आरबीआई/2026-27/220
मुप्रवि(एफएनवीडी) सं. एस 1335/16.01.05/2026-27
31 जुलाई 2026
अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक/ मुख्य कार्यपालक अधिकारी
सभी बैंक
महोदया/ महोदय,
जाली भारतीय मुद्रा नोट - पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी
जाली नोटों की पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी पर दिनांक 01 अप्रैल 2026 के मास्टर निदेश के तहत बैंकों को जाली नोटों की पहचान, रिपोर्टिंग और उनकी निगरानी हेतु विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में, बैंकों के लिए यह आवश्यक है कि बैंक, नकदी का कार्य देख रहे स्टाफ सदस्यों को बैंकनोटों की सुरक्षा विशेषताओं के बारे में प्रशिक्षित करें, ताकि वे जाली नोटों की प्रभावी रूप से पहचान कर सकें। बैंक द्वारा प्राप्त सभी बैंकनोटों की प्रामाणिकता का परीक्षण मशीनों द्वारा किया जाएगा और जाली नोटों को जब्त करते हुए किसी भी स्थिति में प्रस्तुतकर्ता को वापस नहीं किया जाएगा अथवा बैंक द्वारा नष्ट नहीं किया जाएगा। पहचान में आए सभी जाली भारतीय मुद्रा नोटों की रिपोर्टिंग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। उक्त मास्टर निदेश के उल्लंघन, जैसे कि रिज़र्व बैंक को भेजे गए विप्रेषण में/ मुद्रा तिजोरी की शेष राशि में/ एटीएम वितरण में/ काउंटर पर संवितरण में जाली नोटों की पहचान या बैंक द्वारा जानबूझकर जाली नोट जब्त न किए जाना आदि, की स्थिति में बैंक पर जुर्माना लगाया जाएगा।
2. तथापि, रिज़र्व बैंक द्वारा किए गए विश्लेषण से यह प्रतीत होता है कि इस संबंध में कुछ बैंकों द्वारा किए गए प्रयास पर्याप्त नहीं है। तदनुसार, बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करें ताकि जाली भारतीय मुद्रा नोटों की पहचान, जब्ती और रिपोर्टिंग की क्षमता और तैयारी को प्रभावी रूप से सुदृढ़ बनाया जा सके। इस संबंध में, बैंकों द्वारा निम्नलिखित विशिष्ट कार्यवाई भी की जाए-
i. प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम
क) नकदी का कार्य देख रहे स्टाफ सदस्यों के लिए बैंकनोटों की सुरक्षा विशेषताओं और जाली बैंक नोटों के पहचान पर जागरूकता और/अथवा रिफ्रेशर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एक केंद्रित और लक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि नकदी का कार्य देख रहे बैंक के सभी स्टाफ सदस्यों को अनिवार्य रूप से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
ख) सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं में तैनात स्टाफ को प्राथमिकता देते हुए, 15 सितंबर 2026 तक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
ग) उपरोक्त पैरा (क) और (ख) में दिए गए निर्देशों के अनुपालन पर 'की गई कार्रवाई रिपोर्ट' क्रमशः 07 नवंबर 2026 और 22 सितंबर 2026 तक जाली नोट सतर्कता कक्ष (एफएनवी कक्ष) के माध्यम से रिज़र्व बैंक के संबंधित निर्गम कार्यालय को प्रस्तुत की जाए।
ii. जाली नोटों की पहचान में सहायक उपकरणों की व्यवस्था
उक्त मास्टर निदेश के पैरा 8 में दिए गए निर्देशों के अतिरिक्त, बैंकों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से सटे जिलों में अवस्थित शाखाओं में नोट सत्यापन/ सॉर्टिंग मशीन उपलब्ध हैं।
iii. बैंकों के एफएनवी कक्ष द्वारा उनके बैंक द्वारा पहचान/ रिपोर्ट किये गए जाली भारतीय मुद्रा नोटों संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए ताकि यदि कोई हॉटस्पॉट (संवेदनशील क्षेत्र) हों तो उनकी पहचान, प्रवृत्तियों की निगरानी और तदनुसार अपनी आउटरीच और क्षमता निर्माण के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
3. मास्टर दिशा-निदेश में दिए गए निर्देशों का अनुपालन
बैंकों को निर्देश दिया जाता है कि वे उक्त मास्टर निदेश के सभी प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी तंत्र स्थापित करें। कार्ययोजना का विवरण और प्रगति की जानकारी 15 सितंबर 2026 तक मुद्रा प्रबंध विभाग को dcmfnvd@rbi.org.in पर प्रेषित की जाए।
भवदीय
(जे. पी. बंसल)
मुख्य महाप्रबंधक |