बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का लोगो

प्रेस प्रकाशनी

(316 kb )
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि अमरावती डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया

10 अगस्त 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि अमरावती डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र
पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 अगस्त 2026 के आदेश द्वारा, दि अमरावती डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ और ‘बैंक द्वारा लगाए जाने वाले प्रभार तथा एसएमएस अलर्ट भेजने के लिए लगाए जाने प्रभार की तर्कसंगतता सुनिश्चित करना’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण बैंक (नाबार्ड) द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है :

बैंक ने:

  1. प्रत्येक ग्राहक को एक विशिष्ट ग्राहक पहचान कोड (यूसीआईसी) आवंटित करने के बजाय कतिपय ग्राहकों को एकाधिक ग्राहक पहचान कोड आवंटित किए थे; और

  2. कतिपय ग्राहकों को एसएमएस भेजे बिना एसएमएस अलर्ट प्रभार लगाया था।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/853


2026
2025
2024
2023
2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
शीर्ष