शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


मई 28, 2020
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सारस्वत को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35 क के अंतर्गत निदेश – रूपी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र
मई 27, 2020
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35ए के अंतर्गत निदेश - वसंतदादा नागरी सहकारी बैंक लिमिटेड, उस्मानाबाद, महाराष्ट्र -अवधि का विस्तार
शिवम सहकारी बैंक लिमिटेड, इचलकरंजी, जि. कोल्हापुर, महाराष्ट्र को जारी निदेश - अवधि का विस्तार
मई 08, 2020
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – सीकर अरबन को-ओपरेटिव बैंक लि., सीकर, राजस्थान- वैधता अवधि बढ़ाना
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत जारी निदेश – मिल्लत सहकारी बैंक लि., देवणगेरे, कर्नाटक - अवधि का विस्तार
मई 05, 2020
बैंककारी विनियम अधिनियम (एएसीएस), 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – दि अदूर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लि., अदूर, केरल- अवधि को बढ़ाया जाना
मई 02, 2020
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि सीकेपी सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई का लाइसेंस रद्द किया
मई 01, 2020
शिवजीराव भोसले सहकारी बैंक लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र को जारी निदेश - अवधि का विस्तार
अप्रैल 29, 2020
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश– दी मडगाँव अर्बन को-आपरेटिव बैंक लि., मारगाँव, गोवा - अवधि का विस्तार
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – दि नीड्स ऑफ लाइफ को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र
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