RBI/2026-27/165
DOR.FIN.REC.No.139/03.10.001/2026-27
जून 24, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - अभिशासन) संशोधन निर्देश, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934, फैक्टरिंग विनियमन अधिनियम, 2011, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 और अन्य सभी प्रावधानों/ कानूनों के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 28 नवंबर, 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - अभिशासन) निर्देश जारी किए हैं (इसके बाद इन्हें ‘निर्देश’ कहा गया है)। स्केल आधारित नियामक ढांचे के अंतर्गत ऊपरी स्तर पर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर लागू विनियमों की समीक्षा के आधार पर इन निर्देशों में संशोधन की आवश्यकता लगी है।
2. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का अधिनियम 2) की धारा 45JA, 45K, 45L और 45M, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 (1987 का अधिनियम 53) की धारा 29A, 30A, 31 और 32, फैक्टरिंग विनियमन अधिनियम, 2011 (2012 का अधिनियम 12) की धारा 3 (धारा 31A के साथ पढ़ा जाए) और धारा 6, और इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक को सक्षम बनाने वाले अन्य सभी प्रावधानों/ कानूनों के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक और उचित है, एतद्द्वारा निम्नलिखित संशोधन निर्देश जारी करता है।
3. इन संशोधन निर्देशों को भारतीय रिजर्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - अभिशासन) संशोधन निर्देश, 2026 कहा जाएगा।
4. ये संशोधन निर्देश जारी होने की तिथि से प्रभावी होंगे।
5. इन संशोधन निर्देशों के तहत मौजूदा निर्देशों में निम्नलिखित संशोधन किए गए हैं:
(1) पैराग्राफ 43 के बाद, निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्: -
“बशर्ते कि ये प्रावधान उन एनबीएफसी-यूएल पर लागू नहीं होंगे जो पूर्णतः सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण में हैं।”
(जे पी शर्मा)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक |