27 अक्तूबर 2026
रिज़र्व बैंक द्वारा राज्य वित्त सचिवों के 36वें सम्मेलन का आयोजन
राज्यों के वित्त सचिवों का 36वाँ सम्मेलन 27 अक्तूबर 2026 को आरबीआई, मुंबई में आयोजित किया गया। सम्मेलन का विषय था ‘राज्यों की वित्तीय स्थिरता को सुदृढ़ करने में व्यय की गुणवत्ता, प्रभावी नकदी और विवेकपूर्ण ऋण प्रबंधन की भूमिका’। इस सम्मेलन में 27 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त सचिवों के साथ-साथ भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, महालेखा नियंत्रक और भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, गवर्नर ने राज्यों की दीर्घकालिक वित्तीय सुदृढ़ता को सुनिश्चित करने के लिए व्यय की गुणवत्ता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्यों को विवेकपूर्ण ऋण कार्यनीतियां तथा प्रभावी नकदी प्रबंधन अपनाने चाहिए। गवर्नर ने राज्यों से 'एकीकृत ऋण इंटरफेस' (यूएलआई) से जुड़ने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के लिए 'प्रोग्रामेबल केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा' (पी-सीबीडीसी) का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्यों को ‘राज्य स्तरीय बैंकर समिति' (एसएलबीसी) मंच का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की सलाह भी दी। सम्मेलन के दौरान, गवर्नर ने 'राज्य सरकारों के लिए नकदी और ऋण प्रबंधन पर संकलन’ नामक एक पुस्तिका का विमोचन किया। इस पुस्तिका में महत्वपूर्ण अवधारणाओं, कार्य प्रक्रियाओं और नकदी तथा ऋण प्रबंधन के बेहतरीन तरीकों को बहुत ही सरल और संक्षिप्त रूप में समझाया गया है।
बैठक में अन्य बातों के साथ-साथ राज्यों के बाजार ऋण, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा राज्यों की अल्पकालिक वित्तीय सहायता और राज्यों द्वारा मानक निर्गम कार्यनीति को अपनाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/1395 |