शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

अधिसूचनाएं


मार्च 13, 2020
एकल और समूह उधारकर्ताओं/पार्टियों के लिए ऋण जोखिम (एक्सपोजर) और बड़े एक्सपोजर की सीमाएँ तथा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को ऋण संबंधी लक्ष्य में संशोधन - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
जनवरी 16, 2020
बड़े ऋणों से संबंधित केंद्रीय सूचना भंडार (सीआरआईएलसी) में वृहत् एक्सपोजर के संबंध में रिपोर्टिंग करना-यूसीबी
जनवरी 09, 2020
केवाईसी पर मास्टर निदेश(एमडी) में संशोधन
जनवरी 06, 2020
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों के लिए पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा
दिसंबर 31, 2019
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों के लिए वृहत् साइबर सुरक्षा ढांचा - एक क्रमिक दृष्टिकोण
दिसंबर 27, 2019
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक - वृहद ऋणों पर सूचना का केंद्रीय भंडार (सीआरआईएलसी) को रिपोर्टिंग
नवंबर 21, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “पश्चिम बंगाल स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड” के नाम का “दि पश्चिम बंगाल स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड” के रूप में परिवर्तन
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
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