शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

अधिसूचनाएं


अगस्त 02, 2019
वित्तीय समावेशन - बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच - बुनियादी बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडीए)
जून 13, 2019
दिल्ली राज्य सहकारी बैंक लि., दिल्ली - भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में समावेश किया जाना
जून 10, 2019
परिपक्वता तक धारित (एचटीएम) श्रेणी में धारित प्रतिभूतियों की बिक्री - लेखा व्यवहार
फरवरी 07, 2019
त्रिपुरा राज्य सहकारी बैंक लि., त्रिपुरा - भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में समावेश किया जाना
अक्टूबर 19, 2018
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी) में बुनियादी साइबर सुरक्षा ढांचा
सितंबर 27, 2018
शहरी सहकारी बैंकों का स्वैच्छिक आधार पर लघु वित्त बैंकों के रूप में परिवर्तन/संक्रमण (Transition)
अगस्त 16, 2018
अनुसूचित सहकारी बैंकों के लिए चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) और सीमांत स्‍थायी सुविधा (एमएसएफ) उपलब्‍ध कराया जाना
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों द्वारा गैर एसएलआर प्रतिभूतियों में निवेश किया जाना – द्वितीयक बाज़ार लेनदेन के लिए अनुमोदित काउंटरपार्टियां
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
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