7 अक्तूबर 2026
आरबीआई ने 'ऋण मूल्यन समायोजन (सीवीए) ढांचा’ संबंधी निदेश जारी किए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 7 अगस्त 2026 को 'ऋण मूल्यन समायोजन (सीवीए) ढांचा’ संबंधी निदेश का मसौदा जारी किया था, जिसमें 28 अगस्त 2026 तक हितधारकों से प्रतिक्रिया आमंत्रित की गई थी।
2. उक्त मसौदा निदेशों में वाणिज्यिक बैंकों के सीवीए जोखिम संबंधी पूंजी प्रभार पर अनुदेशों में संशोधन प्रस्तावित किए गए थे। प्रमुख संशोधनों में (i) पात्र बैंकों को एक सरल पद्धति अपनाने की अनुमति देना; (ii) क्षेत्र और क्रेडिट गुणवत्ता के अनुसार प्रतिपक्षकारों के लिए पर्यवेक्षी जोखिम भार की संवेदनशीलता बढ़ाना; (iii) सीवीए हेज की पात्रता और मान्यता को स्पष्ट करना; और (iv) अप्रत्यक्ष सीवीए हेज के अपूर्ण संरेखण को ठीक करते हुए, पूर्ण बुनियादी दृष्टिकोण (बीए-सीवीए) गणना में व्यवस्थित तथा विशेष प्रकृति के सीवीए जोखिम घटकों को पृथक करना शामिल है।
3. अनुदेशों के उक्त मसौदे पर प्राप्त प्रतिक्रिया की जांच की गई है और तदनुसार आवश्यक संशोधनों को अंतिम निदेशों में समुचित रूप से शामिल किया गया है। अनुदेशों के मसौदे पर प्राप्त प्रतिक्रिया का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
4. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक—ऋण मूल्यन समायोजन ढांचा) निदेश, 2026 जारी किए हैं।
5. उक्त अनुदेश 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/1271 |