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तिमाही बीएसआर-2: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के पास जमाराशि – जून 2025

29 अगस्त 2025

तिमाही बीएसआर-2: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के पास जमाराशि – जून 2025

आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘तिमाही बीएसआर-2: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के पास जमाराशि – जून 20251 – जून 20252’ शीर्षक से अपना वेब प्रकाशन, भारतीय अर्थव्यवस्था पर डेटाबेस पोर्टल3 (https://data.rbi.org.in Homepage > Publications) पर जारी किया।

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर, ‘आधारभूत सांख्यिकीय विवरणी’ (बीएसआर) - 2 में, जमाराशि के प्रकार (चालू, बचत और मियादी), इसके संस्थागत क्षेत्र-वार स्वामित्व, व्यक्तियों से संबंधित जमाराशियों के आयु-वार वितरण, परिपक्वता पैटर्न, आकार और मीयादी जमाराशियों के ब्याज दर सीमा-वार वितरण के साथ-साथ कर्मचारियों की संख्या पर शाखावार आंकड़े प्रस्तुत करते हैं। ये आंकड़े अलग-अलग स्तर अर्थात जनसंख्या समूह4, बैंक समूह, राज्य, जिले और केंद्र पर जारी किए जाते हैं।

मुख्य बातें:

  • एससीबी के पास बैंक जमा में जून 2025 के अंत तक 11.3 प्रतिशत की वृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) दर्ज की गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 11.7 प्रतिशत (विलय के बाद शुद्ध) थी (चार्ट I)।
Chart I
  • मीयादी जमा में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) दर्ज की गई, जो जून 2025 में बचत जमा की 5.4 प्रतिशत की वृद्धि से काफी अधिक है; परिणामस्वरूप, कुल जमा में मीयादी जमा की हिस्सेदारी जून 2024 में 61.0 प्रतिशत से बढ़कर 62.2 प्रतिशत हो गई (चार्ट I)।

  • जून 2025 में लगभग 70 प्रतिशत मीयादी जमाएं एक से तीन वर्ष की मूल परिपक्वता अवधि वाली थीं, जबकि लगभग 20 प्रतिशत मीयादी जमाएं एक वर्ष से कम की परिपक्वता अवधि वाली अल्पकालिक जमाएं थीं।

  • हाल ही में मौद्रिक सहजता का प्रतिबिंब मीयादी जमाओं की ब्याज दर संरचना में स्पष्ट हो गया क्योंकि ‘7 प्रतिशत और उससे अधिक’ की उच्च ब्याज दर वाली ऐसी जमाओं का अनुपात जून 2025 में 65.0 प्रतिशत तक घाट गया, जबकि एक वर्ष पहले यह 66.9 प्रतिशत था।

  • एक करोड़ रुपये और उससे अधिक आकार की मीयादी जमाओं की हिस्सेदारी जून 2025 में बढ़कर 45.7 प्रतिशत हो गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 44.8 प्रतिशत थी।

  • हाल की अवधि में ‘घरेलू’ जमाओं की हिस्सेदारी में मामूली गिरावट देखी गई, जो जून 2024 में 60.8 प्रतिशत की तुलना में जून 2025 में 59.9 प्रतिशत हो गई; ‘वित्तीय निगमों’ की इसी हिस्सेदारी एक वर्ष पहले 6.0 प्रतिशत की तुलना में जून 2025 में 7.0 प्रतिशत हो गई (चार्ट II)।

Chart II
  • जून 2025 के अंत तक वरिष्ठ नागरिकों के पास कुल जमा का 20.4 प्रतिशत हिस्सा होगा।

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी क्षेत्र के बैंकों की जमा वृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) जून 2025 में क्रमशः 10.2 प्रतिशत और 12.4 प्रतिशत रही; जबकि जमा में उनकी संगत हिस्सेदारी क्रमशः 57.3 प्रतिशत और 36.0 प्रतिशत रही।

  • शीर्ष पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (अर्थात महाराष्ट्र, एनसीटी दिल्ली, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु) ने सामूहिक रूप से जून 2025 के अंत तक कुल जमा का 54.3 प्रतिशत और 'घरेलू' जमा का 47.8 प्रतिशत हिस्सा लिया।

अजीत प्रसाद    
उप महाप्रबंधक (संचार)

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/998


1 जून 2025 के अंतिम रिपोर्टिंग शुक्रवार के लिए पाक्षिक फॉर्म-ए विवरणी (आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 42(2) के तहत एकत्रित) के आधार पर बैंक जमाराशि संबंधी समग्र डेटा हमारी वेबसाइट (होम>सांख्यिकी>जारी आंकड़े> पाक्षिक>भारत में अनुसूचित बैंक की स्थिति का विवरण) पर पहले ही प्रकाशित किया गया है।

2 बीएसआर-2 के लिए संदर्भ तिथि तिमाही का अंतिम दिन है। इन आंकड़ों में 1 जुलाई 2023 से किसी बैंक के साथ किसी गैर-बैंक के विलय का प्रभाव शामिल है।

3 मार्च 2025 के अंत की स्थिति को शामिल करते हुए, शृंखला में पिछले जारी आंकड़े, 30 मई 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर प्रकाशित किए गए थे।

4 बीएसआर के लिए उपयोग किया जाने वाला जनसंख्या समूह मानदंड 2011 की जनगणना के अनुसार संबंधित राजस्व केंद्र, जहां एससीबी की शाखाएं संचालित हो रही हैं, की जनसंख्या के आकार पर आधारित है और इन्हें ए) 'ग्रामीण' (10,000 से कम जनसंख्या), बी) 'अर्ध-शहरी' (10,000 से अधिक और 1 लाख से कम जनसंख्या), सी) 'शहरी' (1 लाख से अधिक और 10 लाख से कम जनसंख्या), डी) 'मेट्रोपॉलिटन' (10 लाख और उससे अधिक जनसंख्या) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।


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