21 मई 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने एकेजी इनफिन प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 18 मई 2026 के आदेश द्वारा एकेजी इनफिन प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी 'शेयरधारिता या नियंत्रण का अधिग्रहण' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1.80 लाख (एक लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
आरबीआई और कंपनी के बीच हुए पत्राचार से, जो नए निवेशकों द्वारा कंपनी की चुकता इक्विटी पूंजी के 26% से अधिक की शेयरधारिता / नियंत्रण के अधिग्रहण के लिए 'कार्योत्तर अनुमोदन' से संबंधित था, यह पता चला कि आरबीआई के निदेशों का पालन नहीं किया गया है। उक्त के आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि आरबीआई निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर कंपनी के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:
कंपनी अपनी चुकता इक्विटी पूंजी के 26 प्रतिशत से अधिक शेयरधारिता में बदलाव से पूर्व आरबीआई से लिखित अनुमति प्राप्त करने में विफल रही थी।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/304
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