भारिबैं/2026-27/104
विवि.आरईटी.आरईसी.86/12.01.001/2026-27
08 जून 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक
चलनिधि अनुपात) द्वितीय संशोधन निदेश 2026
कृपया 5 जून 2026 के गवर्नर के वक्तव्य का संदर्भ लें, जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि और अधिकतम पांच वर्ष की अवधि के लिए जुटाई गई नवीन विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) [एफसीएनआर (बी)] डॉलर निधि के लिए अमेरिकी डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा शुरू की जाए।
2. इस संबंध में, कृपया भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) निदेश 2025 (22 जनवरी 2026 को अद्यतन) का संदर्भ लें। यह निर्णय लिया गया है कि इस संशोधन निदेश की तारीख से 30 सितंबर 2026 तक बैंकों द्वारा जुटाई गई नवीन एफसीएनआर (बी) जमाराशियों को न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि और अधिकतम पांच वर्ष की अवधि (परिपक्वता पर नवीनीकृत जमाराशियों सहित) के लिए सीआरआर और एसएलआर बनाए रखने से छूट दी जाएगी।
3. तदनुसार, बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 35ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42 तथा बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 18 और 24 के साथ पठित धारा 56 (एएसीएस), समय-समय पर यथासंशोधित तथा इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक को सक्षम बनाने वाले अन्य सभी प्रावधानों/कानूनों के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक संतुष्ट है कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक और समीचीन है, इसलिए वह एतद्द्वारा निर्दिष्ट निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी करता है।
4. इन निदेशों को भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) द्वितीय संशोधन निदेश 2026 कहा जाएगा।
5. ये प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
6. ये संशोधन निदेश भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) निदेश 2025 में निम्नलिखित आशोधन करते हैं:
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पैरा 21 में, निम्न उप-पैरा डाला जाएगा “5. बैंकों द्वारा 8 जून 2026 और 30 सितंबर 2026 के बीच जुटाई गई नवीन एफसीएनआर (बी) जमाराशियों को न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि और अधिकतम पांच वर्ष की अवधि (परिपक्वता पर नवीनीकृत जमा राशियों सहित) के लिए 1 जुलाई 2026 (अर्थात, 15 जून 2026 को एनडीटीएल गणना के आधार पर) से शुरू होने वाले रिपोर्टिंग पखवाड़े और उसके बाद के पखवाड़े से सीआरआर बनाए रखने से छूट दी गई है। मूल जमाराशि के लिए आरक्षित निधि को बनाए रखने से छूट तब तक उपलब्ध है जब तक कि जमाराशि बैंक बहियों में रखी जाती है”।
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पैरा 29 (4) में, 'पैरा 21 (3) और (4)' शब्दों को 'पैरा 21 (3), (4) और (5)' से प्रतिस्थापित किया जाएगा।
भवदीय,
(मनोरंजन पाढ़ी)
मुख्य महाप्रबंधक |