विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम

जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन - विदेशी मुद्रा जोखिम आरक्षित निधि

आरबीआई/2026-27/292
ए.पी. (डीआईआर शृंखला) परिपत्र सं. 26

10 अक्तूबर 2026

सभी प्राधिकृत व्यापारी

महोदया/महोदय,

जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन - विदेशी मुद्रा जोखिम आरक्षित निधि

प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 05 जुलाई 2016 के मास्टर निदेश-जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन की ओर आकृष्ट किया जाता है।

2. विदेशी मुद्रा बाज़ार का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि:

  1. प्राधिकृत व्यापारियों को उपयोगकर्ताओं के साथ की गई भारतीय रुपये से संबंधित विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी संविदाओं के लिए विदेशी मुद्रा जोखिम आरक्षित निधि (एफईआरआर) बनाए रखनी होगी;

  2. यह आरक्षित निधि भारतीय रुपये से संबंधित उन सभी विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी संविदाओं पर लागू होगी, जिनका कल्पित मूल्य दो मिलियन अमेरिकी डॉलर के समतुल्य से अधिक है और जो चालू खाता लेनदेन की बचाव-व्यवस्था के उद्देश्य से की गई हैं तथा जिनमें उपयोगकर्ता भारतीय रुपये के बदले विदेशी मुद्रा खरीद रहा है;

  3. यह आरक्षित निधि प्रत्येक व्युत्पन्नी संविदा की कल्पित राशि के भारतीय रुपये में समतुल्य की 20 प्रतिशत होगी; और

  4. यह आरक्षित निधि दैनिक आधार पर भारत में रिज़र्व बैंक के पास नकद के रूप में जमा की जाएगी और बनाए रखी जाएगी तथा संविदा की समाप्ति तक बनाए रखी जाएगी।

3. एक या अधिक प्राधिकृत व्यापारियों के साथ अनेक लेनदेन करके उपर्युक्त पैराग्राफ 2 (ii) में निर्धारित अपेक्षाओं से बचने के उपयोगकर्ताओं के किसी भी प्रयास को इन निदेशों का उल्लंघन माना जाएगा।

4. प्राधिकृत व्यापारी बनाए रखी गई एफईआरआर का विवरण दैनिक आधार पर रिज़र्व बैंक की केंद्रीकृत सूचना प्रबंध प्रणाली (सीआईएमएस) के माध्यम से रिपोर्ट करेंगे।

5. ये निदेश इनके जारी होने के बाद की गई विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी संविदाओं पर लागू होंगे।

6. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धाराओं 10(4) और 11(1) तथा भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45डब्ल्यू द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं और किसी अन्य कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमतियों / अनुमोदनों, यदि कोई हों, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना जारी किए गए हैं।

भवदीया,

(डिम्पल भांडिया)
मुख्य महाप्रबंधक


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