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अधिसूचनाएं

परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों में विदेशी निवेश (Foreign Investment in ARCs)

भारिबैंक/2013 -14/191
ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 28

19 अगस्त 2013

विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक

महोदया/महोदय

परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों में विदेशी निवेश (Foreign Investment in ARCs)

प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान, समय-समय पर, यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.20 के जरिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर के निवासी किसी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2000 और 11 नवंबर 2005 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 16 की ओर आकृष्ट किया जाता है।

2. उपर्युक्त परिपत्र के अनुसार :

(ए) परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों की ईक्विटी पूंजी में कतिपय शर्तों के तहत 49% तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी गयी थी। हालांकि, परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों की ईक्विटी पूंजी में विदेशी संस्थागत निवेशकों को निवेश करने की अनुमति नहीं दी गयी थी; और

(बी) विदेशी संस्थागत निवेशकों को प्रतिभूति रसीदों (SRs) की योजना की प्रत्येक श्रृंखला में 49% तक निवेश करने की सामान्य अनुमति प्रदान की गयी थी, बशर्ते किसी एक विदेशी संस्थागत निवेशक का प्रतिभूति रसीदों (SRs) की योजना की प्रत्येक श्रृंखला में निवेश निर्गम के 10% से अधिक न हो।

3. इस नीति की समीक्षा की गयी थी और इस संबंध में निम्नवत निर्णय लिया गया है:

i. परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की 49% की उच्चतम सीमा को बढ़ाकर 74% कर दिया गया है, बशर्ते कोई भी प्रवर्तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश अथवा विदेशी संस्थागत निवेश मार्ग से किसी भी परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी में 50% से अधिक की शेयरधारिता धारण नहीं कर सकता है। परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों में विदेशी निवेश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति की प्रवेश मार्ग संबंधी शर्तों और सेक्टोरल कैप के अनुरूप होना जरूरी है।

ii. परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी में विदेशी निवेश की 74% की सीमा, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और संस्थागत विदेशी निवेश के लिए संयुक्त सीमा होगी। इस प्रकार परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों में विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा निवेश करने पर प्रतिबंध हट जाएगा। किसी एक विदेशी संस्थागत निवेशक की कुल शेयरधारिता कुल प्रदत्त पूंजी के 10% से अधिक नहीं होगी।

iii. प्रतिभूति रसीदों में विदेशी संस्थागत निवेश की सीमा परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों द्वारा जारी प्रतिभूति रसीदों की प्रत्येक श्रृंखला के प्रदत्त मूल्य के 49% से बढ़कार 74% की जाती है। इसके अलावा, परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों द्वारा जारी प्रतिभूति रसीदों की प्रत्येक श्रृंखला में एक विदेशी संस्थागत निवेशक के लिए 10% निवेश की एकल सीमा समाप्त की जाती है। ऐसे निवेश, समय-समय पर, कार्पोरेट बांडों में विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा निवेश के लिए निर्धारित सीमा में होने चाहिए और जो वर्तमान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश विनियमाली के अंतर्गत सेक्टोरल कैप के अनुरूप हों।

4. वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस संबंध में जारी 21 दिसंबर 2012 की प्रेस प्रकाशनी की प्रतिलिपि संलग्न है ।

5. भारतीय रिज़र्व बैंक ने अब विनियमावली में संशोधन कर दिया है और 29 मई 2013 के जीएसआर सं.344(ई) के जरिए 7 जनवरी 2013 की अधिसूचना सं.फेमा.254/2013-आरबी के द्वारा  उसे अधिसूचित किया है ।

6. प्राधिकृत व्यापारी बैंक इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों को अवगत कराएं।

7. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और 11(1) के अंतर्गत और किसी अन्य विधि के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना जारी किये गये हैं।

भवदीय

(रुद्र नारायण कर)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक


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