30 अक्तूबर 2026
बैंक ऋण का क्षेत्रवार अभिनियोजन – सितंबर 2026
वर्ष 2026 के सितंबर माह के लिए 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए गए बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन संबंधी आंकड़े, जो सभी एससीबी1 के कुल खाद्येतर ऋण का लगभग 95 प्रतिशत होता है, विवरण I और II में दिए गए हैं।
वर्ष-दर-वर्ष (व-द-व) आधार पर, खाद्येतर बैंक ऋण2 30 सितंबर 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार 19.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि यह पिछले वर्ष (अर्थात, 3 अक्तूबर 2025) के इसी पखवाड़े में 11.2 प्रतिशत था।
30 सितंबर 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
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कृषि और संबद्ध कार्यकलापों हेतु प्रदत्त ऋण में 19.5 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष संवृद्धि दर्ज की गई, जबकि यह पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 8.9 प्रतिशत थी।
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उद्योग क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 19.5 प्रतिशत (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 7.7 प्रतिशत थी) की संवृद्धि दर्ज की गई । जहां 'बड़े' और 'मध्यम' उद्योगों को दिए जाने वाले ऋण में तेजी से वृद्धि हुई, वहीं 'सूक्ष्म और लघु' उद्योगों में भी सतत विस्तार देखा गया। प्रमुख उद्योगों में, 'अवसंरचना', 'मूल धातु एवं धातु से बने उत्पाद', 'सभी अभियांत्रिकी', ‘रसायान और रासायनिक उत्पाद', 'खाद्य प्रसंस्करण' और 'वस्त्र', में वर्ष-दर-वर्ष तीव्र वृद्धि दर्ज की गई।
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सेवा क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 28.3 प्रतिशत की दर से संवृद्धि दर्ज की गई (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 9.9 प्रतिशत थी), जिसे ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों’ (एनबीएफसी), ‘व्यापार’, ‘वाणिज्यिक स्थावर संपदा’, ‘यातायात परिचलाकों’ और ‘पेशेवर सेवाएँ’ जैसे क्षेत्रों में तेजी से हुई संवृद्धि से मदद मिली।
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वैयक्तिक ऋण क्षेत्र हेतु प्रदत्त ऋण में 17.3 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष संवृद्धि दर्ज की गई, जबकि यह एक वर्ष पहले 11.5 प्रतिशत थी। जहां ‘वाहन ऋण’ और ‘आवास’ जैसे क्षेत्रों में लगातार ऋण वृद्धि सुदृढ़ बनी रही, वहीं सावधि जमा के बदले अग्रिम’ में वृद्धि हुई। ‘स्वर्ण आभूषणों के बदले लिए जाने वाले ऋण’ और ‘शिक्षा’ के क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में कम तथापि सुदृढ़ वृद्धि दर्ज की गई।
अजीत प्रसाद
उप महाप्रबंधक (संचार)
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/1412
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