शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


सितंबर 21, 2017
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35क के अंतर्गत निदेश – नाशिक जिल्हा गिरणा सहकारी बैंक लि., नाशिक, महाराष्ट्र
सितंबर 18, 2017
भारतीय रिज़र्व बैंक लोकसेवा सहकारी बैंक लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र का बैंकिंग लाइसेंस निरस्त करता है
सितंबर 13, 2017
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35क के अंतर्गत निदेश – सन्मित्र सहकारी बैंक मर्यादित, मुम्बई, महाराष्ट्र
सितंबर 12, 2017
भारतीय रिज़र्व बैंक ने यू.पी.सिविल सेक्रेटेरिएट प्राइमरी को-आपरेटिव बैंक लि., लखनऊ पर अर्थदण्ड लगाया
सितंबर 08, 2017
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा इण्डियन मर्केंटाइल को-आपरेटिव बैंक लि., लखनऊ, उत्तर प्रदेश को जारी निदेश की वैधता बढ़ाई गई
भारतीय रिजर्व बैंक ने दि वैश्य को-ऑपरेटिव कमर्शियल बैंक लि., नई दिल्ली पर लगाए गए निदेशों की अवधि 08 जनवरी 2018 तक बढ़ाई
सितंबर 07, 2017
बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35क के अंतर्गत निदेश –अलवर अर्बन को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड, अलवर (राजस्थान)
बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35क के अंतर्गत निदेश –भीलवाड़ा महिला अर्बन को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड, भीलवाड़ा (राजस्थान)
अगस्त 31, 2017
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35क के अंतर्गत निदेश - मराठा सहकारी बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा हरदोई अर्बन को-आपरेटिव बैंक लि., हरदोई, उत्तर प्रदेश के लाइसेन्स का निरस्तीकरण
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