विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम

मालदीव में विभिन्न विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण हेतु रिपब्लिक ऑफ़ मालदीव की सरकार के लिए एक्ज़िम बैंक की भारत सरकार द्वारा समर्थित ₹ 4,850 करोड़ की ऋण व्यवस्था (एलओसी)

आरबीआई/2026-2027/269
ए.पी. (डीआईआर सीरीज़) परिपत्र सं. 22

23 सितंबर 2026

सभी श्रेणी-। प्राधिकृत व्यापारी बैंक

महोदया / महोदय

मालदीव में विभिन्न विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण हेतु रिपब्लिक ऑफ़ मालदीव की सरकार के लिए
एक्ज़िम बैंक की भारत सरकार द्वारा समर्थित ₹ 4,850 करोड़ की ऋण व्यवस्था (एलओसी)

भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने मालदीव में विभिन्न विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण हेतु भारत सरकार द्वारा समर्थित ₹ 4,850 करोड़ (रुपये चार हजार आठ सौ पचास करोड़ मात्र) की ऋण व्यवस्था (एलओसी) उपलब्ध कराने हेतु रिपब्लिक ऑफ़ मालदीव की सरकार के साथ 25 जुलाई 2025 को करार किया है। इस करार के तहत यथा परिभाषित पात्र वस्तुओं और सेवाओं को भारत से निर्यात हेतु अनुमति प्रदान की जाएगी, बशर्ते वे भारत सरकार की विदेश व्यापार नीति के तहत निर्यात के लिए पात्र हैं और उनकी खरीद के लिए वित्तपोषण की सहमति एक्ज़िम बैंक द्वारा इस करार के तहत प्रदान की गयी हैं। उक्त करार के तहत एक्ज़िम बैंक द्वारा दिए जाने वाले समग्र ऋण में से संविदा की कुल राशि के कम से कम 75 % मूल्य की वस्तुओं, कार्यों और सेवाओं की आपूर्ति भारत के विक्रेता द्वारा की जाएगी और पात्र संविदा हेतु शेष 25% मूल्य की वस्तुएं और सेवाएं विक्रेता द्वारा भारत के बाहर से प्राप्त की जा सकती हैं।

2. इस एलओसी के अंतर्गत उक्त करार 27 अगस्त 2026 से प्रभावी है। एलओसी के तहत, संवितरण की अंतिम तिथि अनुबंध की निर्धारित समापन तिथि के 48 महीने बाद होगी। एलओसी के तहत प्रत्येक व्यक्तिगत क्रेडिट के तहत वित्तपोषित की जाने वाली परियोजनाओं की पहचान और अनुमोदन के बाद अम्ब्रेला एलओसी (न्यूनतम मूल्य ₹ 500 करोड़ रुपये के लिए) के दायरे में व्यक्तिगत ऋण करार पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

3. इस ऋण व्यवस्था के अंतर्गत पोत-लदान (शिपमेंट) की घोषणा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी अनुदेशों के अनुसार निर्यात घोषणा फॉर्म/लदान बि‍ल में करनी होगी।

4. उपर्युक्त ऋण व्यवस्था के तहत निर्यात के लिए कोई एजेंसी कमीशन देय नहीं है। तथापि, यदि आवश्यक हो, तो निर्यातक अपने निजी संसाधनों अथवा अपने विदेशी मुद्रा अर्जक विदेशी मुद्रा खाते में जमा शेष राशि का उपयोग किसी भी विदेशी मुद्रा में कमीशन के भुगतान हेतु कर सकते हैं। प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। (ए.डी. श्रेणी-I) बैंक निर्यात के पूर्ण उपयुक्त मूल्य की उगाही/ वसूली हो जाने पर इस प्रकार के वि‍प्रेषण की अनुमति दे सकते हैं, बशर्ते एजेंसी कमीशन के भुगतान के लिए मौजूदा अनुदेशों का पालन किया जाए।

5. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने निर्यातक सहभागियों को अवगत कराएं और उन्हें सूचित करें कि वे सेंटर-वन, 21वीं मंजिल, विश्व व्यापार केंद्र संकुल, कफ परेड, मुंबई-400005 स्थित एक्ज़िम बैंक के कार्यालय जाकर अथवा www.eximbankindia.in पर लॉग ऑन करके उक्त ऋण व्यवस्था संबंधी विस्तृत ब्योरा प्राप्त कर लें।

6. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और 11(1) के अंतर्गत जारी किए गए हैं और ये किसी अन्य विधि/ कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/ अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालते हैं।

भवदीय

(एन. सेंथिल कुमार)
मुख्य महाप्रबंधक


शीर्ष