शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

अधिसूचनाएं


सितंबर 19, 2022
अनुपालन कार्य और मुख्य अनुपालन अधिकारी (सीसीओ) की भूमिका - शहरी सहकारी बैंक
अगस्त 12, 2022
वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग - वसूली प्रतिनिधियोंको नियुक्त करने वाली विनियमित संस्थाओं की जिम्मेदारी
अगस्त 11, 2022
अर्हित वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग - विवेकपूर्ण दिशानिर्देशों में संशोधन
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 23 (सहकारी समितियों पर यथा लागू) - जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) द्वारा व्यवसाय के नए स्थान का उद्घाटन
जुलाई 26, 2022
बोर्ड द्वारा अनुमोदित ऋण नीति - अग्रिमों का प्रबंधन - शहरी सहकारी बैंक
जुलाई 13, 2022
डीपीआरके पर यूएनएससीआर 1718 प्रतिबंध समिति द्वारा अपनी प्रतिबंध सूची में एक प्रविष्टि में संशोधन
जुलाई 06, 2022
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 और बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 18 और 24 – एफ़सीएनआर (बी)/एनआरई मीयादी जमा – सीआरआर/एसएलआर के रखरखाव से छूट
जमाराशियों पर ब्याज दर पर मास्टर निदेश - विदेशी मुद्रा (अनिवासी) खाते (बैंक) योजना [एफसीएनआर (ख)] और अनिवासी (बाहरी) रुपया (एनआरई) जमा
जून 23, 2022
मास्टर परिपत्र – शहरी सहकारी बैंकों के लिए आवास वित्त
2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
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2013
2012
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