शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


अगस्त 20, 2019
बैंकिंग विनियमन अधिनियम (एएसीएस), 1949 की धारा 35क के तहत निर्देश- दि अडूर सहकारी शहरी बैंक लिमिटेड, अडूर, केरल- जमा खातों की आहरण सीमा में छूट
अगस्त 16, 2019
डॉ. शिवाजीराव पाटील निलंगेकर को-ऑपरेटीव बैंक लि.(महाराष्ट्र) - बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निर्देश - सभी समावेशी निर्देशों का विस्तार
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के तहत निर्देश - दि मापुसा अर्बन को-ओपरेटिव बैंक ऑफ गोवा लिमिटेड, गोवा-निर्देशों की अवधि में विस्तार
अगस्त 14, 2019
शिवम सहकारी बैंक लि., इचलकरंजी, जिला – कोल्हापुर, महाराष्ट्र पर जारी निर्देश – अवधि बढ़ाई गई
अगस्त 07, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि वैश्य को-ऑपरेटिव कमर्शियल बैंक लि., नई दिल्ली पर लगाए गए निदेशों की अवधि बढ़ाई
अगस्त 05, 2019
ओझर मर्चेंट्स को-ऑपरेटीव बैंक लि., ओझर, जिला-नासिक, महाराष्ट्र पर अर्थदंड लगाया गया
जुलाई 31, 2019
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथालागू) की धारा 35ए के अंतर्गत निदेश - दि कपोल को-ऑपरेटिव बैंक लि., मुंबई, महाराष्ट्र – अवधि बढ़ाई
जुलाई 26, 2019
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35 ए के तहत निदेश (सहकारी समितियों पर यथा लागू) श्री आनंद को-ऑपरेटिव बैंक लि. चिंचवड़, पुणे, महाराष्ट्र
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