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2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की गतिविधियां

8 जून 2026

2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान भारत के भुगतान
संतुलन की गतिविधियां

चौथी तिमाही अर्थात् जनवरी-मार्च 2025-26 के लिए भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े, विवरण । और ।। में प्रस्‍तुत किए गए हैं।

2025-26 की चौथी तिमाही में भारत के बीओपी की मुख्य विशेषताएं

  • भारत का चालू खाता अधिशेष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7.1 बिलियन अमरीकी डॉलर (जीडीपी का 0.7 प्रतिशत) रहा, जबकि 2024-25 की चौथी तिमाही में यह 13.7 बिलियन अमरीकी डॉलर (जीडीपी का 1.4 प्रतिशत) था (तालिका 1)1,2

  • 2025-26 की चौथी तिमाही में वाणिज्य वस्तु व्यापार घाटा 83.4 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो 2024-25 की चौथी तिमाही के 59.3 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था।

  • 2025-26 की चौथी तिमाही में निवल सेवा प्राप्तियां एक वर्ष पहले के 53.3 बिलियन अमरीकी डॉलर से बढ़कर 60.4 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गईं।

  • कंप्यूटर सेवाओं और अन्य कारोबारी सेवाओं जैसी प्रमुख श्रेणियों में सेवाओं के निर्यात में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर बढ़ोतरी हुई है।

  • प्राथमिक आय खाते पर शुद्ध व्यय, जो मुख्य रूप से निवेश आय के भुगतान को दर्शाती है, 2025-26 की चौथी तिमाही में घटकर 11.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई, जबकि 2024-25 की चौथी तिमाही में यह 11.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी।

  • द्वितीयक आय खाते के अंतर्गत व्यक्तिगत धन अंतरण प्राप्तियाँ, जो मुख्य रूप से विदेशों में कार्यरत भारतीयों द्वारा किए गए विप्रेषण का प्रतिनिधित्व करती हैं, 2025-26 की चौथी तिमाही में बढ़कर 43.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गईं, जबकि 2024-25 की चौथी तिमाही में यह 33.9 बिलयन अमेरिकी डॉलर थी।

  • वित्तीय लेखा में, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) ने 2025-26 की चौथी तिमाही में 4.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह दर्ज किया, जो 2024-25 की चौथी तिमाही में 0.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।

  • 2025-26 की चौथी तिमाही में विदेशी संविभाग निवेश (एफपीआई) में 12.0 बिलयन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया गया, जो 2024-25 की चौथी तिमाही में 5.9 बिलयन अमेरिकी डॉलर के बहिर्वाह से अधिक है।

  • अनिवासी जमा (एनआरआई जमा) ने 2025-26 की चौथी तिमाही में 3.3 बिलयन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह दर्ज किया, जो 2024-25 की चौथी तिमाही में 2.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।

  • भारत में बाह्य वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) के तहत निवल अंतर्वाह 2025-26 की चौथी तिमाही में 3.6 बिलयन अमेरिकी डॉलर था, जबकि 2024-25 की चौथी तिमाही में यह 7.5 बिलयन अमेरिकी डॉलर था।

  • 2025-26 की चौथी तिमाही में विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि में 7.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (बीओपी के आधार पर) की वृद्धि हुई, जबकि 2024-25 की चौथी तिमाही में 8.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वृद्धि हुई थी (तालिका 1)।

2025-26 के दौरान भारत के बीओपी की मुख्य विशेषताएं

  • भारत का चालू खाता घाटा 2025-26 में 25.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 0.6 प्रतिशत) था, जबकि 2024-25 के दौरान यह 22.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 0.6 प्रतिशत) था (तालिका 1)।

  • 2025-26 में 312.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर की निवल अदृश्य प्राप्तियां3 एक वर्ष पहले 264.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक थीं, जिसका मुख्य कारण निवल सेवा प्राप्तियों और निवल व्यक्तिगत अंतरण रहा।

  • निवल एफडीआई अंतर्वाह 2024-25 में 1.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में 2025-26 में बढ़कर 6.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

  • एफपीआई ने 2025-26 में 16.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया, जबकि एक वर्ष पहले 3.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह हुआ था।

  • 2025-26 में, विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि 23.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर (बीओपी आधार पर) कम हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यह 5.0 बिलयन अमेरिकी डॉलर कम हुआ था।

तालिका 1: भारत के भुगतान संतुलन की प्रमुख मदें
(बिलियन अमेरिकी डॉलर)
  जनवरी-मार्च 2025 पीआर जनवरी-मार्च 2026 पी 2024-25 पीआर 2025-26 पी
जमा नामे निवल जमा नामे निवल जमा नामे निवल जमा नामे निवल
क. चालू खाता 265.1 251.4 13.7 280.5 273.4 7.1 1018.6 1041.6 -22.9 1077.8 1103.0 -25.2
1. वस्तु 116.4 175.8 -59.3 113.1 196.6 -83.4 442.1 729.0 -286.9 446.1 783.4 -337.3
   जिसमें से:                        
     पीओएल 14.1 44.3 -30.2 12.3 38.6 -26.3 63.4 185.8 -122.4 53.8 173.9 -120.1
2. सेवाएं 102.0 48.7 53.3 111.1 50.7 60.4 387.6 198.7 188.8 421.3 204.7 216.6
3. प्राथमिक आय 11.9 23.8 -11.9 12.0 23.2 -11.1 53.4 101.7 -48.3 55.0 103.2 -48.2
4. द्वितीयक आय 34.7 3.2 31.5 44.3 3.0 41.3 135.6 12.1 123.5 155.3 11.7 143.6
ख. पूंजी लेखा और वित्तीय लेखा 255.9 270.3 -14.4 477.9 486.3 -8.4 1156.2 1134.7 21.5 1640.0 1614.6 25.4
   जिसमें से:                        
1. प्रत्यक्ष निवेश 18.5 18.1 0.4 22.5 18.3 4.2 84.2 83.2 1.0 98.3 91.4 6.9
2. पोर्टफोलियो निवेश 126.0 131.8 -5.9 126.2 138.3 -12.0 639.3 635.8 3.6 593.7 610.1 -16.4
3. अन्य निवेश 106.3 98.9 7.4 320.4 304.1 16.2 370.4 336.0 34.3 885.3 849.6 35.7
   जिसमें से:                        
     एनआरआई जमाराशियाँ 26.3 23.5 2.8 28.8 25.5 3.3 104.5 88.4 16.2 101.8 87.4 14.4
     भारत को ईसीबी 15.8 8.3 7.5 10.0 6.4 3.6 48.0 29.5 18.5 35.7 21.5 14.2
4. आरक्षित आस्तियाँ [वृद्धि (-)/कमी (+)] 0.0 8.8 -8.8 0.0 7.2 -7.2 37.7 32.6 5.0 35.3 11.7 23.6
ग. भूल-चूक (-) (क+ख) 0.8 0.0 0.8 1.3 0.0 1.3 1.4 0.0 1.4 0.0 0.1 -0.1
पीआर: आंशिक रूप से संशोधित; और पी: प्रारंभिक।
नोट: पूर्णांकन के कारण उप घटकों का योग कुल योग से भिन्न हो सकता है।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/412


1 सीमा शुल्क के आंकड़ों में वस्तु आयात के ऊर्ध्वगामी संशोधन के कारण 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए चालू खाता घाटा 13.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) से संशोधित होकर 15.5 अरब अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.5 प्रतिशत) हो गया है।

2 दीर्घावधि समय शृंखला आंकड़ों के लिए, कृपया देखें: DBIE (https://data.rbi.org.in) › Statistics › External Sector › International Trade › Quarterly/Yearly।

3 निवल अदृश्य प्राप्तियों में सेवाएं, प्राथमिक आय और द्वितीयक आय खाते शामिल होते हैं।


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