शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


जनवरी 14, 2020
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के तहत निदेश – कोलिकाता महिला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोलकाता, पश्चिम बंगाल – निदेश की अवधि का विस्तार
जनवरी 10, 2020
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश- श्री गुरुराघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बैंगलुरु, कर्नाटक
जनवरी 07, 2020
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35 क के तहत दिशानिर्देश - श्री भारती को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना - वैधता अवधि का विस्तार
जनवरी 06, 2020
रिज़र्व बैंक ने शिवालिक मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को लघु वित्त बैंक में परिवर्तन के लिए "सैद्धांतिक" अनुमोदन प्रदान किया
जनवरी 03, 2020
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत सर्व-समावेशी दिशा-निर्देशों का वापस लिया जाना- अमानत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बेंगलुरु
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश - यूथ डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोल्हापूर, महाराष्ट्र
दिसंबर 31, 2019
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों में प्रबंधन बोर्ड के गठन संबंधी दिशानिर्देश
दिसंबर 30, 2019
रिज़र्व बैंक ने यूसीबी के लिए एकल और समूह उधारकर्ताओं / पार्टियों एवं बड़े एक्सपोजर के लिए एक्सपोजर की सीमा तथा प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को ऋण लक्ष्यों में संशोधन पर मसौदा परिपत्र जारी किया
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – दी मराठा सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र
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