मूल विनियमावली और संबंधित संशोधन


विदेशी मुद्रा प्रबंध (निष्क्रिय विदेशी मुद्रा जमाराशियों का क्रिस्टलीकरण) विनियमावली, 2014

भारतीय रिज़र्व बैंक
विदेशी मुद्रा विभाग
केन्द्रीय कार्यालय
मुंबई-400 001

अधिसूचना सं.फेमा.10ए/2014-आरबी

दिनांक: 21 मार्च, 2014

विदेशी मुद्रा प्रबंध (निष्क्रिय विदेशी मुद्रा जमाराशियों का क्रिस्टलीकरण) विनियमावली, 2014

विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (3) के खंड (एफ), धारा 9 की उप-धारा (बी) और धारा 47 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक निष्क्रिय विदेशी मुद्रा जमाराशियों के संबंध में निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्:—

1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ:—

  1. ये विनियम विदेशी मुद्रा प्रबंध (निष्क्रिय विदेशी मुद्रा जमाराशियों का क्रिस्टलीकरण) विनियमावली, 2014 कहलाएंगे।

  2. ये विनियम सरकारी राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।

2. परिभाषाएँ:—

इन विनियमों में जब तक कि प्रसंग से अन्यथा अपेक्षित न हो,—

  1. ‘अधिनियम’ से अभिप्रेत विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) है;

  2. ‘प्राधिकृत बैंक’ से सहकारी बैंक सहित ऐसे बैंक (प्राधिकृत व्यापारी को छोड़कर) जिसे भारत से बाहर निवास कर रहे किसी व्यक्ति के खाते रखने के लिए रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत किया गया हो;

  3. ‘प्राधिकृत व्यापारी’ से अभिप्रेत ऐसा व्यक्ति है जिसे इस अधिनियम की धारा 10 की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्राधिकृत व्यापारी के रूप में प्राधिकृत किया गया है;

  4. ‘क्रिस्टलीकरण’ से किसी विदेशी मुद्रा में मूल्यवर्गीकृत निष्क्रिय जमाशेष का भारतीय रुपये में परिवर्तित होना अभिप्रेत है;

  5. ‘जमा’ में किसी प्राधिकृत बैंक के पास किसी खाते में जमाशेष अथवा जमा धन का शामिल होना अभिप्रेत है।

3. निष्क्रिय विदेशी मुद्रा जमाराशियों का क्रिस्टलीकरण:—

(1) यदि विदेशी मुद्रा में मूल्यवर्गीकृत निश्चित परिपक्वता अवधि वाली कोई जमाराशि उसकी परिपक्वता की तारीख से 3 वर्षों के लिए निष्क्रिय बनी रहती है, तो तीसरे वर्ष के अंत में, प्राधिकृत बैंक विदेशी मुद्रा में मूल्यवर्गीकृत जमा खातेगत शेष को तद्दिनांक को प्रचलित विनिमय दर पर भारतीय रुपये में परिवर्तित करेगा। उसके पश्चात् जमाकर्ता या तो भारतीय रुपये में परिवर्तित उक्त जमा गत आगम राशि और उस पर उपचित ब्याज, यदि कोई हो, अथवा मूल जमा जो भारतीय रुपये में परिवर्तित की गई हो और भारतीय रुपये में परिवर्तित जमा गत आगम राशि पर प्राप्य ब्याज, यदि कोई हो, के समतुल्य विदेशी मुद्रा (भुगतान की तारीख को प्रचलित विनिमय दर पर आकलित) का दावा करने का हकदार होगा।

(2) ऐसे मामले में जहां विदेशी मुद्रा में मूल्यवर्गीकृत कोई जमाराशि जिसकी परिपक्वता अवधि अनिश्चित हो, यदि ऐसी जमाराशि 3 वर्षों के लिए निष्क्रिय बनी रहती है [बैंक प्रभारों के लिए किए गए नामे (डेबिट) को परिचालन न माना जाए], तो प्राधिकृत बैंक अपने पास जमाकर्ता के उपलब्ध अंतिम ज्ञात पते पर जमाकर्ता को 3 महीने का नोटिस देकर, विदेशी मुद्रा में मूल्यवर्गीकृत ऐसी जमाराशि को, नोटिस अवधि की समाप्ति पर प्रचलित विनिमय दर पर भारतीय रुपये में परिवर्तित करेगा। उसके पश्चात्, जमाकर्ता या तो भारतीय रुपये में परिवर्तित उक्त जमा गत आगम राशि और उस पर उपचित ब्याज, यदि कोई हो, अथवा मूल जमा जो भारतीय रुपये में परिवर्तित की गई हो और भारतीय रुपये में परिवर्तित जमा गत आगम राशि पर प्राप्य ब्याज, यदि कोई हो, के समतुल्य विदेशी मुद्रा (भुगतान की तारीख को प्रचलित विनिमय दर पर आकलित) का दावा करने का हकदार होगा।

(रुद्र नारायण कर)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक

भारत के राजपत्र—असाधारण—भाग II, खंड 3,
उप-खंड (i) में दिनांक 07.04.2014 को प्रकाशित—
सा.का.नि. सं. 271(अ)


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