30 जून 2026
आरबीआई ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट, जून 2026 जारी की
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफ़एसआर) का जून-2026 अंक जारी किया जो भारतीय वित्तीय प्रणाली की आघात सहनीयता और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिमों पर वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति के सामूहिक मूल्यांकन को दर्शाता है।
मुख्य बातें
-
आघातों की पुनरावृत्ति के बावजूद, वैश्विक वित्तीय प्रणाली ने अब तक उल्लेखनीय आघात-सहनीयता का प्रदर्शन किया है तथा पश्चिम-एशिया संघर्ष से उत्पन्न अस्थिरता के आरंभिक चरण के उपरांत बाज़ार स्थिर बने हुए हैं।
-
तथापि, वैश्विक वित्तीय स्थिरता संबंधी जोखिमों की उच्च संभावना बनी हुई है। आपूर्ति शृंखला संबंधी अनिश्चितताओं के निरंतर बने रहने से वित्तीय परिस्थितियाँ बिगड़ सकती हैं जिससे मुद्रास्फीतिगत दबाव प्रकट हो सकते हैं। इस दौरान, वर्धित लोक ऋण, भंगुर बॉन्ड बाज़ार, अवास्तविक आस्ति मूल्यांकन और ऋण-भारित एनबीएफ़आई, कुछ ऐसे संवेदनशील क्षेत्र हैं जो भावी आघातों को बढ़ा सकते हैं।
-
भारत की दृढ़ समष्टि-आर्थिक बुनियाद इसे अपने कई समकक्षों से दृढ़तर स्थिति में स्थापित करती है और पूर्व के संकटपूर्ण दौर की तुलना में बाह्य आघातों के प्रति अधिक आघात-सहनीयता प्रदान करती हैं।
-
पूंजी प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार और रिज़र्व बैंक द्वारा किए गए अंतरिम शांति समझौते और हाल के नीतिगत उपायों के समर्थन से जोखिमों का संतुलन हमारे अनुकूल हो गया है।
-
सुदृढ़ बैंक और गैर-बैंक तुलन-पत्र के आधार पर घरेलू वित्तीय प्रणाली आघात-सह बनी हुई है। सुदृढ़ पूंजी और चलनिधि बफर, आस्ति गुणवत्ता में निरंतर सुधार तथा स्थिर लाभप्रदता के समर्थन से अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) मजबूत स्थिति में हैं।
-
समष्टि दबाव परीक्षण के परिणाम बताते हैं कि संभावित आघातों का सामना करने के लिए बैंकिंग प्रणाली सम्यक रूप से तैयार है और यह अनुमान किया गया है कि कल्पित प्रतिकूल परिदृश्यों में भी, समग्र पूंजी अनुपात विनियामकीय सीमा से ऊपर बने रहेंगे।
-
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसी) सुदृढ़ पूंजीकरण, स्थिर लाभप्रदता और बेहतर आस्ति गुणवत्ता के कारण आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनी हुई हैं।
-
जीवन बीमाकर्ताओं के शोधन क्षमता अनुपात के न्यूनतम सीमा से ऊपर बने रहने के कारण बीमा क्षेत्र का तुलन-पत्र सुदृढ़ स्थिति में बना हुआ है।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/572 |