बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का लोगो

प्रेस प्रकाशनी


(299 kb )
भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपको होम फाइनेंस लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

12 जून 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपको होम फाइनेंस लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 5 जून 2026 के आदेश द्वारा रेपको होम फाइनेंस लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘उचित व्यवहार संहिता’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 70,000/- (सत्तर हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को कंपनी की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा इसका सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई के निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों तथा उससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

कंपनी आवेदन पत्रों और स्वीकृति पत्रों में जोखिम के वर्गीकरण संबंधी पद्धति और विभिन्न श्रेणियों के उधारकर्ताओं से अलग-अलग ब्याज दर वसूलने के तर्क का प्रकटन करने में विफल रही।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/446

2026
2025
2024
2023
2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष
पिछले पृष्ठ पर वापस जाएं