24 जून 2026
आरबीआई ने ‘नेट ओपन पोज़िशन – संशोधित अनुदेश’ संबंधी संशोधन निदेश जारी किए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 14 जनवरी 2026 को 'नेट ओपन पोज़िशन - संशोधित निदेश' संबंधी संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया था, जिस पर 3 फरवरी 2026 तक विनियमित संस्थाओं (आरई) और अन्य हितधारकों से इनपुट मांगे गए थे। संशोधन निदेश के मसौदे में नेट ओपन पोज़िशन (एनओपी) और विदेशी मुद्रा जोखिम के लिए पूंजी शुल्क से संबंधित अनुदेशों को संशोधित करने का प्रस्ताव था। प्रस्तावित संशोधनों में अन्य बातों के साथ-साथ, निम्नलिखित शामिल हैं (i) अपतटीय/ तटीय एनओपी (जहाँ भी लागू हो) की अलग से गणना को समाप्त करना; (ii) एनओपी में विदेशी परिचालन के संचित अधिशेष को शामिल करना (जहाँ भी लागू हो); (iii) वास्तविक एनओपी पर विदेशी मुद्रा जोखिम पूंजी शुल्क का रखरखाव; (iv) बासेल दिशानिर्देशों के अनुरूप एनओपी की गणना के लिए शॉर्टहैंड विधि में संशोधन करना, जो स्वर्ण में ओपन पोज़िशन को अलग से मानता है; और (v) कतिपय संरचनात्मक विदेशी मुद्रा स्थितियों को एनओपी से छूट देने का प्रावधान।
2. अनुदेशों के मसौदे पर प्राप्त प्रतिक्रिया की समीक्षा की गई है और तदनुसार आवश्यक संशोधन अंतिम संशोधन निदेशों में शामिल कर लिए गए हैं। अनुदेशों के मसौदे पर प्राप्त प्रतिक्रिया का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
3. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने एनओपी की गणना से संबंधित मौजूदा अनुदेशों में संशोधन करने के लिए आज निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी किए हैं।
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भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दसवां संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) सातवाँ संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) तीसरा संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) तीसरा संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) चौथा संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (एकल प्राथमिक व्यापारी) दूसरा संशोधन निदेश, 2026
4. इन संशोधन निदेशों का उद्देश्य बैंकिंग पर्यवेक्षण बासेल समिति (बीसीबीएस) के मानकों के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना और सभी आरई में अनुदेशों का एकसमान कार्यान्वयन करना है। ये निदेश 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/529
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