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भारतीय रिज़र्व बैंक ने मिंटिफी फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

22 मई 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने मिंटिफी फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 15 मई 2026 के आदेश द्वारा मिंटिफी फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के प्रावधानों के अननुपालन के लिए 3.10 लाख (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को कंपनी की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा इसका सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई के निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों तथा उससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

कंपनी ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर कतिपय ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केंद्रीय केवाईसी अभिलेखागार में अपलोड नहीं किया।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/314

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