शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


दिसंबर 03, 2019
बैंकिंग विनियमन अधिनियम (एएसीएस), 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के तहत निदेश - केरल मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोझीकोड, केरल - निदेशों की अवधि में विस्तार
दिसंबर 02, 2019
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35 क के अंतर्गत निदेश – रूपी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र
नवंबर 29, 2019
शिवम सहकारी बैंक लि., इचलकरंजी, जि-. कोल्हापुर, महाराष्ट्र को जारी निदेश की अवधि का विस्तार
नवंबर 26, 2019
नेसर्गी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नेसर्गी, कर्नाटक पर अर्थदण्ड लगाया गया
कृष्णा पट्टाना सहकार बैंक नियमित, शाहपुर, कर्नाटक पर मौद्रिक दंड लगाया गया
रॉन तालुका प्राइमरी टीचर्स को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक लिमिटेड, रॉन, कर्नाटक पर मौद्रिक दंड लगाया गया
नवंबर 19, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि कोणार्क अर्बन को-ऑपेरटिव बैंक लिमिटेड, ठाणे, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया
नवंबर 18, 2019
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के तहत निदेश - दि मापुसा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ऑफ गोवा लिमिटेड, गोवा - निर्देशों की अवधि में विस्तार
नवंबर 08, 2019
मिल्लत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, दावणगेरे- बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35 ए के अंतर्गत सभी समावेशी निर्देशों का विस्तार
बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 (क) के अंतर्गत निदेश – सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर, राजस्थान - वैधता अवधि बढ़ाना
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