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प्रेस प्रकाशनी

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रिज़र्व बैंक ने ‘एनबीएफसी-यूएल की पहचान की पद्धति की समीक्षा और सरकारी स्वामित्व वाली एनबीएफसी को एनबीएफसी-यूएल में शामिल करने’ तथा ‘ऋण/निवेश संकेंद्रण मानदंड – सरकारी स्वामित्व वाली एनबीएफसी’ पर संशोधित निदेश जारी किए

24 जून 2026

रिज़र्व बैंक ने 'एनबीएफसी-यूएल की पहचान की पद्धति की समीक्षा और सरकारी स्वामित्व वाली
एनबीएफसी को एनबीएफसी-यूएल में शामिल करने' तथा 'ऋण/निवेश संकेंद्रण मानदंड – सरकारी
स्वामित्व वाली एनबीएफसी' पर संशोधित निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 10 अप्रैल 2026 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से 'एनबीएफसी-यूएल की पहचान की पद्धति की समीक्षा और सरकारी स्वामित्व वाली एनबीएफसी को एनबीएफसी-यूएल में शामिल करने' संबंधी संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया था, जिसमें हितधारकों से 4 मई 2026 तक टिप्पणियां/प्रतिक्रिया मांगी गई थी। उक्त संशोधन निदेशों के मसौदे में प्रस्तावित किया गया था कि (क) अपर लेयर (एनबीएफसी-यूएल) में एनबीएफसी की पहचान की मौजूदा पद्धति को एक पारदर्शी, सरल और पूर्ण मानदंड, अर्थात 1,00,000 करोड़ और उससे अधिक के आकार की आस्ति, से प्रतिस्थापित किया जाए, (ख) संशोधित मानदंड के आधार पर एनबीएफसी-यूएल की सूची में शामिल करने हेतु पात्र सरकारी स्वामित्व वाली एनबीएफसी पर विचार किया जाए, (ग) सभी एनबीएफसी-यूएल को निर्दिष्ट शर्तों के अधीन बिना किसी सीमा के ऋण जोखिम अंतरण लिखत के रूप में राज्य सरकार गारंटियों का उपयोग करने की अनुमति दी जाए, और (घ) अन्य संबंधित पहलुओं पर विचार किया जाए।

2. बैंक ने 15 जनवरी 2024 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से 'ऋण/निवेश संकेंद्रण मानदंड - सरकारी स्वामित्व वाले एनबीएफसी' पर परिपत्र के मसौदे पर टिप्पणियां भी आमंत्रित की थीं। उक्त परिपत्र के मसौदे में सरकारी एनबीएफसी को ऋण/निवेश संकेंद्रण मानदंडों से मामले-दर-मामले के आधार पर दी गई छूट को वापस लेने का प्रस्ताव किया गया था।

3. उक्त मसौदा निदेशों पर प्राप्त टिप्पणियों/प्रतिक्रिया की जांच की गई है और परिणामस्वरूप संशोधनों को, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा यथानिर्धारित, अंतिम संशोधन निदेशों में उपयुक्त रूप से शामिल किया गया है। उक्त संशोधन निदेशों और परिपत्र के मसौदे पर प्राप्त टिप्पणियाँ/प्रतिक्रिया संबंधी विवरण क्रमशः अनुलग्नक I और अनुलग्नक II में दिए गए हैं।

4. तदनुसार, रिज़र्व बैंक ने आज निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी किए हैं:

  1. भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ - पंजीकरण, छूट और मान आधारित विनियमन के लिए ढांचा) दूसरा संशोधन निदेश, 2026;

  2. भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ - संकेंद्रण जोखिम प्रबंधन) तीसरा संशोधन निदेश, 2026,

  3. भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ - अभिशासन) संशोधन निदेश, 2026, और

  4. भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ - वित्तीय विवरण: प्रस्तुति और प्रकटीकरण) दूसरा संशोधन निदेश, 2026

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/530


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