आरबीआई/विवि/2025-26/248
विवि.एसीसी.आरईसी.सं.443/21.04.018/2025-26
16 मार्च 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - वित्तीय विवरणः प्रस्तुतीकरण और प्रकटीकरण) तृतीय संशोधन निदेश, 2026
कृपया भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - वित्तीय विवरणः प्रस्तुतीकरण और प्रकटीकरण) निदेश, 2025 (इसके बाद 'निदेश' के रूप में संदर्भित) देखें।
2. जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) द्वारा 6 फरवरी 2026 को जारी जोखिम आधारित प्रीमियम (आरबीपी) ढांचा के कार्यान्वयन और बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के साथ पठित धारा 56 के अधीन प्रदत्त शक्तिर्यों और इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक को सक्षम करने वाली अन्य सभी प्रावधानों / कानूनों के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से आश्वस्त होने पर कि ऐसा करना लोकहित में आवश्यक और लाभकारक है, एतद्वारा इसके बाद विनिर्दिष्ट संशोधन निदेश जारी करता है।
3. संशोधन निदेश अनुच्छेद 10 (11) (vi) को निम्नानुसार संशोधित करते हैंः
10 (11) (vi) डीआईसीजीसी बीमा प्रीमियम
क्र. सं. |
विवरण |
चालू वर्ष |
पिछला वर्ष |
i) |
डीआईसीजीसी बीमा प्रीमियम का भुगतान |
|
|
ii) |
डीआईसीजीसी प्रीमियम के भुगतान में बकाया |
|
|
बैंक वार्षिक रिपोर्ट में यह खुलासा करेगा कि 'लागू बीमा प्रीमियम का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर डीआईसीजीसी को किया गया था'। यदि बैंक ने आवश्यक समयसीमा के अनुसार भुगतान नहीं किया है, तो इसका भी खुलासा किया जाएगा।
4. उपरोक्त संशोधन 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
(सुनील टी एस नायर)
मुख्य महाप्रबंधक |