बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का लोगो

प्रेस प्रकाशनी

(315 kb )
भारतीय रिज़र्व बैंक ने धनी लोन्स एंड सर्विसेज लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

17 जुलाई 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने धनी लोन्स एंड सर्विसेज लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 15 जुलाई 2026 के आदेश द्वारा धनी लोन्स एंड सर्विसेज लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी 'आस्ति-वर्गीकरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 2.70 लाख (दो लाख सत्तर हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)एए के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को कंपनी की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा इसका सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों तथा उससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर और इसके द्वारा की गई अतिरिकित प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

कंपनी, कतिपय ऋण खातों को अनर्जक आस्तियों (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत करने में विफल रही।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/701


2026
2025
2024
2023
2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
शीर्ष