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भारतीय रिज़र्व बैंक ने एपनिट टेक्नॉलॉजीस प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

15 मई 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने एपनिट टेक्नॉलॉजीस प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 11 मई 2026 के आदेश द्वारा एपनिट टेक्नॉलॉजीस प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' और ‘पूर्वदत्त भुगतान लिखत (पीपीआई)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 5.80 लाख (पाँच लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, संदाय और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 26(6) के साथ पठित धारा 30(1) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

अप्रैल 2024 से अगस्त 2025 की अवधि के संदर्भ में आरबीआई द्वारा कंपनी का सांविधिक निरीक्षण किया गया था। आरबीआई निदेशों के प्रावधानों के अननुपालन और तत्संबंधी पत्राचार के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि आरबीआई निदेशों के उक्त प्रावधानों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर और इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

(i) कंपनी ने आधार-ओटीपी आधारित ई-केवाईसी का उपयोग करके खोले गए पीपीआई खातों को, केवाईसी निदेशों के अनुसार पहचान किए बिना एक वर्ष से अधिक समय तक जारी रखने की अनुमति दी।

(ii) कंपनी, खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा के लिए एक प्रणाली तैयार करने में विफल रही।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/268


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