शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


सितंबर 23, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – रूपी को-ऑपरेटिव बैंक लि., पुणे, महाराष्ट्र - अवधि बढ़ाना
सितंबर 22, 2022
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दी लक्ष्मी को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सोलापुर, महाराष्ट्र के लाइसेंस को रद्द किया
सितंबर 10, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35 ए (सहकारी समितियों पर यथा लागू) के अंतर्गत निदेश – सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर (राजस्थान) – वैधता को बढ़ाया जाना
सितंबर 09, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – द्वारकादास मंत्री नागरी सहकारी बैंक लिमिटेड, बीड, महाराष्ट्र – अवधि को बढ़ाना
सितंबर 06, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम (सहकारी समितियों के लिए यथा लागू), 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश - नगर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अहमदनगर- अवधि को बढ़ाना
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि अदूर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लि., अदूर, केरल - अवधि को बढ़ाना
अगस्त 30, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश– मराठा सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र - अवधि बढ़ाना
अगस्त 26, 2022
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – रूपी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र - अवधि बढ़ाना
2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष