शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

अधिसूचनाएं


जनवरी 16, 2020
बड़े ऋणों से संबंधित केंद्रीय सूचना भंडार (सीआरआईएलसी) में वृहत् एक्सपोजर के संबंध में रिपोर्टिंग करना-यूसीबी
जनवरी 06, 2020
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों के लिए पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा
दिसंबर 31, 2019
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों के लिए वृहत् साइबर सुरक्षा ढांचा - एक क्रमिक दृष्टिकोण
दिसंबर 27, 2019
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक - वृहद ऋणों पर सूचना का केंद्रीय भंडार (सीआरआईएलसी) को रिपोर्टिंग
नवंबर 21, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “पश्चिम बंगाल स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड” के नाम का “दि पश्चिम बंगाल स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड” के रूप में परिवर्तन
नवंबर 07, 2019
द मेघालय सहकारी अपेक्स बैंक लि. - भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में समावेश किया जाना
अक्टूबर 11, 2019
बैंकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्रीय सूचना प्रणाली (सीआईएसबीआई - सिसबी) के तहत बैंक / शाखा के विवरण संबंधी प्रोफॉर्मा और रिपोर्टिंग में संशोधन
2020
2019
2018
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