भारतीय रिज़र्व बैंक
विदेशी मुद्रा विभाग
केंद्रीय कार्यालय
मुंबई - 400 001
अधिसूचना सं. फेमा 5(आर)(6)/2026-आरबी
18 जून 2026
विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) (छठवाँ संशोधन) विनियमावली, 2026
विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (2) और धारा 47 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2016 (01 अप्रैल 2016 की अधिसूचना सं.फेमा. 5 (आर)/2016-आरबी) (जिसे इसके बाद ‘मूल विनियमावली’ कहा जाएगा) में निम्नलिखित संशोधन करता है, यथा:-
1. संक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ: -
(i) यह विनियमावली विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) (छठवाँ संशोधन) विनियमावली, 2026 कहलाएगी।
(ii) यह सरकारी राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से लागू होगी।
2. मूल विनियमावली में, विनियम 2 में, खंड (v) के पश्चात् निम्नलिखित को अंतर्विष्ट किया जाएगा, यथा:-
“(v-ए) “अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र” या “आईएफएससी” का वही अर्थ होगा जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 (2019 का 50) की धारा 3 के खंड (छ) में दिया गया है।"
3. मूल विनियमावली में, विनियम 5 के उप विनियम (4) को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“भारत से बाहर का निवासी कोई व्यक्ति भारत में किसी प्राधिकृत व्यापारी अथवा भारत के बाहर इसकी शाखा में (जिसमें भारत में आईएफएससी भी शामिल है), अनुसूची-4 में यथा विनिर्दिष्ट, विशेष अनिवासी रुपया खाता (एसएनआरआर खाता) खोल सकता है, धारण कर सकता है और रख सकता है।“
4. मूल विनियमावली में, अनुसूची 1 में, पैराग्राफ 3 में मद (जे) के बाद, निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
“(के) एनआरओ खाते से अंतरण विदेशी मुद्रा प्रबंध (परिसंपत्तियों का विप्रेषण) विनियमावली, 2016 के विनियम 4 के तहत विनिर्दिष्ट सीमा के अंतर्गत होगा।”
5. मूल विनियमावली में, अनुसूची 3 में, पैराग्राफ 3 के उप पैराग्राफ (बी) में, मद (iv) के बाद, निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
“(v) एनआरई या एसएनआरआर खाते में अंतरण विदेशी मुद्रा प्रबंध (परिसंपत्तियों का विप्रेषण) विनियमावली, 2016 के विनियम 4 के तहत विनिर्दिष्ट सीमा के अंतर्गत होगा।”
6. मूल विनियमावली की अनुसूची 4 में, मौजूदा पैराग्राफ 1 को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
भारत के बाहर निवासी व्यक्ति, भारत में निवासी व्यक्ति के साथ अनुमत चालू और पूंजी खाता लेनदेन करने, इस अधिनियम के तहत बनाई गई नियमावली और विनियमावली के अनुसरण में, और भारत के बाहर निवासी व्यक्ति के साथ कोई वास्तविक लेनदेन करने के उद्देश्य से भारत में किसी प्राधिकृत व्यापारी या भारत के बाहर उसकी शाखा में (जिसमें भारत में आईएफएससी भी शामिल है), विशेष अनिवासी रुपया खाता (एसएनआरआर खाता) खोल सकता है।
7. मूल विनियमावली में, अनुसूची 4 में मौजूदा अनुच्छेदें 2, 5, 6, 7, 8 को हटा दिया जाएगा।
8. मूल विनियमावली में, अनुसूची 4 में, मौजूदा पैराग्राफ 10 को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“एनआरओ खाते से एसएनआरआर खाते में अंतरण इस अधिसूचना की अनुसूची 3 के अनुसार होगा।”
9. मूल विनियमावली में, अनुसूची 4 में पैराग्राफ 15 के बाद निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
“16. एसएनआरआर खातों से जुड़े भारत के बाहर निवासी व्यक्तियों के बीच लेनदेन, जो अधिनियम या उसके तहत बनाई गई नियमावली और विनियमावली के अनुपालन के अधीन नहीं हो सकते हैं, एडी बैंक द्वारा खाताधारक के निदेश/आदेश के आधार पर किए जाएंगे, जिसमें अंतरण का अंतर्निहित उद्देश्य बताया जाएगा।“
(एन सेंथिल कुमार)
मुख्य महाप्रबंधक
मूल विनियमावली भारत सरकार के सरकारी राजपत्र- असाधारण – भाग-II, खण्ड 3, उप-खण्ड (i) जीएसआर संख्या 389 (ई), दिनांक 1 अप्रैल 2016 में प्रकाशित की गयी थी और इसे बाद में निम्नलिखित द्वारा संशोधित किया गया, अर्थात्,-
जीएसआर संख्या 1093 (ई) दिनांक 09.11.2018
जीएसआर संख्या 498 (ई) दिनांक 16.07.2019
अधिसूचना सं. फेमा 5(आर)/(3)/2019-आरबी दिनांक 13 नवंबर 2019
अधिसूचना सं. फेमा 5(आर)/(4)/2024-आरबी दिनांक 06 मई 2024
अधिसूचना सं. फेमा 5(आर) (5)/2025-आरबी दिनांक 14 जनवरी 2025 |