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शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

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आरबीआई ने शहरी सहकारी बैंकों के ‘ऑन - टैप’ लाइसेंसीकरण के लिए मसौदा दिशा-निर्देशों पर जन-सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित की

5 अगस्त 2026

आरबीआई ने शहरी सहकारी बैंकों के ‘ऑन - टैप’ लाइसेंसीकरण के लिए मसौदा दिशा-निर्देशों पर जन-
सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज हितधारकों के परामर्श के लिए शहरी सहकारी बैंकों के 'ऑन टैप' लाइसेंसीकरण के लिए मसौदा दिशा-निर्देश प्रकाशित किए हैं जिन पर जन-सामान्य/हितधारकों से 05 सितंबर 2026 तक टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं। टिप्पणियां भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट' खंड के अंतर्गत प्रदान किए गए लिंक के माध्यम से प्रेषित की जा सकती हैं। वैकल्पिक रूप से, टिप्पणियां/प्रतिक्रियाएं निम्नलिखित पते पर भी:

मुख्य महाप्रबंधक
भारतीय रिज़र्व बैंक
विनियमन विभाग
पंजीकरण एवं लाइसेंसीकरण अनुभाग (सहकारी बैंक)
12वीं मंजिल, केंद्रीय कार्यालय
शहीद भगत सिंह मार्ग, फोर्ट, मुंबई - 400 001

अथवा विषय पंक्ति “शहरी सहकारी बैंकों के ‘ऑन - टैप’ लाइसेंसीकरण के लिए मसौदा दिशा-निर्देशों पर प्रतिक्रिया” लिखकर ई-मेल द्वारा भेजी जा सकती हैं।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

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