लगाया गया कोई भी जुर्माना, ज़ब्ती या दंड;
(सी) उपर्युक्त किसी भी अधिकार, विशेषाधिकार, दायित्व, जवाबदेही, जुर्माना, ज़ब्ती या सज़ा के संबंध में कोई भी जाँच, कानूनी कार्यवाही या उपाय; और ऐसी कोई भी जाँच, कानूनी कार्यवाही या उपाय शुरू किया जा सकता है, जारी रखा जा सकता है या लागू किया जा सकता है, और ऐसा कोई भी जुर्माना, ज़ब्ती या सज़ा दी जा सकती है, मानो वे निदेश, अनुदेश या दिशानिदेश रद्द न किए गए हों।
बी. अन्य कानून जिनका प्रयोग वर्जित नहीं है
30. इन निदेशों के उपबंध तत्समय लागू किसी अन्य कानूनों, नियमों, विनियमों या निदेशों के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे और उनकी अवहेलना नहीं करेंगे।
सी. व्याख्याएं
31. इन निदेशों के उपबंधों को प्रभावी बनाने के प्रयोजन से या इन निदेशों के उपबंधों के प्रयोग या व्याख्या में आने वाली किसी भी कठिनाई को दूर करने के लिए, भारतीय रिज़र्व बैंक, यदि आवश्यक समझे, तो इसमें शामिल किसी भी मामले के संबंध में आवश्यक स्पष्टीकरण जारी कर सकता है और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा दिए गए इन निदेशों के किसी भी प्रावधान की व्याख्या अंतिम और बाध्यकारी होगी।
(सिवाकुमार बोस)
मुख्य महाप्रबंधक
अनुलग्नक I
आंतरिक / समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए सरकारी कारोबार (पेंशन से संबंधित) से संबंधित जांचसूची (उदाहरण)
आंतरिक निरीक्षण को पेंशनभोगी ग्राहकों की सेवा में शाखा के प्रदर्शन का आकलन करना चाहिए। इस संबंध में, अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित भी सुनिश्चित किया जाएगा:
1. पेंशन भुगतान के सभी पहलुओं को शामिल करने वाली एक विशिष्ट प्रश्नावली पेंशन भुगतान शाखाओं के निरीक्षण के दौरान उपयोग के लिए तैयार की जाएगी।
2. निरीक्षण अधिकारी निरीक्षण के दौरान, पेंशनभोगियों को यादृच्छिक रूप से संपर्क साधेंगे और पेंशन से संबंधित सेवाओं से उनकी संतुष्टि के बारे में पूछताछ करेंगे।
3. पेंशन भुगतान/सरकारी कारोबार के संबंध में भारत सरकार द्वारा गठित प्रभाकर राव समिति की सिफारिशों का अनुपालन करने के लिए बैंकों द्वारा आंतरिक लेखा परीक्षकों/निरीक्षकों को पेंशन भुगतान/सरकारी कार्य से संबंधित एक विस्तृत जांचसूची दी जाएगी।
इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
(ए) क्या पेंशन, संशोधित पेंशन, महंगाई राहत के भुगतान आदि में विलंब हो रहा है?
(बी) क्या शाखा प्रबंधक, जहां सभी सरकारों और विभागों के पेंशनभोगियों की संख्या एक निश्चित संख्या, जैसे कि 100 या 200 से अधिक है, ने शाखा में सेवा प्राप्त पेंशनभोगियों के एक क्रॉस सेक्शन के साथ तिमाही आधार पर संरचित बातचीत की है?
(सी) क्या सभी पेंशन खातों के लिए नामांकन प्राप्त कर लिए गए हैं और पेंशनभोगियों को जारी की गई मासिक पेंशन पर्चियों पर स्थिति दर्शाई जा रही है?
(डी) क्या पेंशन खातों को, जहां भी लागू हो, संयुक्त खातों में परिवर्तित कर दिया गया है?
(ई) क्या बैंक शाखा में एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र है, और पेंशनभोगियों की शिकायतों पर तुरंत ध्यान दिया जाता है, और उनकी शिकायतों का शीघ्रता से निवारण किया जाता है?
(एफ़) क्या मार्च माह को छोड़कर, जिसके लिए पेंशन अप्रैल के पहले कार्य दिवस को या उसके बाद जमा की जानी है, माह के अंतिम चार कार्य दिवसों के दौरान पेंशनभोगी के खाते में पेंशन जमा की जाती है?
(जी) क्या पेंशन भुगतान करने वाली शाखा प्रत्येक वर्ष नवंबर के माह में पेंशनभोगियों से जीवन प्रमाण पत्र/गैर-रोजगार प्रमाण पत्र/रोजगार प्रमाण पत्र प्राप्त करती है?
(एच) जहां भी लागू हो, क्या पेंशन भुगतान से स्रोत पर आयकर काटा जा रहा है?
(आई) क्या प्रस्तुत किए गए चेकों की पावती में पेपर टोकन हमेशा कर संग्रह करने वाली शाखाओं द्वारा दिए जाते हैं?
(जे) क्या चालान पर बैंक का बीएसआर कोड और चालान पहचान संख्या (सीआईएन) स्पष्ट रूप से अंकित है?
(के) क्या मुहर लगे चालान को बैंक के कर्मचारियों की अभिरक्षा में रखा जाता है और केवल पेपर टोकन के उत्पादन पर संबंधित करदाता को सौंपा जाता है?
अनुलग्नक II
मास्टर निदेशों द्वारा निरस्त किए गए परिपत्रों की सूची
| क्र.सं. |
परिपत्र सं. |
दिनांक |
विषय |
| 1 |
DGBA.GAD.No.130/45.01.001/2002-03 |
30.08.2002 |
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा केंद्र सरकार के सिविल पेंशनभोगियों को किए गए पेंशन भुगतानों की प्रतिपूर्ति के लिए एकल विंडो प्रणाली |
| 2 |
DGBA.GAD.No H-506/45.01.001/2002-03 |
12.04.2003 |
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से सरकारी पेंशनभोगियों को पेंशन का भुगतान – पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) के भुगतान में देरी को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम – भारतीय रिज़र्व बैंक के माध्यम से महंगाई राहत आदि से संबंधित सरकारी आदेशों को आगे भेजने की प्रक्रिया को बंद करना। |
| 3 |
DGBA.GAD.No11303/45.01.003/2005-06 |
06.02.2006 |
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से पेंशन का वितरण – महंगाई राहत (DR) का भुगतान |
| 4 |
DGBA.GAD.No.H-10975/45.05.031/2006-07 |
09.01.2007 |
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से केंद्र सरकार की पेंशन का वितरण – पेंशन पर्ची जारी करना |
| 5 |
DGBA.GAD.No.H-3085/45.01.001/2008-09 |
01.10.2008 |
प्रभाकर राव समिति की ग्राहक सेवा – पेंशन भुगतान संबंधी सिफ़ारिशें। |
| 6 |
DGBA.GAD.No H-3078/45.01.001/2008-09 |
01.10.2008 |
केंद्रीकृत पेंशन प्रसंस्करण केंद्र (CPPC) की स्थापना। |
| 7 |
DGBA.GAD.No.H-7652/45.05.031/2008-09 |
03.03.2009 |
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा केंद्र सरकार के सिविल/रक्षा/रेलवे/दूरसंचार/स्वतंत्रता सेनानी/राज्य सरकारों के पेंशनभोगियों को पेंशन भुगतान की योजना - सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा पेंशन भुगतानों का चरणबद्ध वितरण। |
| 8 |
Ref.DGBA.GAD.No.H-10450/45.03.001/2008-09 |
01.06.2009 |
सरकारी खाते में पेंशन के अधिक भुगतान की वसूली / वापसी। |
| 9 |
Ref.DGBA.GAD.No.H 3194/45.01.001/2009-10 |
14.10.2009 |
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से केंद्रीय सिविल/ रक्षा/ रेलवे/ दूरसंचार पेंशनभोगियों/ स्वतंत्रता सेनानियों/ राज्य सरकारों के पेंशनभोगियों को पेंशन के भुगतान की योजना - वृद्ध/ बीमार/ दिव्यांग/ असमर्थ पेंशनभोगियों द्वारा पेंशन निकालने की सुविधा। |
| 10 |
Ref.DO.No.CSD.CO/8793/13.01.001/200 9-10 |
09.04.2010 |
केंद्रीय/राज्य सरकार के पेंशनभोगियों को एजेंसी बैंकों द्वारा पेंशन भुगतान - विलंब के लिए मुआवजा |
| 11 |
DGBA.GAD.No.H-46/45.01.001/2010-11 |
02.07.2010 |
केंद्र/राज्य सरकार के पेंशनभोगियों को पेंशन भुगतान द्वारा सरकारी एजेंसी बैंक-
देरी के लिए मुआवजा |
| 12 |
DGBA.GAD.No.H-6212&6213/45.01.001/2010-11 |
11.03.2011 |
एजेंसी बैंकों द्वारा केंद्र/राज्य सरकार के पेंशनभोगियों को पेंशन भुगतान - विलंब के लिए मुआवजा |
| 13 |
DGBA.GAD.No.H-6760&6762/45.01.001/2011-12 |
13.04.2012 |
एजेंसी बैंकों द्वारा केंद्र/राज्य सरकार के पेंशनभोगियों को पेंशन भुगतान - विलंब के लिए मुआवजा |
| 14 |
DGBA.GAD.No.H-7386/45.01.001/2012-13 |
03.06.2013 |
केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों को पेंशन का भुगतान - पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद 'दोनों में से कोई एक या उत्तरजीवी' पेंशन खाते को जारी रखना |
| 15 |
DGBA.GAD.No.H-27/45.01.001/2014-15 |
01.07.2014 |
पेंशनभोगियों की शिकायतों का निवारण |
| 16 |
DGBA.GAD.H-2529/45.01.001/2014-15 |
09.12.2014 |
पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की शुरुआत |
| 17 |
DGBA.GAD.No.H4054/45.03.001/2014-15 |
13.03.2015 |
सरकारी खाते में पेंशन के अधिक भुगतान की वसूली / वापसी। |
| 18 |
DGBA.GAD No.H-5013/45.01.001/2014-15 |
07.05.2015 |
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने पर पेंशनभोगियों को पावती जारी करने की अनिवार्यता |
| 19 |
DGBA.GAD.No.2646/31.02.007/2016-17 |
07.04.2017 |
सरकारी बैंकिंग के संचालन हेतु प्रणालियाँ और नियंत्रण |
| 20 |
DGBA.GBD.No.3235/45.01.001/2016-17 |
08.06.2017 |
पेंशनभोगियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों की पासबुक में पीपीओ संख्या दर्ज करना |
| 21 |
DGBA.GBD/1616/15.02.005/2017-18 |
21.12.2017 |
एजेंसी बैंकों द्वारा सरकार के निदेशों का त्वरित कार्यान्वयन |
| 22 |
DGBA.GBD.No.3214/45.01.001/2017-18 |
21.06.2018 |
एजेंसी बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली ग्राहक सेवा |
| 23 |
DGBA.GBD.No.SUO546/45.01.001/2020-21 |
21.01.2021 |
पेंशनभोगियों को की गई अतिरिक्त पेंशन की वसूली पर - परिपत्रों को वापस लेना |
| 24 |
CO.DGBA.GBD.No.S1/31.02.007/2025-26 |
01.04.2025 |
मास्टर परिपत्र - एजेंसी बैंकों द्वारा सरकारी पेंशन का संवितरण |
अनुलग्नक III
एजेंसी बैंक की त्रुटियों के कारण हुए अतिरिक्त/गलत पेंशन भुगतान की वसूली के लिए एजेंसी बैंकों द्वारा अपनाई जाने वाली विस्तृत प्रक्रिया
1. जैसे ही पेंशन वितरण करने वाले बैंक के संज्ञान में आता है कि पेंशनभोगी को अतिरिक्त/गलत अदायगी कि गयी है, तुरंत एक लिखित नोटिस के माध्यम से पेंशनभोगी को इसकी सूचना दी जानी चाहिए। नोटिस में अतिरिक्त/गलत अदायगी का विवरण, त्रुटि की प्रकृति, प्रस्तावित वसूली विधि और बैंक को अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का अवसर अनिवार्य रूप से शामिल होना चाहिए।
2. वसूली नीचे दी गई विधियों में से एक या अधिक तरीकों द्वारा की जा सकती है, वरीयता के क्रम में:
-
उपलब्ध शेष राशि विधि: वसूली खाते में न्यूनतम सुरक्षित राशि से अधिक खाते में उपलब्ध बचत शेष राशि तक सीमित है।
-
पेंशन से प्रतिशत कटौती विधि: मासिक पेंशन के सहमत प्रतिशत तक कटौती (जैसे, 10-25%)।
-
पेंशनभोगी-अनुरोधित विधि: पेंशनभोगी की आवश्यकतानुसार एकमुश्त या अनुकूलित किश्तें।
3. एक निश्चित समय-सीमा के बाद कोई वसूली शुरू नहीं की जाएगी, जब तक कि:
4. यदि पेंशनभोगी की मृत्यु या पेंशन बंद होने के कारण अतिरिक्त/गलत भुगतान की वसूली पेंशनभोगी से नहीं की जा सकती है, तो पेंशनभोगी द्वारा दिए गए प्राधिकरण पत्र के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। |