भारतीय रिज़र्व बैंक
विदेशी मुद्रा विभाग
केंद्रीय कार्यालय
मुंबई-400 001
अधिसूचना सं.फेमा.348/2015-आरबी
दिनांक: 25 सितम्बर, 2015
विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी किसी व्यक्ति द्वारा विदेश में धारित परिसंपत्तियों का नियमितीकरण)
विनियमावली, 2015
विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक भारत में निवासी किसी व्यक्ति द्वारा विदेश में धारित परिसंपत्तियों के नियमितीकरण से संबन्धित निम्नलिखित विनियम निर्मित करता है, अर्थात:-
1. संक्षिप्त नाम एवं प्रारम्भ:-
-
ये विनियम विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी किसी व्यक्ति द्वारा विदेश में धारित परिसंपत्तियों का नियमितीकरण) विनियमावली, 2015 कहलाएंगे।
-
वे सरकारी राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।
2. परिभाषाएँ:-
इस विनियमावली में जब तक कि प्रसंग से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
-
‘अधिनियम’ का तात्पर्य विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) है;
-
‘काला धन अधिनियम’ का तात्पर्य काला धन (अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्तियाँ) और कर आरोपण अधिनियम, 2015 (2015 का 22) है।
-
यहाँ प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ जिन्हें इस विनियमावली में परिभाषित नहीं किया गया है, उनका तात्पर्य वही होगा जो अधिनियम में दिया गया है।
3. इन विनियमों में किए गए प्रावधान अथवा रिज़र्व बैंक द्वारा दी गई सामान्य अथवा विशेष अनुमति के सिवाय, भारत में निवासी कोई व्यक्ति भारत से बाहर स्थित उन परिसंपत्तियों को धारित नहीं रख सकेगा जिनके संबंध में काला धन अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत घोषणा की गई हो।
4. भारत में निवासी किसी व्यक्ति द्वारा विदेश में धारित परिसंपत्तियों का नियमितीकरण-
भारत में निवासी कोई व्यक्ति जिसने भारत से बाहर स्थित किसी अघोषित परिसंपत्ति के संबंध में काला धन अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत घोषणा की है और काला धन अधिनियम के अध्याय VI के उपबंधों के अनुसार कर तथा दण्ड अदा कर दिया है, उसके विरुद्ध विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम के उपबंधों के अंतर्गत कोई कार्यवाही लंबित नहीं रहेगी।
बशर्ते यह कि जहां घोषणाकर्ता इस प्रकार घोषित परिसंपत्ति को धारण किए रखना चाहता है, वह घोषणा करने की तारीख से एक सौ अस्सी दिनों के भीतर, उक्त अधिनियम अथवा उसके अंतर्गत निर्मित नियमों और विनियमों के संबन्धित उपबंधों के अंतर्गत अनुमति प्राप्त करने के लिए, यदि आवेदन करने की तारीख को अनुमति प्राप्त करना अपेक्षित हो, भारतीय रिज़र्व बैंक को आवेदन करेगा।
बशर्ते यह भी कि जहां घोषणाकर्ता इस प्रकार घोषित परिसंपत्ति को धारण किए रखने का इच्छुक नहीं है अथवा ऐसी परिसंपत्ति को धारण (होल्ड) रखने की अनुमति देने से रिज़र्व बैंक द्वारा इनकार कर दिया जाता है, जैसा भी मामला हो, तो घोषणाकर्ता ऐसी घोषणा करने की तारीख अथवा रिज़र्व बैंक द्वारा अनुमति देने से मना करने की सूचना प्राप्त होने से 180 दिनों के भीतर अथवा रिज़र्व बैंक द्वारा विस्तारित अवधि के भीतर उक्त परिसंपत्ति का निस्तारण कर देगा और प्राप्त आय को बैंकिंग चैनल से तत्काल भारत में वापस लाएगा।
(इंदिरा नानू)
मुख्य महाप्रबंधक
| भारत का राजपत्र - असाधारण - भाग-II, खंड 3, उप-खंड (i), 25.09.2015 को प्रकाशित - सा.का.नि. 738(अ) |
|