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विदेशी मुद्रा प्रबंध (ड्राफ्ट, चैक, लिखत का भुनाना और ब्याज का संदाय) नियम, 2000

वित्त मंत्रालय

(आर्थिक कार्य विभाग)

अधिसूचना

नई दिल्ली, 3 मई, 2000

विदेशी मुद्रा प्रबंध (ड्राफ्ट, चैक, लिखत का भुनाना और ब्याज का संदाय) नियम, 2000

सा.का.नि. 379(अ).— केन्द्रीय सरकार, विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 46 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :—

1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ— (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम विदेशी मुद्रा प्रबंध (ड्राफ्ट, चैक, लिखत का भुनाना और ब्याज का संदाय) नियम, 2000 है।

(2) ये 1 जून, 2000 को प्रवृत्त होंगे।

2. परिभाषाएं:— इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो :—

(क) "अधिनियम" से विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) अभिप्रेत है;

(ख) "न्याय निर्णायक प्राधिकारी" से अधिनियम की धारा 16 की उपधारा (1) के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त कोई अधिकारी अभिप्रेत है;

(ग) "प्राधिकृत व्यक्ति" से अधिनियम की धारा 2 के खंड (ग) में परिभाषित व्यक्ति से अभिप्रेत है;

(घ) "चैक" के अंतर्गत यात्री चैक भी है;

(ङ) "अन्वेषण" से अधिनियम की धारा 37 के अधीन परिकल्पित अन्वेषण अभिप्रेत है;

(च) "विशेष निदेशक (अपील)" से अधिनियम की धारा 17 की उपधारा (1) के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त विशेष निदेशक (अपील) अभिप्रेत है;

(छ) "अपील अधिकरण" से अधिनियम की धारा 18 के अधीन स्थापित विदेशी मुद्रा अपील अधिकरण अभिप्रेत है।

3. ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत का भुनाए जाने के लिए परिदान:— जहां धारा 37 में निर्दिष्ट अन्वेषण, अधिनियम या किसी नियम, विनियम, निदेश या आदेश के किसी उपबंध के अभिकथित उल्लंघन के लिए या किसी ऐसी शर्त के अतिक्रमण के लिए जिसके अधीन भारतीय रिज़र्व बैंक ने प्राधिकार प्रदान किया है, किया जाता है और कोई ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत जो ऐसे अन्वेषण के लिए सुसंगत है, वहां ऐसा अधिकारी ऐसे ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत को भारतीय रिज़र्व बैंक को या किसी प्राधिकृत व्यक्ति को जिसे अधिकारी विनिर्दिष्ट करें भुनाने के लिए परिदत्त करवाएगा।

4. ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत का भुनाया जाना:— भारतीय रिज़र्व बैंक या कोई प्राधिकृत व्यक्ति ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत को भुनाने के लिए अविलंब कार्रवाई करेगा और इस प्रकार भुनाए जाने पर, वसूल किए गए आगमों को (ऐसे भुनाने के लिए उपगत कमीशन और व्यय को काटकर) प्रवर्तन निदेशालय के नाम पृथक खाते में जमा करेगा।

5. खाता खोला जाना:— जहां अधिनियम की धारा 37 में निर्दिष्ट कोई अन्वेषण, अधिनियम या किसी नियम, विनियम या निदेश या आदेश के किसी उपबंध के अभिकथित उल्लंघन या किसी ऐसी शर्त के अतिक्रमण के लिए जिसके अधीन भारतीय रिज़र्व बैंक प्राधिकार देता है, किया जा रहा है और ऐसे अन्वेषण से सुसंगत भारतीय करेंसी प्रवर्तन निदेशालय के किसी अधिकारी की अभिरक्षा में है तब ऐसा अधिकारी ऐसी भारतीय करेंसी को प्रवर्तन निदेशालय के नाम में पृथक खाते में राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा करेगा।

6. क्षतिपूर्ति:— केन्द्रीय सरकार, किसी ऐसे दायित्व के प्रति जो भारतीय रिज़र्व बैंक या किसी प्राधिकृत व्यक्ति को परिदत्त ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत के भुनाए जाने के कारण या उसके संबंध में उठाने पड़े हों, भारतीय रिज़र्व बैंक या प्राधिकृत व्यक्ति की क्षतिपूर्ति करेगी।

7. आगमों के संदाय के लिए निदेश:— (i) जहां अन्वेषण या न्याय निर्णयन के दौरान यह पाया जाता है कि कोई ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत ऐसे अन्वेषण के लिए सुसंगत नहीं है वहां, यथास्थिति अन्वेषण अधिकारी या न्याय निर्णायक प्राधिकारी ऐसा आदेश पारित करेगा कि ऐसे ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत के आगमों का संदाय किस व्यक्ति को किया जाए।

(ii) जहां, यथास्थिति, विशेष निदेशक (अपील) या अपील अधिकरण या उच्च न्यायालय के समक्ष अपील के दौरान यह पाया जाता है कि कोई ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखत ऐसी अपील के लिए सुसंगत नहीं समझी गई है तो, यथास्थिति, विशेष निदेशक (अपील) या अपील अधिकरण या उच्च न्यायालय उस व्यक्ति को विनिर्दिष्ट करते हुए आदेश पारित करेगा जिसे ड्राफ्ट, चैक या अन्य लिखतों के आगमों का संदाय किया जाए।

8. अभिगृहीत भारतीय करेंसी पर ब्याज का संदाय:— (i) जहां अन्वेषण पूरा होने के पश्‍चात् यह पाया जाता है कि अधिनियम की धारा 37 के अधीन अभिगृहीत भारतीय करेंसी उल्लंघन में अंतर्वलित नहीं है और इसे वापिस करना होगा, वहां यह ऐसे व्यक्तियों को, अभिगृहण की तारीख से संदाय की तारीख तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर के साथ, वापस की जाएगी।

(ii) जहां न्यायनिर्णयन के दौरान यह पाया जाता है कि अभिगृहीत भारतीय करेंसी ऐसे न्यायनिर्णयन के लिए सुसंगत नहीं है, वहां न्याय निर्णायक प्राधिकारी, ऐसी भारतीय करेंसी 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर के साथ ऐसे व्यक्ति को वापस करने का, आदेश पारित कर सकेगा।


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