14 जुलाई 2026
आरबीआई ने 'बैंकों के बोर्डों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले मामले' पर संशोधन निदेश जारी किए
दिनांक 8 अप्रैल 2026 के विकासात्मक और विनियामकीय नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए रिज़र्व बैंक ने 8 अप्रैल 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक (अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026 का मसौदा जारी किया था। संशोधन निदेश के मसौदे में अन्य बातों के साथ-साथ सात व्यापक विषयों को सिद्धांत-आधारित मार्गदर्शन से प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है, ताकि बोर्ड अपने समय का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें और कार्यनीति तथा जोखिम अभिशासन पर अधिक केंद्रित और गुणात्मक सहभागिता संभव हो सके।
2. उक्त मसौदा निदेश पर प्राप्त प्रतिक्रिया की जांच की गई है और परिणामस्वरूप संशोधनों को अंतिम संशोधन निदेश में उपयुक्त रूप से शामिल किया गया है। प्राप्त प्रतिक्रिया संबंधी विवरण अनुलग्नक I में दी गई है।
3. तदनुसार, आज रिज़र्व बैंक ने, 1 अक्तूबर 2026 से प्रभावी होने वाले, निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी किए हैं:
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भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026
4. रिज़र्व बैंक द्वारा मौजूदा निदेशों /परिपत्रों में निर्धारित किए गए अनुसार ऐसे मामलों को, जिन्हें आवश्यक रूप से बोर्डों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है तथा प्रत्यायोजित मामलों सहित, संशोधन निदेशों के परिशिष्ट में शामिल किया गया है। बंद करने के लिए पहचाने गए मामलों (अनुलग्नक II) को परिशिष्ट से हटा दिया गया है, क्योंकि बोर्डों के समक्ष ऐसे मामलों को रखने की विनियामकीय आवश्यकता इन संशोधन निदेश के लागू होने पर समाप्त हो जाएगी। परिशिष्ट में उल्लिखित मौजूदा निदेश /परिपत्र इन निदेश के लागू होने की तारीख अर्थात 1 अक्टूबर 2026 से उनमें इंगित उद्देश्य के अनुसार संशोधित होंगे।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/668 |