6 अगस्त 2026
सकेंद्रण जोखिम प्रबंधन संबंधी दिशानिर्देशों की समीक्षा - ग्रामीण सहकारी बैंक
दिनांक 5 अगस्त 2026 को जारी विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में शीर्षांकित विषय संबंधी की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने जन सामान्य के टिप्पणियों के लिए आज निम्नलिखित निदेशों के मसौदे जारी किए हैं:
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भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक – सकेंद्रण जोखिम प्रबंधन) निदेश, 2025 को प्रतिस्थापित करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक – सकेंद्रण जोखिम प्रबंधन) निदेश, 2026 का मसौदा
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भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक – ऋण संबंधी सुविधाएं) निदेश, 2025 के कतिपय प्रावधानों में संशोधन हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक – ऋण संबंधी सुविधाएं) संशोधन निदेश, 2026 का मसौदा
2. उपर्युक्त निदेशों के मसौदे में, अन्य बातों के अलावा, एकल / समूह प्रतिपक्ष के लिए विवेकपूर्ण एक्सपोज़र सीमाएं, आवास ऋण की बढ़ी हुई सीमाएं और अरक्षित अग्रिमों पर विवेकपूर्ण एक्सपोज़र सीमाएं निर्धारित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, ₹1,000 करोड़ से अधिक जमाराशि वाले बड़े ग्रामीण सहकारी बैंकों (आरसीबी) को आवास ऋण की अवधि एवं अधिस्थगन संबंधी आवश्यकताएं निर्धारित करने में छूट देने का प्रस्ताव है, जबकि अन्य आरसीबी के मामले में इन सीमाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, स्थावर संपदा क्षेत्र को छोड़कर, निर्धारित विवेकपूर्ण क्षेत्र-वार एक्सपोजर सीमा को वापस लेने का प्रस्ताव है।
3. निदेशों के मसौदे पर टिप्पणियां / प्रतिक्रिया विनियमित संस्थाओं तथा अन्य हितधारकों / जन सामान्य से 28 अगस्त 2026 तक निम्नलिखित माध्यमों से प्रस्तुत की जा सकती हैं:
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वेबसाइट पर उपलब्ध ‘कनेक्ट टू रेगुलेट’ खंड के माध्यम से, जहां वे दस्तावेज़ प्रकाशित किए गए हैं, उस पृष्ठ पर प्रत्येक दस्तावेज़ के सामने दिए गए संबंधित हाइपरलिंक का अनुसरण करके; या
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ई-मेल द्वारा, जिसकी विषय पंक्ति में ‘(मसौदा दिशा-निर्देशों का पूरा नाम) पर प्रतिक्रिया' लिखी हो।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/828 |