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भारतीय रिज़र्व बैंक ने रुपया-संबद्ध ओवरसीज़ बांड के निर्गम संबंधी ढांचे के मसौदे पर राय/फीडबैक मांगा

भारतीय रिज़र्व बैंक ने रुपया-संबद्ध ओवरसीज़ बांड
के निर्गम संबंधी ढांचे के मसौदे पर राय/फीडबैक मांगा

भारतीय रिज़र्व बैंक ने रुपया-संबद्ध ओवरसीज़ बांड के निर्गम संबंधी ढांचे का मसौदा राय/फीडबैक मांगते हुए आज अपनी वेबसाइट पर उपलब्‍ध कराया है। इस संबंध में अपनी राय/फीडबैक 15 जून 2015 तक ई-मेल पर भेजा जा सकता है या प्रधान मुख्‍य महाप्रंधक, विदेशी मुद्रा विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, 11वीं मंजि़ल, शहीद भगत सिंह मार्ग, मुंबई – 400 001 को डाक द्वारा भेजा जा सकता है।  

पृष्ठभूमि

कुछ अंतरराष्‍ट्रीय वित्‍तीय संस्‍थाओं को कतिपय शर्तों के अधीन विदेशी बाज़ारों में रुपया-संबद्ध बांडों का निर्गम करने की अनुमति दी गई थी। अंतरराष्‍ट्रीय निवेशकों द्वारा ऐसे बांडों के प्रति दिखाई गई रुचि को ध्‍यान में रखते हुए रिज़र्व बैंक ने 07 अप्रैल 2015 को जारी पहले द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्‍तव्‍य, 2015-16 में अंतरराष्‍ट्रीय वित्‍तीय संस्‍थाओं द्वारा ऐसे बांडों के निर्गम के दायरे को बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय कॉर्पोरेटों, जो बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) लेने के लिए पात्र हैं, को भी ऐसे बांडों के निर्गम की अनुमति उपयुक्‍त विनियामक ढांचे के अंतर्गत देने का अपना विचार प्रकट किया था। तदनुसार, रिज़र्व बैंक ने रुपया-संबद्ध ओवरसीज़ बांड के निर्गम के ढांचे का मसौदा जारी किया है।

अल्पना किल्लावाला
प्रधान मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2014-2015/2603


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