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अधिसूचनाएं

विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (संशोधन) विनियमावली, 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक
विदेशी मुद्रा विभाग
केंद्रीय कार्यालय
मुंबई - 400001

अधिसूचना संख्या फेमा. 395(4)/2026-आरबी

13 जून 2026

विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (संशोधन) विनियमावली, 2026

विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम और गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) विनियमावली, 2019 [दिनांक 17 अक्टूबर, 2019 की अधिसूचना संख्या FEMA.395/2019-आरबी] (जिसे इसके बाद 'मूल विनियमावली कहा गया है) में निम्नलिखित संशोधन करता है, यथा:-

1. संक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ

(i) यह विनियमावली विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (संशोधन) विनियमावली, 2026 कहलाएगी।

(ii) यह विनियमावली सरकारी राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से लागू होगी।

2. मूल विनियमावली के विनियम 3.1 में, क्रम संख्या III और X पर दिए गए मौजूदा प्रावधानों को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा, यथा: -

नियमों की अनुसूची भुगतान माध्यम एवं बिक्रीगत आय के विप्रेषण के संबंध में अनुदेश
III. अनुसूची III

(अनिवासी भारतीय (एनआरआई) अथवा विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) सहित भारत के बाहर रहने वाले किसी व्यक्ति द्वारा प्रत्यावर्तनीय आधार पर निवेश)
ए. भुगतान माध्यम

(1) प्रतिफल राशि का भुगतान विदेश से बैंकिंग चैनल के माध्यम से आवक विप्रेषण के रूप में अथवा विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के अनुसरण में बनाए गए किसी प्रत्यावर्तनीय खाते में रखी गई निधियों में से किया जाएगा।

(2) भारत के बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के अनुसरण में बनाए गए प्रत्यावर्तनीय रुपया खाता, विनिर्दिष्ट किया जाएगा और इसका उपयोग विशेष रूप से इस अनुसूची के तहत अनुमत निवेश के लिए किया जाएगा।

(3) एनआरआई/ओसीआई द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में अंशदान का भुगतान बैंकिंग चैनलों के माध्यम से या विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के अनुसरण में रखे गए किसी प्रत्यावर्तनीय विदेशी मुद्रा या रुपया खाते या एनआरओ खाते में रखी गई निधियों में से विदेश से आवक विप्रेषण के रूप में किया जाएगा।

बी. बिक्रीगत आय का विप्रेषण

(1) बिक्रीगत आय को (लागू करों की कटौती के पश्चात) भारत के बाहर विप्रेषित किया जा सकता है या संबंधित व्यक्ति के प्रत्यावर्तनीय रुपये खाते में जमा किया जा सकता है।

(2) म्यूचुअल फंड की यूनिटों की बिक्रीगत आय (लागू करों की कटौती के पश्चात) और एनआरआई/ओसीआई द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में अंशदान को भारत के बाहर विप्रेषित किया जा सकता है या एनआरआई/ओसीआई निवेशक के विकल्प अनुसार विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के अनुसरण में रखे गए किसी भी खाते में जमा किया जा सकता है।
X. अनुसूची XI


(अनुज्ञेय धारक द्वारा भारत में निगमित कंपनियों के साधारण शेयरों की अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों पर खरीद या अभिदान योजना)

ए. भुगतान का माध्यम

(1) अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज पर सूचीबद्ध किसी भारतीय कंपनी के साधारण शेयरों की खरीद/अभिदान के लिए प्रतिफल की राशि का भुगतान -

(i) समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा खाते) विनियमावली, 2015 के अनुसार धारित उक्त भारतीय कंपनी के विदेशी मुद्रा खाते में बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किया जाएगा; या

(ii) बैंकिंग चैनलों के माध्यम से विदेश से आवक प्रेषण के रूप अथवा विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के अनुसरण में बनाए गए किसी प्रत्यावर्तनीय विदेशी मुद्रा या रुपया खाते में धारित की गई निधियों में से किया जाएगा।

स्पष्टीकरण: अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज पर सूचीबद्ध भारतीय कंपनी के साधारण शेयरों की खरीद/अभिदान से हुए आगम का विप्रेषण या तो भारत में स्थित किसी बैंक खाते में किया जाएगा या उस भारतीय कंपनी के विदेशी मुद्रा खाते में जमा किया जाएगा जो समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा खाते) विनियमावली, 2015 का पालन करते हुए धारित किया गया हो।

बी. बिक्रीगत आय का विप्रेषण

साधारण शेयरों की बिक्री आय (लागू करों की कटौती के पश्चात) का विप्रेषण भारत के बाहर किया जा सकता है या उसे अनुज्ञेय धारक के ऐसे बैंक खाते में क्रेडिट कराया जा सकेगा जिनका रखरखाव विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 के अनुसार किया जा रहा हो।

3. मूल विनियमावली के विनियम 4 में संशोधन

मूल विनियमावली के विनियम 4 के उप-विनियमन (9) में मौजूदा प्रावधान को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:

एलईसी (आईएफआई): नामित प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक, भारत के बाहर रहने वाले किसी व्यक्ति, जिसमें अनिवासी भारतीय या भारत के प्रवासी नागरिक शामिल हैं, द्वारा भारत के स्टॉक एक्सचेंजों पर इक्विटी लिखतों की खरीद/हस्तांतरण की रिपोर्टिंग फॉर्म एलईसी (आईएफआई) में भारतीय रिज़र्व बैंक को करेंगे।”

रोहित पी. ​​दास,
क्षेत्रीय निदेशक

फुट नोट:

मूल विनियमावली भारत सरकार के सरकारी राजपत्र में दिनांक 17.10.2019 के जी.एस.आर.सं.795(ई) के माध्यम से प्रकाशित की गयी थी और तदुपरांत इसका संशोधन निम्नानुसार किया गया-

  1. अधिसूचना सं.फेमा. 395 (1)/2020-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (संशोधन) विनियमावली, 2020 दिनांक 15 जून, 2020] भारत सरकार के सरकारी राजपत्र-असाधारण-भाग-III, खंड 4 में दिनांक 18.06.2020 के राजपत्र सं. सी.जी.-एम.एच.-अ. -19062020-220016 के माध्यम से प्रकाशित की गयी।

  2. अधिसूचना सं.फेमा. 395 (2)/2024-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (संशोधन) विनियमावली, 2024 दिनांक 19 अप्रैल 2024] भारत सरकार के सरकारी राजपत्र-[असाधारण-भाग-III, खंड 4] में दिनांक 23.04.2024 के राजपत्र सं. सी.जी.-एम.एच.-अ. -23042024-253830 के माध्यम से प्रकाशित की गयी।

  3. अधिसूचना सं.फेमा. 395(3)/2025-आरबी [विदेशी मुद्रा प्रबंध (भुगतान माध्यम तथा गैर-कर्ज़ लिखतों की रिपोर्टिंग) (तीसरा संशोधन) विनियमावली, 2025 दिनांक 15 जनवरी 2025] भारत सरकार के सरकारी राजपत्र-[असाधारण-भाग-III, खंड 4] में दिनांक 15.01.2025 के राजपत्र सं. सी.जी.-एम.एच.-अ. -15012025-260259 के माध्यम से प्रकाशित की गयी।


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