शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


मई 27, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – मराठा सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र - अवधि बढ़ाना
मई 25, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – दि मलकापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बुलढाणा, महाराष्ट्र – अवधि बढ़ाना
मई 24, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – श्री आनंद को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चिंचवड, पुणे, महाराष्ट्र - अवधि बढ़ाना
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – गढ़ा को-ऑपरेटिव बैंक लि., गुना, मध्य प्रदेश. – अवधि बढ़ाना
मई 20, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – डेक्कन अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, विजयपुरा, कर्नाटक – अवधि बढ़ाना
मई 13, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथालागू) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत जारी निदेश – शंकरराव पुजारी नूतन नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, इचलकरंजी, कोल्हापुर
मई 11, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत जारी निदेश–श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिता, बेंगलुरु - अवधि बढ़ाना
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सोलापुर- अवधि बढ़ाना
मई 08, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत जारी निदेश – मिल्लत सहकारी बैंक लिमिटेड, दावणगेरे, कर्नाटक – अवधि बढ़ाना
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