11 सितंबर 2026
आरबीआई ने "भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए) संशोधन निदेश, 2026" पर टिप्पणियाँ
आमंत्रित कीं
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 'अपने ग्राहक को जानिए' (केवाईसी) निदेश, 2025 में 'बैंक खातों के परिचालन और अवैध धन वाहक (मनी-म्यूल)' संबंधी अनुदेश जारी किए हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 4 अगस्त 2026 के आदेश द्वारा रिज़र्व बैंक को एक मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) अपनाने और उसे परिचालित करने का निर्देश दिया है, जिसमें अवैध धन वाहक गतिविधि और साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से जुड़े खातों या खातों के डेबिट पर अस्थायी रोक लगाने के लिए बैंकों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का निर्धारण किया गया है।
2. तदनुसार, रिज़र्व बैंक ने आज सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया है, जिनमें अपने केवाईसी निदेश, 2025 में निर्धारित बैंक खातों के परिचालन और अवैध धन वाहक पर मौजूदा निदेशों में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है तथा एसओपी के अनुसार अवैध धन वाहक गतिविधि और साइबर-सक्षम वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े खातों या खातों के डेबिट पर अस्थायी रोक लगाने के लिए बैंकों को कार्रवाई करने की सूचना दी गई है।
(i) भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए) संशोधन निदेश, 2026
3. सार्वजनिक परामर्श/प्रतिक्रिया प्राप्त करने के उद्देश्य से सभी वाणिज्यिक बैंकों (लघु वित्त बैंक, भुगतान बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा स्थानीय क्षेत्र बैंक सहित) और शहरी सहकारी बैंकों पर लागू संशोधन निदेशों का समेकित मसौदा जारी किया जा रहा है। प्राप्त प्रतिक्रिया की जांच करने पर, उपर्युक्त प्रकार की विनियमित संस्थाओं के लिए अलग से अंतिम निदेश जारी किए जाएंगे।
4. उक्त संशोधन निदेशों के मसौदे पर विनियमित संस्थाओं और अन्य हितधारकों/जन-सामान्य से टिप्पणियां/प्रतिक्रिया 2 अक्तूबर 2026 तक निम्नलिखित माध्यमों से आमंत्रित की जाती हैं:
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भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट' खंड के अंतर्गत; अथवा
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विषय पंक्ति "भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए) संशोधन निदेश, 2026 के मसौदे पर प्रतिक्रिया' लिखकर ई-मेल द्वारा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/1109 |