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भारतीय रिज़र्व बैंक ने वालचंदनगर सहकारी बैंक लि., पुणे पर मौद्रिक दंड लगाया

8 मार्च 2021

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वालचंदनगर सहकारी बैंक लि., पुणे पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (रिज़र्व बैंक) ने दिनांक 08 मार्च 2021 के आदेश द्वारा वालचंदनगर सहकारी बैंक लि., पुणे (दि बैंक) पर क्रेडिट सूचना कंपनियों (विनियमन) अधिनियम, 2005 (सीआईसी अधिनियम) के प्रावधानों और सहकारी बैंकों द्वारा क्रेडिट सूचना कंपनियों की सदस्यता पर रिज़र्व बैंक के निदेशों का उल्लंघन करने के लिए पाँच हज़ार रुपये मात्र का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड सीआईसी अधिनियम की धारा 23 (4) के साथ पठित धारा 25 (1) (iii) के प्रावधानों के अंतर्गत रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सीआईसी अधिनियम के प्रावधानों और रिज़र्व बैंक द्वारा जारी उक्त निदेशों के अनुपालन में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है।

यह कार्रवाई सांविधिक/ विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर प्रश्न उठाना नहीं है।

पृष्ठभूमि

31 मार्च 2019 को अपनी वित्तीय स्थिति के आधार पर बैंक की निरीक्षण रिपोर्ट से पता चला कि बैंक चार क्रेडिट सूचना कंपनियों में से किसी की सदस्यता प्राप्त करने में विफल रहा था। उसी के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उसे यह सूचित किया गया था कि वह कारण बताएं कि सीआईसी अधिनियम के प्रावधानों और रिज़र्व बैंक के निदेशों का अनुपालन नहीं करने के लिए उस पर दंड क्यों नहीं लगाया जाए।

मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद रिज़र्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि उक्त सीआईसी अधिनियम के प्रावधानों और रिज़र्व बैंक के निदेशों के अननुपालन के उक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाना अनिवार्य है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2020-2021/1211


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