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अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ऋण पर तिमाही मूलभूत सांख्यिकीय विवरणी (बीएसआर)-1 - जून 2026

31 अगस्त 2026

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ऋण पर तिमाही मूलभूत सांख्यिकीय विवरणी (बीएसआर)-1 - जून 2026

आज, रिज़र्व बैंक ने अपने ‘तिमाही मूलभूत सांख्यिकीय विवरणी (बीएसआर)-1: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी)1 का ऋण – जून 2026’2 शीर्षक से अपना वेब प्रकाशन ‘भारतीय अर्थव्यवस्था पर डेटाबेस’ पोर्टल (https://data.rbi.org.in होमपेज > प्रकाशन) पर जारी किया। इसमें बकाया बैंक ऋण की विभिन्न वर्गीकरण विशेषताओं, जैसे कि उधारकर्ता का व्यवसाय/गतिविधि/संगठनात्मक क्षेत्र, खातों के प्रकार और खाता-स्तरीय रिपोर्टिंग के आधार पर उनकी ब्याज दरें, को दर्शाया गया है। एससीबी {क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को छोड़कर} द्वारा रिपोर्ट किए गए आंकड़े बैंक समूहों, जनसंख्या समूहों3 और राज्यों के अंतर्गत प्रस्तुत किए गए हैं।

मुख्य बातें:

  • बैंक ऋण संवृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) एक वर्ष पूर्व के 9.9 प्रतिशत से बढ़कर जून-2026 के अंत में 16.5 प्रतिशत हो गई (चार्ट-I)। सभी जनसंख्या समूहों और बैंक समूहों में ऋण में व्यापक तेजी देखी गई।

Chart 1
  • जून 2026 के अंत में निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र का बैंक-ऋण, पिछले वर्ष के 7.9 प्रतिशत की तुलना में, बढ़कर 21.1 प्रतिशत हो गया। जून 2026 में सार्वजनिक और घरेलू क्षेत्रों को दिए गए ऋण में क्रमशः 14.6 प्रतिशत और 15.2 प्रतिशत की सुदृढ़ वृद्धि दर्ज की गई।

  • महिला वैयक्तिक उधारकर्ताओं को दिए गए बैंक ऋण में जून 2025 के 12.9 प्रतिशत की तुलना में जून 2026 में 19.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

  • मीयादी ऋण, जो कुल बैंक ऋण का 64.1 प्रतिशत है, में एक वर्ष पूर्व की 8.3 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में जून 2026 के दौरान 15.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। साथ ही, कार्यशील पूंजी ऋण में वृद्धि इसी अवधि में 13.4 प्रतिशत से बढ़कर 18.0 प्रतिशत हो गई।

  • प्रमुख क्षेत्रों में ऋण संवृद्धि व्यापक बनी रही; व्यापार (18.1 प्रतिशत) और वित्त (22.4 प्रतिशत) को दिए जाने वाले ऋण का विस्तार कुल ऋण की तुलना में अधिक गति से हुआ। कृषि (15.1 प्रतिशत), उद्योग (15.5 प्रतिशत) और निजी ऋण (12.7 प्रतिशत) को दिए जाने वाले ऋण में भी तेजी देखी गई।

  • जून 2025 के 54.1 प्रतिशत की तुलना में, जून 2026 में 9 प्रतिशत से कम ब्याज दर वाले ऋणों का हिस्सा बढ़कर लगभग दो-तिहाई हो गया।

  • बकाया ऋण पर भारित औसत उधार दर (डब्ल्यूएएलआर), एक वर्ष पूर्व के 9.71 प्रतिशत की तुलना में, जून 2026 में 45 आधार अंक घटकर 9.26 प्रतिशत हो गई।

अजीत प्रसाद    
उप महाप्रबंधक (संचार)

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/1000


1 जून 2026 के अंतिम रिपोर्टिंग शुक्रवार के लिए पाक्षिक फॉर्म-ए विवरणी (भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42(2) के अंतर्गत संकलित) पर आधारित बैंकिंग समुच्चय, हमारी वेबसाइट (होम>सांख्यिकी>जारी आंकड़े>पाक्षिक> भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण) पर पहले ही प्रकाशित किए गए थे और चुनिंदा प्रमुख बैंकों द्वारा रिपोर्ट किए गए जून 2026 के लिए बैंक ऋण के क्षेत्र-वार अभिनियोजन पर समग्र स्तर का मासिक डेटा भी वेबसाइट (होम>सांख्यिकी> जारी आंकड़े >मासिक> बैंक ऋण का क्षेत्र-वार अभिनियोजन) पर जारी किया गया।

2 बीएसआर-1 के लिए संदर्भ तिथि तिमाही का अंतिम दिन है। श्रृंखला में पिछले आंकड़े 29 मई 2026 को आरबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित किए गए थे, जिसमें मार्च 2026 के अंत की स्थिति शामिल थी।

3 बीएसआर के लिए उपयोग किए जाने वाले जनसंख्या समूह मानदंड, जनगणना 2011 के अनुसार, संबंधित राजस्व केंद्र की जनसंख्या के आकार पर आधारित हैं, जहां एससीबी की शाखाएं संचालित हो रही हैं और इन्हें वर्गीकृत किया गया है: क) 'ग्रामीण' (10,000 से कम जनसंख्या), ख) 'अर्ध-शहरी' (10,000 से 1 लाख से कम जनसंख्या), ग) 'शहरी' (1 लाख से 10 लाख से कम जनसंख्या), घ) 'महानगरीय' (10 लाख और उससे अधिक जनसंख्या)।


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