शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

अधिसूचनाएं


सितंबर 21, 2017
भारतीय रिज़र्व बैंक, 1934 की द्वितीय अनुसूची में "गोपीनाथ पाटिल पारसिक जनता सहकारी बैंक, लिमिटेड,ठाणे" के नाम का “जीपी पारसिक सहकारी बैंक लिमिटेड, कलवा, ठाणे" के रूप में परिवर्तन
अगस्त 16, 2017
शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए कोर बैंकिंग समाधान (सीबीएस) की आवश्यकताएँ
जुलाई 13, 2017
सहकारी बैंकों द्वारा पासबुक/ खाता विवरण में लेनदेन के ब्योरों को दर्ज करना
जुलाई 06, 2017
तेलंगाना राज्य सहकारी एपेक्स बैंक लि., हैदराबाद - भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में समावेश किया जाना
मई 25, 2017
शहरी सहकारी बैंक द्वारा पूर्वदत्‍त भुगतान लि‍खत (प्री-पेड पेमेंट इंस्‍ट्रूमेंटस) जारी करने के लिए विनियामक आवश्कताएँ
अप्रैल 28, 2017
कार्ड लेनदेन के लिए व्यापारी अधिग्रहण पर दिशानिर्देश
नवंबर 14, 2016
वर्तमान के 500 और 1000 रुपए के बैंक नोटों की वैध मुद्रा विशेषता की वापसी : डीसीसीबी के लिए योजना की पात्रता
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