20 जुलाई 2026
भारत सरकार की दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी
भारत सरकार (जीओआई) ने निम्नलिखित विवरण के अनुसार ₹28,000 करोड़ की अधिसूचित राशि के लिए दो दिनांकित प्रतिभूतियों की बिक्री (निर्गम/पुनर्निर्गम) की घोषणा की है:
| क्र. सं. |
प्रतिभूति |
चुकौती की तारीख |
अधिसूचित राशि
(₹ करोड़) |
भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट अधिसूचना |
नीलामी की तारीख |
चुकौती की तारीख |
| 1 |
नई जीएस 2041 |
27 जुलाई 2041 |
17,000 |
एफ.सं.4(1)-बी(डब्ल्यूएंडएम/2026) दिनांकित 20 जुलाई 2026 |
24 जुलाई 2026
(शुक्रवार) |
27 जुलाई 2026
(सोमवार) |
| 2 |
7.43% जीएस 2076 |
19 जुलाई 2076 |
11,000 |
| |
कुल |
|
28,000 |
|
|
|
2. भारत सरकार के पास प्रत्येक प्रतिभूति में ₹2,000 करोड़ की सीमा तक, अतिरिक्त अभिदान बनाए रखने का विकल्प होगा।
3. उक्त प्रतिभूतियों की बिक्री भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई कार्यालय, फोर्ट, मुंबई-400001 के माध्यम से होगी। यह बिक्री उपर्युक्त निर्दिष्ट ‘विशिष्ट अधिसूचना’ में उल्लिखित नियमों और शर्तों और दिनांक 26 मार्च 2025 की सामान्य अधिसूचना एफ.सं.4(2)–बी(डब्ल्यूएंडएम)/2018 के अनुसार की जाएगी।
4. नीलामी एकाधिक मूल्य पद्धति का प्रयोग करके आयोजित की जाएगी। नीलामी के लिए प्रतिस्पर्धात्मक और गैर-प्रतिस्पर्धात्मक दोनों बोलियां इलेक्ट्रॉनिक फार्मेट में भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग सोल्युशन (ई-कुबेर) प्रणाली पर 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को प्रस्तुत करनी होगी। गैर-प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से पूर्वाह्न 11:00 बजे के बीच तथा प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से पूर्वाह्न 11:30 बजे के बीच प्रस्तुत करनी होगी। परिणाम की घोषणा उसी दिन की जाएगी और सफल बोली लगाने वालों को भुगतान 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को करना होगा।
5. अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी हामीदारी (एसीयू) भाग की हामीदारी हेतु बोलियां प्राथमिक व्यापारी द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक कोर बैंकिंग समाधान (ई-कुबेर) प्रणाली पर 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को पूर्वाह्न 09:00 बजे से पूर्वाह्न 09:30 बजे तक प्रस्तुत की जा सकती हैं।
6. प्रतिभूतियाँ 21 जुलाई 2026 – 24 जुलाई 2026 तक की अवधि के लिए "जब जारी किया गया" ट्रेडिंग के लिए पात्र होंगे।
7. भारत सरकार की दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी हेतु परिचालन संबंधी दिशानिर्देश और अन्य जानकारियाँ अनुलग्नक में दी गई हैं।
अजीत प्रसाद
उप महाप्रबंधक (संचार)
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/719
अनुलग्नक
नीलामी के प्रकार
1. विविध मूल्य-आधारित नीलामी के लिए सफल बोलियाँ, प्रतिभूति के लिए संबंधित उद्धृत प्रतिफल/मूल्य पर स्वीकार की जाएगी। समान मूल्य-आधारित नीलामी के लिए, नीलामी में स्वीकार किए गए कट ऑफ प्रतिफल/मूल्य पर बोलियां स्वीकार की जाएंगी।
2. नवीन प्रतिभूतियों के लिए नीलामी प्रतिफल आधारित और पुननिर्गम की गई प्रतिभूतियों के लिए नीलामी मूल्य आधारित होगी।
3. फ्लोटिंग रेट बॉन्ड की स्थिति में, नवीन प्रतिभूति की नीलामी प्रसार आधारित और पुनः जारी प्रतिभूतियों की नीलामी मूल्य आधारित होगी। नवीन फ्लोटिंग रेट बॉन्ड की बोली लगाते समय, प्रसार को प्रतिशत के रूप में उद्धृत किया जाना चाहिए।
न्यूनतम बोली आकार
4. प्रतिभूतियों को ₹10,000 की न्यूनतम राशि (नाममात्र) तथा उसके उपरांत ₹10,000 के बहुविध मूल्य (मल्टिपल्स) में जारी किया जाएगा।
गैर-प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र
5. सभी नीलामियों में, बिक्री की अधिसूचित राशि के 5 प्रतिशत तक के सरकारी प्रतिभूति को सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में गैर-प्रतिस्पर्धात्मक बोली सुविधा योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं को आबंटित किया जाएगा। व्यक्तिगत निवेशक रिटेल डायरेक्ट पोर्टल (https://rbiretaildirect.org.in) के माध्यम से गैर-प्रतिस्पर्धी योजना के अनुसार बोलियां लगा सकते हैं।
6. प्रत्येक बैंक या प्राथमिक व्यापारी (पीडी) अपने संघटकों से प्राप्त पुख्ता ऑर्डर के आधार पर अपने सभी संघटकों की ओर से एक समेकित गैर-प्रतिस्पर्धात्मक बोली भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग सोल्युशन (ई-कुबेर प्रणाली) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक फार्मेट में प्रस्तुत करेंगे।
7. गैर-प्रतिस्पर्धात्मक खंड के अंतर्गत आबंटन, सफल बोलिकर्ताओ द्वारा प्रतिस्पर्धात्मक बोली के आधार पर नीलामी से उत्पन्न दर/मूल्य की भारित औसत यील्ड पर होगा।
बोलियों को प्रस्तुत करना
8. नीलामी के लिए प्रतिस्पर्धात्मक और गैर-प्रतिस्पर्धात्मक दोनों बोलियां इलेक्ट्रॉनिक फार्मेट में भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग सोल्युशन (ई-कुबेर प्रणाली) पर प्रस्तुत की जानी चाहिए।
9. असाधारण परिस्थितियों को छोडकर किसी भी हालात में बोलियों को भौतिक रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
व्यापार निरंतरता योजना (बीसीपी)-आईटी विफलता
10. केवल सिस्टम विफलता की स्थिति में, भौतिक बोलियां स्वीकार की जाएंगी। ऐसी भौतिक बोलियां आरबीआई वेबसाइट (https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_ViewForms.aspx) से प्राप्त निर्धारित फॉर्म में, नीलामी समय समाप्त होने से पहले, लोक ऋण कार्यालय, मुंबई को ईमेल; फोन नंबर: 022-22603456, 022-22603457, 022-22603190) के माध्यम से भेजी जानी चाहिए।
11. तकनीकी कठिनाइयों की परिस्थिति में, कोर बैंकिंग ऑपरेशन टीम से संपर्क किया जाना चाहिए (ईमेल; फोन नंबर: 022-69870466, 022-69870415)।
12. नीलामी से संबंधित अन्य कठिनाइयों के लिए, आईडीएमडी की नीलामी टीम से संपर्क किया जा सकता है (ईमेल; फोन नंबर: 022-22702431, 022-22705125)।
एकाधिक बोलियाँ
13. एक निवेशक एक से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां इलेक्ट्रॉनिक फार्मेट में भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग सोल्युशन (ई-कुबेर प्रणाली) पर प्रस्तुत कर सकता है।
14. एक निवेशक द्वारा नीलामी में प्रस्तुत बोली की संकलित राशि नीलामी हेतु अधिसूचित राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए।
निर्णय लेने की प्रक्रिया
15. प्राप्त बोलियों के आधार पर, नीलामी के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूति की खरीदी के लिए टेंडर हेतु स्वीकार करने योग्य न्यूनतम मूल्य / अधिकतम प्रतिफल निर्धारित करेगा।
16. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित न्यूनतम मूल्य से कम/अधिकतम प्रतिफल से अधिक उद्धृत की गई बोलियों को अस्वीकार किया जाएगा।
17. भारतीय रिज़र्व बैंक के पास बिना किसी कारण के किसी बोली या सभी बोलियों को पूर्णत: या अंशत: स्वीकृत या अस्वीकृत करने का पूरा अधिकार सुरक्षित है।
प्रतिभूतियों का निर्गम
18. सफल बोलिकर्ता को प्रतिभूतियों का निर्गम,भारतीय रिज़र्व बैंक के पास रखने वाले सहायक सामान्य खाता-बही (एसजीएल) अथवा ग्राहकों की सहायक सामान्य खाता बही (सीएसजीएल) में जमा किया जाएगा।
ब्याज भुगतान की आवधिकता
19. गैर-मानक परिपक्वताओं वाले सरकारी प्रतिभूति को छोड़ कर प्रतिभूतियों पर ब्याज का भुगतान अर्ध-वार्षिक आधार पर किया जाएगा। कूपन भुगतान की सटीक आवधि विशिष्ट अधिसूचना में उल्लिखित है।
सरकारी प्रतिभूतियों की हामीदारी
20. ‘प्राथमिक व्यापारियों' द्वारा नीलामियों के अंतर्गत सरकारी प्रतिभूतियों की हामीदारी रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर संशोधित 14 नवंबर 2007 को जारी परिपत्र आरबीआई/2007-08/186 द्वारा घोषित ''हामीदारी प्रतिबद्धता और चलनिधि सहायता की संशोधित योजना'' के अनुसार की जाएगी।
पुनर्खरीद लेनदेन (रेपो) के लिए पात्रता
21. प्रतिभूतियों समय-समय पर संशोधित मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (पुनर्खरीद संव्यवहार (रेपो)) निदेश, 2025 में उल्लिखित शर्तों के अनुसार पुनर्खरीद लेनदेन (रेपो) के लिए पात्र होंगे।
‘जब जारी’ ट्रेडिंग के लिए पात्रता
22. प्रतिभूतियों समय-समय पर यथासंशोधित 24 जुलाई 2018 को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी परिपत्र सं.आरबीआई/2018-19/25 के अनुसार ‘केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों में जब जारी लेनदेन' विषयक दिशा-निर्देशों के अनुसार "जब जारी" ट्रेडिंग के लिए पात्र होंगे।
गैर-निवासी द्वारा निवेश
23. गैर-निवासी द्वारा निवेश ‘सरकारी प्रतिभूतियों में अनिवासियों द्वारा निवेश हेतु पूर्णतया अभिगमयोग्य मार्ग’ और रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी किए गए अन्य संबंधित दिशानिर्देशों के अधीन होंगे। |