12 अगस्त 2026
आरबीआई ने 'भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋणों एवं अग्रिमों पर ब्याज दरें) निदेश, 2026' के मसौदे पर
टिप्पणियां आमंत्रित की
दिनांक 05 अगस्त 2026 को जारी 'विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य’ में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए 'भारतीय रिजर्व बैंक (ऋणों और अग्रिमों पर ब्याज दरें) निदेश, 2026' का मसौदा जारी किया है।
2. विनियमित संस्थाओं (आरई) के लिए ऋणों और अग्रिमों पर ब्याज दरों के संबंध में रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर विभिन्न अनुदेश जारी किए हैं, जिनके उद्देश्य मौद्रिक नीति का प्रभावी संचरण सुनिश्चित करना, क्रेडिट संबंधी जोखिम का उचित मूल्य निर्धारण करना तथा उधारकर्ताओं के साथ उचित और भेदभावपूर्ण रहित व्यवहार सुनिश्चित करना हैं।
वर्तमान में, अग्रिमों पर ब्याज दरों से संबंधित विनियामकीय ढांचा, वाणिज्यिक बैंकों (जिसमें लघु वित्त बैंक और स्थानीय क्षेत्र बैंक शामिल हैं) पर लागू है, जिसमें, अन्य बातों के साथ-साथ, अस्थिर दर वाले ऋणों के लिए आंतरिक और बाह्य बेंचमार्क-आधारित उधार ढांचे और ऐसे बेंचमार्क पर स्प्रेड के निर्धारण संबंधी अनुदेश शामिल हैं। अन्य विनियमित संस्थाओं (अर्थात्, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, शहरी सहकारी बैंक और ग्रामीण सहकारी बैंक) द्वारा प्रदत्त ऋणों और अग्रिमों पर ब्याज दरों से संबंधित विनियामकीय अनुदेश मुख्यतः आचरण से संबंधित पहलुओं पर केंद्रित हैं। इसके अतिरिक्त, वाणिज्यिक बैंकों के संबंध में, कुछ पहलुओं में विषम प्रथाएं देखी गई हैं, जिनमें एमसीएलआर (आंतरिक बेंचमार्क) और उसके घटकों का निर्धारण शामिल है। इसके अलावा, वर्तमान दिशानिर्देशों में स्थिर दर वाले ऋणों के संबंध में अत्यंत सीमित विनियामकीय अनुदेश शामिल हैं।
तदनुसार, सभी आरई के लिए एकीकृत निदेश जारी करने का प्रस्ताव है, जिसमें स्थिर दर और अस्थिर दर वाले ऋणों पर ब्याज दर के निर्धारण के लिए एक व्यापक, सिद्धांत-आधारित ढांचा निर्धारित होंगे, जोकि आरई के परिचालन की प्रकृति, जटिलता और पैमाने के अनुरूप होंगे।
3. जन सामान्य से परामर्श / प्रतिक्रिया हेतु, सभी आरई पर लागू निदेश का एक मसौदा जारी किया जा रहा है। प्राप्त प्रतिक्रियाओं की जांच किए जाने के उपरांत, प्रत्येक श्रेणी की आरई के लिए अलग-अलग अंतिम निदेश जारी किए जाएंगे।
4. निदेशों के मसौदे पर टिप्पणियां / प्रतिक्रियाएं, विनियमित संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों / जन सामान्य से 11 सितंबर 2026 तक निम्नलिखित माध्यमों से प्रस्तुत की जा सकती हैं:
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रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट टू रेगुलेट' खंड के माध्यम से; या
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ईमेल द्वारा, जिसकी विषय पंक्ति में (संशोधन निदेशों के मसौदे का पूर्ण नाम) पर प्रतिक्रिया' लिखा हो।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/877 |