RBI/2026-27/166
DOR.FIN.REC.No.140/03.10.001/2026-27
जून 24, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – वित्तीय विवरण: प्रस्तुतीकरण एवं प्रकटीकरण) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934, फैक्टरिंग विनियमन अधिनियम, 2011, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 और अन्य सभी प्रावधानों/ कानूनों के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 28 नवंबर, 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – वित्तीय विवरण: प्रस्तुतीकरण एवं प्रकटीकरण) निदेश (इसके बाद इन्हें ‘निदेश’ कहा गया है) जारी किए हैं। स्केल आधारित नियामक ढांचे के अंतर्गत अपर लेयर में एनबीएफसी पर लागू विनियमों की समीक्षा के आधार पर इन निदेश में संशोधन की आवश्यकता लगी है।
2. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का अधिनियम 2) की धारा 45JA, 45K, 45L और 45M, फैक्टरिंग विनियमन अधिनियम, 2011 (2012 का अधिनियम 12) की धारा 3 (धारा 31A के साथ पढ़ा जाए) और धारा 6, और राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 (1987 का अधिनियम 53) की धारा 30, 30A, 32 और 33, और इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक को सक्षम बनाने वाले अन्य सभी प्रावधानों/ कानूनों के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक और उचित है, एतद्द्वारा निम्नलिखित संशोधन निर्देश जारी करता है।
3. इन संशोधन निर्देशों को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – वित्तीय विवरण: प्रस्तुतीकरण एवं प्रकटीकरण) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 कहा जाएगा।
4. ये संशोधन निर्देश जारी होने की तिथि से प्रभावी होंगे।
5. इन संशोधन निदेश के तहत मौजूदा निदेश में निम्नलिखित संशोधन किए गए हैं:
(1) पैराग्राफ 23 के बाद, निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्: -
“बशर्ते कि ये प्रावधान उन एनबीएफसी-यूएल पर लागू नहीं होंगे जो पूर्णतः सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण में हैं।”
(जे पी शर्मा)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक |