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मास्‍टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजार) निदेश, 2026 - मसौदा

भारतीय रिज़र्व बैंक
वित्तीय बाजार विनियमन विभाग
9वीं मंजिल, केंद्रीय कार्यालय भवन, फोर्ट
मुंबई – 400 001

मास्‍टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजार) निदेश, 2026 - मसौदा

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (इसके बाद इसका उल्‍लेख अधिनियम के रूप में किया गया है) की धारा 45यू के साथ पठित इसी अधिनियम की धारा 45डबल्यू के तहत प्रदत्त शक्तियों और इस कार्य के लिए सक्षमता देने वाली सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए और अनुबंध-I में दिए गए निदेशों को निष्‍प्रभावी करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक (जिसे आगे रिज़र्व बैंक कहा जाएगा), एतदद्वारा मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में कारोबार करने हेतु पात्र सभी व्‍यक्तियों और एजेन्सियों को निम्‍नलिखित निदेश जारी करता है:

1. लघु-शीर्षक और प्रवर्तन

(क) इन निदेशों को मास्‍टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजार) निदेश 2026 कहा जाएगा।

(ख) ये निदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

2. परिभाषाएं

(क) इन निदेशों के प्रयोजन हेतु यदि संदर्भ से अन्‍यथा अपेक्षित नहीं हो तो :-

(i) “अखिल भारतीय वित्तीय संस्था (एआईएफआई)” में शामिल होंगे: (ए) भारतीय निर्यात आयात बैंक, (बी) राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, (सी) राष्ट्रीय आवास बैंक, (डी) भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक और (ई) राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण और विकास बैंक;

(ii) “बैंक” का आशय है बैं‍ककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 5 के खंड (सी) में परिभाषित कोई बैंकिंग कम्‍पनी (भुगतान बैंक और लघु वित्त बैंक सहित) या इसी अधिनियम की धारा 5 के खंड (जेए), (डीए) और (एनसी) में क्रमश: परिभाषित “क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक”, “समनुरूपी नया बैंक”; अथवा “भारतीय स्‍टेट बैंक” अथवा इसी अधिनियम की धारा 56 के साथ पठित इसी अधिनियम की धारा 5 के खंड (सीसीआई) में परिभाषित “सहकारी बैंक”

(iii) “मांग मुद्रा” का आशय है एकदिवसीय आधार पर अप्रतिभूत निधियों में उधार लेना या उधार देना;

(iv) “पूंजीगत निधियां” इनका आशय रिज़र्व बैंक के विनियमन विभाग द्वारा जारी और समय-समय पर संशोधित लागू पूंजी विनियमों में निर्धारित किया गया है और इनकी गणना नवीनतम लेखापरीक्षित तुलन-पत्र के अनुसार की जाएगी।

(v) “कंपनी” का अर्थ है - कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 2 (20) में परिभाषित कंपनी;

(vi) “इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म” या “ईटीपी” का आशय मास्टर निदेश-भारतीय रिज़र्व बैंक (इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म) निदेश, 2025 (समय-समय पर संशोधित) के पैराग्राफ 2 (ए) (ii) में निर्धारित किया गया है;

(vii) “एक्‍सचेंज” का आशय मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज से होगा और इसका अर्थ प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 की धारा 2(एफ) में निर्धारित किया गया है।

(viii) “पखवाड़े” का आशय भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42 में निर्धारित किया गया है;

(ix) “नेगोशिएटेड डीलिंग सिस्‍टम-कॉल” या “एनडीसी-कॉल” एक इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म है जिसमें मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों के संव्‍यवहारों का निष्‍पादन किया जाता है और उनकी रिपोर्टिंग की जाती है;

(x) “निवल स्‍वाधिकृत निधि” इसका आशय भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45- Iए के तहत दिए गए स्‍पष्‍टीकरण में निर्धारित किया गया है;

(xi) “नोटिस मुद्रा” का आशय होगा एकदिवसीय उधार लेने और उधार देने के अलावा 14 दिनों तक (14वां दिन भी शामिल है) की अवधि के लिए अप्रतिभूत निधियों में उधार लेना या उधार देना;

(xii) “ओवर दि काउन्‍टर बाजारों” अथवा “ओ टी सी बाजारों” से आशय है एक्‍सचेंजों के अलावा किसी भी अन्‍य तरीके से किए गए संव्‍यवहार और इनमें इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म पर निष्‍पादित संव्‍यवहार भी शामिल होंगे;

(xiii) “भुगतान बैंक” का आशय है रिज़र्व बैंक द्वारा 27 नवम्‍बर 2014 को जारी और समय-समय पर संशोधित “भुगतान बैंकों की लाइसेन्सिंग के दिशानिर्देश” की शर्तों के अनुसार नियंत्रित और बैंककारी विनियम अधिनियम, 1949 की धारा 22 के तहत लाइसेन्‍स प्राप्‍त बैंक;

(xiv) “एकल प्राथमिक डीलर” का आशय है ऐसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्‍पनी जिसके पास 29 मार्च 1995 को जारी और समय-समय पर संशोधित "सरकारी प्रतिभूति बाजार में प्राथमिक डीलर हेतु दिशानिर्देश" के अनुसरण में प्राथमिक डीलर के रूप में कार्य करने के लिए रिज़र्व बैंक द्वारा जारी प्राधिकृतिकरण पत्र है।

(xv) “लघु वित्त बैंक” का आशय एक बैंक से है जो बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 22 के तहत लाइसेन्‍स प्राप्‍त है और जो 27 नवम्‍बर 2014 को जारी तथा समय-सयम पर संशोधित “लघु वित्‍त बैकों की लाइसेन्सिंग हेतु रिज़र्व बैंक दिशानिर्देश” के अनुसार नियंत्रित होता है;

(xvi) “सावधि मुद्रा” का आशय है अप्रतिभूत निधियों में 14 दिन से अधिक और एक वर्ष तक के लिए उधार लेना या उधार देना।

(ख) ऐसे शब्‍द और अभिव्‍यक्तियां जिन्‍हें इन निदेशों में प्रयुक्‍त किया गया है किन्‍तु परिभाषित नहीं किया गया है उनका वही अर्थ रहेगा जो भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 में निर्धारित किया गया है।

3. भागीदार

(क) निम्‍नलिखित संस्‍थाएं मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में उधारदाताओं और उधारकर्ताओं के रूप में भागीदारी करने के लिए पात्र होंगे :

(i) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंकों के अलावा);

(ii) लघु वित्त बैंक

(iii) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक;

(iv) राज्‍य सहकारी बैंक, जिला मध्‍यवर्ती सहकारी बैंक और शहरी सहकारी बैंक (इसके बाद सहकारी बैकों के रूप में उल्लिखित); और

(v) एकल प्राथमिक डीलर।

(ख) भुगतान बैंक मांग और नोटिस मुद्रा बाजार में उधारकर्ता और उधारदाता, दोनों के रूप में भागीदारी करने हेतु पात्र होंगे और 'सावधि मुद्रा बाजार' में केवल उधारकर्ता के रूप में भागीदारी कर सकेंगे।

(सी) एआईएफआई और एनबीएफसी (जिनमें आवास वित्त कंपनियाँ यानी एचएफसी शामिल हैं, लेकिन एनबीएफसी - बेस लेयर यानी एनबीएफसी-बीएल शामिल नहीं हैं) सावधि मुद्रा बाजार में उधारकर्ता और उधारदाता, दोनों के रूप में भागीदारी करने के लिए पात्र होंगे।

(डी) कंपनियाँ सावधि मुद्रा बाजार में उधारदाता के रूप में भागीदारी करने के लिए पात्र होंगी।

4. विवेकाधीन सीमाएं

(क) मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में उधारियों के बकाया संव्‍यवहारों के संदर्भ में विवेकाधीन सीमाओं का निर्णय सहभागी संस्‍था के बोर्ड के अनुमोदन से लिया जाएगा। विनियमित संस्था के मामले में, संबंधित संस्था के लिए विवेकाधीन सीमाएँ रिज़र्व बैंक के विनियमन विभाग द्वारा निर्धारित एक्‍सपोजर मानदंडों की विनियमन व्‍यवस्‍था के दायरे में होंगी।

(ख) मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में उधार लेने के बकाया संव्‍यवहारों हेतु विवेकाधीन सीमाओं को सारणी-1 में दिया गया है।

सारणी 1: मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में उधार लेने के बकाया संव्यवहार हेतु विवेकाधीन सीमाएं
क्र.सं. भागीदार वर्ग विवेकाधीन सीमाएं
1. अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक मांग और नोटिस और सावधि मुद्रा: विनियमन विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित अंतर-बैंक देयताओं हेतु विवेकाधीन सीमाओं के अंतर्गत आंतरिक बोर्ड द्वारा अनुमोदित सीमाएं।
2. लघु वित्त बैंक मांग और नोटिस और सावधि मुद्रा: विनियमन विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित अंतर-बैंक देयताओं हेतु विवेकाधीन सीमाओं के अंतर्गत आंतरिक बोर्ड द्वारा अनुमोदित सीमाएं।
3. भुगतान बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक मांग और नोटिस और सावधि मुद्रा:
(i) किसी भी रिपोर्टिंग पखवाड़े में दैनिक औसत आधार पर पूंजीगत निधियों का 100%
(ii) किसी भी दिए गए दिन को पूंजीगत निधियों का 125%
4. सहकारी बैंक मांग और नोटिस और सावधि मुद्रा:
विगत वित्तीय वर्ष के अंत की स्थिति के अनुसार सकल जमाराशियों का 2.0%
5. एकल प्राथमिक डीलर मांग और नोटिस मुद्रा:
किसी भी रिपोर्टिंग पखवाड़े में दैनिक औसत आधार पर विगत वित्तीय वर्ष के अंत की स्थिति के अनुसार निवल स्‍वाधिकृत निधि (एनओएफ) का 225%
सावधि मुद्रा:
पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में निवल स्वाधिकृत निधि का 400% सावधि मुद्रा तथा अंतर-कॉरपोरेट जमा (आईसीडी) के माध्यम से एक साथ उधार लेना।
यह इस शर्त के अधीन है कि आईसीडी के माध्यम से उधार ली गई कुल राशि भारतीय रिज़र्व बैंक (एकल प्राथमिक डीलर) के दिनांक 28 नवंबर 2025 के निदेश, 2025 (समय-समय पर संशोधित), में निर्धारित सीमा से अधिक न हो।
6 एआईएफआई सावधि मुद्रा
विनियमन विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित विवेकाधीन सीमाओं के भीतर आंतरिक बोर्ड द्वारा अनुमोदित सीमाएं।
7 एनबीएफसी (एचएफसी सहित), एनबीएफसी-बीएल को छोड़कर सावधि मुद्रा:
विगत वित्तीय वर्ष के अंत की स्थिति के अनुसार निवल स्वाधिकृत निधि का 200%

(ग) पात्र भागीदार, अपने-अपने निदेशक बोर्ड (या समतुल्‍य निकायों) के अनुमोदन से मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में उधार लेने और उधार देने के लिए विवेकाधीन सीमाओं के भीतर रहते हुए अलग से आंतरिक सीमाएं निर्धारित करेंगे। पात्र सहभागियों द्वारा तय की गई इन आंतरिक सीमाओं की सूचना संबंधित बोर्ड द्वारा अनुमोदन के पश्चात तत्काल क्‍लीयरकार्प डीलिंग सिस्‍टम लिमिटेड (रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत एनडीएस-कॉल सिस्‍टम परिचालक) को दी जाएगी ताकि एनडीएस-कॉल प्‍लेटफार्म पर सीमाओं का निर्धारण किया जा सके।

(घ) उपर्युक्त पैराग्राफ 3(क) और 3(ग) में निर्दिष्ट प्रतिभागियों द्वारा गैर-बैंक प्रतिभागियों को सावधि मुद्रा बाजार में किसी भी प्रकार का ऋण देना, अग्रिमों पर ब्याज दरों से संबंधित दिशानिर्देशों को छोड़कर, भारतीय रिज़र्व बैंक के विनियमन विभाग द्वारा जारी ऋण एवं अग्रिमों से संबंधित विनियामक दिशानिर्देशों के अधीन होगा।

(ङ) सावधि मुद्रा बाजार में एनबीएफसी द्वारा किसी प्रकार से उधार लेना, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 186 (जो अंतर-निगम उधार से संबंधित है) के प्रावधानों और उसके अंतर्गत बनाए गए संबंधित नियमों के अधीन होगा।

5. सामान्‍य दिशानिदेश

(क) ब्‍याज दरें: मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में ब्‍याज दरों पर निर्णय लेने के लिए पात्र भागीदार स्‍वतंत्र हैं।

(ख) ट्रेडिंग स्‍थल: मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा संव्‍यवहारों के निष्‍पादन एनडीएस-कॉल प्‍लेटफॉर्म या रिज़र्व बैंक द्वारा इस प्रयोजन के लिए निर्धारित किसी अन्‍य इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म सहित ओवर-दि-काउन्‍टर बाजारों में किए जाएंगे।

(ग) बाजार का समय: मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा संव्‍यवहारों के लिए बाजार का समय प्रत्‍येक कारोबारी दिवस को प्रात: 9:00 बजे से लेकर सायं 7:00 बजे तक अथवा रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर यथानिर्धारित अनुसार रहेगा।

(घ) बाजार की परिपाटियां और प्रलेखन: पात्र भागीदार फिक्‍स्‍ड इनकम मनी मार्केट एन्‍ड डेरिवेटिव्‍स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा रिज़र्व बैंक के परामर्श से समय-समय पर यथा-निर्धारित बाजार की मानक परिपाटियों, कार्यपद्धतियों और प्रलेखन का अनुसरण करेंगे।

6. निरस्‍तीकरण और परिसमापन

(क) समान्‍यतया मांग, नोटिस अथवा सावधि मुद्रा संव्‍यवहार को निरस्‍त नहीं किया जाएगा।

(ख) परस्‍पर सहमत कीमत पर परिक्‍वता से पहले ही नोटिस अथवा सावधि मुद्रा संव्‍यवहार का परिसमापन किया जा सकता है। सावधि मुद्रा संव्‍यवहार, संव्यवहार की तारीख से 14 दिन बाद ही समाप्त किया जा सकता है।

7. रिपोर्टिंग अपेक्षाएं

(क) एनडीसी-कॉल प्‍लेटफॉर्म पर निष्‍पादित मांग, नोटिस अथवा सावधि मुद्रा के संव्‍यवहारों के अलावा अन्‍य प्‍लेटफॉर्म पर निष्पादित इन संव्यवहारों को निष्‍पादन के (वह समय जब ब्‍याज दर पर सहमति हुई) 15 मिनट के भीतर ही एनडीएस-कॉल प्‍लेटफार्म पर संव्‍यवहार करने वाले दोनों प्रतिपक्षों द्वारा या संबंधित इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म (यथास्थिति अनुसार) द्वारा इसे रिपोर्ट किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए, मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजार में सभी पात्र भागीदारों को एनडीएस-कॉल प्लेटफॉर्म की सदस्यता प्राप्त करनी होगी। ऐसे पात्र भागीदार जो एनडीएस-कॉल प्‍लेटफार्म के सदस्‍य नहीं हैं वे इन निदेशों के जारी होने की तारीख से छह माह की अवधि के भीतर इसकी सदस्‍यता अवश्‍य ले लेंगे।

(ख) एनडीएस-कॉल प्‍लेटफार्म पर निष्‍पादित मांग, नोटिस अथवा सावधि मुद्रा संव्‍यवहारों को अलग से रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं है।

(ग) मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा के संव्‍यवहारों के किसी भी निरस्‍तीकरण अथवा परिसमापन को निरस्‍तकरण के 15 मिनट के भीतर एनडीएस-कॉल प्‍लेटफार्म पर संव्‍यवहार के प्रत्‍येक प्रतिपक्ष द्वारा अथवा संबंधित इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्‍लेटफार्म द्वारा (यथास्थिति-अनुसार) रिपोर्ट किया जाएगा।

(घ) किसी प्रतिपक्ष द्वारा ओटीसी बाजारों की डील की गलत अथवा उसी डील की एकाधिक रिपोर्टिंग करने पर इसकी सूचना तत्‍काल एनडीएस-कॉल सिस्‍टम परिचालक को दी जाए और साथ ही वित्तीय बाजार विनियमन विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, केन्‍द्रीय कार्यालय, फोट्र, मुम्‍बई को भी ईमेल के माध्‍यम से सूचित किया जाए।

8. रिज़र्व बैंक द्वारा मांगी गई जानकारी प्रदान करने का दायित्‍व : मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में कारोबार करने वाले व्‍यक्तियों या एजेन्सियों (पात्र भागीदारों सहित) से रिज़र्व बैंक के अभिमत में संगत समझी जाने वाली कोई भी जानकारी या विवरणी रिज़र्व बैंक मंगा सकता है या स्‍पष्‍टीकरण मांग सकता है, और ऐसे व्‍यक्ति एजेन्सियां और सहभागी ऐसी जानकारी, विवरणी या स्‍पष्‍टीकरण अवश्‍य ही प्रस्‍तुत करेंगे।

9. आंकड़ों का प्रसरण : रिज़र्व बैंक अथवा रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत कोई भी व्‍यक्ति मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजरों में संव्‍यवहारों से संबद्ध किसी भी ‍अनामकृत आंकड़ें प्रकाशित कर सकता है।

10. निदेशों का उल्‍लंघन : किसी भी व्‍यक्ति या एजेन्‍सी द्वारा इन निदेशों के किसी भी प्रावधान या किसी भी अन्‍य अनुमेय कानून के प्रावधानों का उल्‍लंघन करने की दशा में रिज़र्व बैंक विधि अनुसार कोई दंडात्‍मक या विनियामक कार्रवाई करने के अलावा उस व्‍यक्ति या एजेन्‍सी को अपने कार्यों की पैरवी करने के लिए पर्याप्‍त अवसर देने के बाद उस व्‍यक्ति या एजेन्‍सी को मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजारों में कारोबार की अनुमति रोक सकता है, इस रोक की अवधि एक बार में एक माह से अधिक की नहीं होगी, और रिज़र्व बैंक अपनी इस कार्रवाई को प्रकाशित कर सकता है।


अनुबंध I

निष्प्रभावी किए गए परिपत्रों की सूची

1. मास्टर निदेश- भारतीय रिजर्व बैंक (कॉल, नोटिस और टर्म मनी मार्केट) निदेश, 2026 के माध्यम से रद्द किए गए निदेशों / परिपत्रों की सूची

क. एफएमआरडी.डीआईआरडी.02/14.01.001/2023-24 दिनांक 08 जून 2023

ख. एफएमआरडी.डीआईआरडी.06/14.01.001/2021-22 दिनांक 25 जून 2021

ग. एफएमआरडी.डीआईआरडी.01/14.01.001/2021-22 दिनांक 01 अप्रैल 2021

2. मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (मांग, नोटिस और सावधि मुद्रा बाजार) निदेश, 2021 के माध्यम से रद्द की गई निर्देशों / परिपत्रों की सूची

क. एफएमआरडी.डीआईआरडी.01/14.01.001/2020-21 दिनांक 04 दिसंबर 2020

ख. एफएमआरडी.डीआईआरडी.09/14.01.001/2018-19 दिनांक 29 अक्तूबर 2018

ग. एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 2/2016-17 दिनांक 07 जुलाई 2016


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