वित्त मंत्रालय
(आर्थिक कार्य विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 12 सितम्बर, 2024
सा. का. नि. 566 (अ).—केंद्रीय सरकार, विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 15 की उपधारा (1) के साथ पठित धारा 46 की उपधारा (2) के खंड (ख) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, और विदेशी मुद्रा (शमन कार्यवाही) नियम 2000 का, उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने का लोप किया गया है निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम विदेशी मुद्रा (शमन कार्यवाही) नियम 2024 है।
(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएं- (1) इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) "अधिनियम" से विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) अभिप्रेत है;
(ख) "प्राधिकृत अधिकारी" से नियम 3 के अधीन प्राधिकृत अधिकारी अभिप्रेत है;
(ग) "आवेदक" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो शमन प्राधिकारी को यथास्थिति नियम 4 के उपनियम 4 या नियम 5 के उपनियम 4 के अधीन आवेदन करता है;
(घ) "शमन आदेश" से अधिनियम की धारा 15 की उपधारा 1 में यथा विनिर्दिष्ट किसी उल्लंघन के शमन लिए जारी किया गया आदेश अभिप्रेत है;
(ड़) "विहित प्ररूप" से इन नियमों से संलग्न प्ररूप अभिप्रेत है;
(च) "धारा" से अधिनियम की धारा अभिप्रेत है।
(2) इन नियमों में प्रयुक्त शब्दों और पदों का, जो परिभाषित नहीं हैं किंतु अधिनियम में परिभाषित हैं वही अर्थ होगा जो क्रमश: अधिनियम में उनका है।
3. शमन प्राधिकारी- प्रवर्तन निदेशक या केंद्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत निम्नलिखित अधिकारी इन नियमों के प्रयजनों के लिए शमन प्राधिकारी होंगे, अर्थात-
(क) प्रवर्तन निदेशालय का एक अधिकारी को उप निदेशक या उप विधिक सलाहाकार की पंक्ति से नीचे का न हो; या
(ख) रिजर्व बैंक का एक अधिकारी जो सहायक महाप्रबंधक की पंक्ति से नीचे का न हो।
4. विभिन्न उल्लंघनों का शमन करने के लिए रिजर्व बैंक के शमन प्राधिकारी- (1) यदि कोई व्यक्ति अधिनियम की धारा 3के खंड (क) के उल्लंघन के सिवाय अधिनियम के किसी उपबंध का उल्लंघन करता है तो,-
(क) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि साठ लाख रूपए से अधिक नहीं है तब ऐसा अधिकारी जो रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक की पंक्ति से नीचे का नहीं है;
(ख) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि ढाई करोड़ रूपए से अधिक नहीं है तब ऐसा अधिकारी जो रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक की पंक्ति से नीचे का नहीं है;
(ग) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि पांच करोड़ रूपए से अधिक नहीं है तब ऐसा अधिकारी जो रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक की पंक्ति से नीचे का नहीं है;
(घ) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि पांच करोड़ रूपए से अधिक है तब ऐसा अधिकारी जो रिजर्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक की पंक्ति से नीचे का नहीं है;
इन नियमों के उपबंधों के अनुसार ऐसे उल्लंघन का शमन कर सकेगा।
(2) उप नियम (1) में अंतर्व्रिष्ठ कोई बात किसी व्यक्ति द्वारा कारीत उल्लंघन को जो उस तारीख से तीन वर्ष की अवधि के भीतर किया गया हो जिसको उसके द्वारा कारीत किया गया वैसा ही उल्लंघन इन नियमों के अधीन शमन किया गया था लागू नहीं होगी।
स्पष्टीकरण- इस नियम के प्रयोजन के लिए कोई दूसरा या पश्चातवर्ती उल्लंघन जो उस तारीख से तीन वर्ष की अवधि के अवसान के पश्चात किया गया है जिसको उल्लंघन का पहले ही शमन कर दिया गया था प्रथम उल्लंघन समझा जाएगा।
(3) उप जनयम (1) के अधीन विनिर्धिष्ट रिजर्व बैंक का प्रत्येक अधिकारी रिजर्व बैंक के गवर्नर के निदेश, नियंत्रण और अधीक्षण के अधीन किसी उल्लंघन का शमन करने के लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग करेगा।
(4) इस नियम के अधीन किसी उल्लंघन का शमन करने के लिए प्रत्येक आवेदन, शमन प्राधिकारी के पक्ष में देय डिमांड ड्रॉफ्ट या राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी) या भुगतान की अन्य अनुज्ञ इलेक्ट्रॉनिक या ऑनलाइन रीति द्वारा यथा लागू माल और सेवा कर के साथ दस हज़ार रूपए की फीस के साथ, विदेशी मुद्रा विभाग रिजर्व बैंक को विहित प्रारूप में किया जाएगा।
(5) विभिन्न उल्लंघनों का शमन करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के शमन प्राधिकारी- (1) यदि कोई व्यक्ति अधिनियम की धारा 3 के खंड (क) के उपबंध का उल्लंघन करता है तो,-
(क) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि पांच लाख रूपए या उससे कम है तो प्रवर्तन निदेशालय के उप निदेशक द्वारा;
(ख) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि पांच लाख रूपए से अधिक है किंतु दस लाख रूपए से कम है तब प्रवर्तन निदेशालय के अपर निदेशक द्वारा;
(ग) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि दस लाख रूपए या उससे अधिक है किंतु पचास लाख रुपए से कम है तब प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक द्वारा;
(घ) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि पचास लाख रूपए या उससे अधिक है किंतु एक करोड़ रूपए से कम है तब प्रवर्तन निदेशालय के उप विधिक सलाहाकार के साथ विशेष निदेशक द्वारा; और
(ड़) ऐसे मामले में जहाँ ऐसे उल्लंघन में सम्मिलित राशि एक करोड़ रूपए या उससे अधिक है तब प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक के साथ प्रवर्तन निदेशक द्वारा
इन नियमों के उपबंधों के अनुसार ऐसे उल्लंघन का शमन किया जा सकेगा।
(2) उप नियम (1) में अंतरिष्ट कोई बात किसी व्यक्ति द्वारा कारीत उल्लंघन को जो उस तारीख से तीन वर्ष की अवधि के भीतर किया गया हो जिसको उसके द्वारा कारीत क्यी गया वैसा ही उल्लंघन इन नियमों के अधीन शमन किया गया था लागू नहीं होगी।
स्पष्टीकरण- इस नियम के प्रयोजन के लिए कोई दूसरा या पश्चातवर्ती उल्लंघन जो उस तारीख से तीन वर्ष की अवधि के अवसान के पश्चात किया गया है जिसको उल्लंघन का पहले ही शमन कर दिया गया था प्रथम उल्लंघन समझा जाएगा।
(3) उप नियम (1) के अधीन विनिर्दिष्ट प्रवर्तन निदेशालय का प्रत्येक अधिकारी प्रवर्तन निदेशक के निदेश, नियंत्रण और अधीक्षण के अधीन किसी उल्लंघन का शमन करने के लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग करेगा।
(4) इस नियम के अधीन किसी उल्लंघन के शमन के लिए प्रत्येक आवेदन विहित प्ररूप में यथास्थिति, निदेशक, प्रवर्तन निदेशलाय, नई दिल्ली को दस हज़ार रुपए तथा माल और सेवा कर के साथ, जैसा शमन प्राधिकारी के पक्ष में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी) या भुगतान के अन्य स्वीकार्य इलेक्ट्रॉजनक या संदाय की ऑन लाइन पद्धति से मांग करके जमा करना होगा।
6. न्यायनिर्णयन का बंद किया जाना- जहां कोई उल्लंघन धारा 16 के अधीन ऐसे उल्लंघन के न्यायनिर्णयन से पूर्व शमन किया जाता है, यथास्थिति, वहां ऐसे व्यक्ति जिसके संबंध में वह उल्लंघन इस प्रकार शमन किया गया है, न्यायनिर्णयन के लिए, कोई जांच या आगे की जांच आरंभ या जारी नहीं की जाएगी।
7. उल्लंघन के शमन पर उन्मोचन- जहां उल्लंघन का शमन धारा 16 की उपधारा (3) के अधीन शिकायत किए जाने के पश्चात किया जाता है, वहां नियम 4 या नियम 5 में विनिद्रिष्ट शमन प्राधिकारी द्वारा लिखित रूप में न्यायनिर्णयन प्राधिकारी के ध्यान में शमन लाया जाएगा और ऐसी नोटिस पर वह व्यक्ती, जिसके संबंध में उल्लंघन का शमन किया गया है, उन्मोचित कर दिया जाएगा।
8. शमन हेतु प्रक्रिया (1) शमन प्राधिकरण, विहित प्ररूप में दिए गए विवरणों के अतिरिक्त, यह अपेक्षा कर सकेगा कि शमन कार्यवाही से संबंधित कोई सूचना, अभिलेख या कोई दस्तावेज उसके समक्ष रखा जाये और यदि आवश्यक हो तो आवेदक से उल्लंघन के संबंध में किए गए लेन-देन के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने की अपेक्षा कर सकेगा।
(2) शमन प्राधिकारी, यथास्थिति, भारतीय रिजर्व बैंक या प्रवर्तन निदेशालय में सभी प्रकार से पूर्ण विहित प्ररूप में आवेदन प्राप्त होने पर, आवेदक को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात, यद्धशीघ्र, किन्तु ऐसे आवेदन की प्राप्ति की तारीख से एक सौ अस्सी दिन से अधिक समय के भीतर शमन आदेश देगा।
9. कतिपय मामलों में उल्लंघनों का शमन नहीं किया जाएगा- कोई उल्लंघन शमनीय नहीं होगा,-
(क) जहां अंतर्वलित राशि परिमाणात्मक नहीं है; या
(ख) जहां अधिनियम की धारा 37क के उपबंध लागू होते हैं, या
(ग) जहां प्रवर्तन निदेशालय का यह विचार है कि कार्यवाही धन शोधन, आतंकवाद के वित्तपोषण या राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता को प्रभावित करने के संदिग्ध उल्लंघन से सबंधित है, वहां शमन प्राधिकारी कार्यवाही नहीं करेगा और मामले को धारा 13 के अधीन उल्लंघन का न्यायनिर्णयन करने वाले उपयुक्तु न्यायनिर्णयन प्राधिकरण को भेज देगा; या
(घ) जहां न्यायनिर्णयन प्राधिकरण ने अधिनयम की धारा 13 के अधीन जुर्माना लगाने का आदेश पहले ही पारित कर दिया है; या
(ङ) जहां शमन प्राधिकारी का यह विचार है कि अधिनयम की धारा 13 के अधीन उल्लंघन का पता लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आगे जांच की अवश्यकता है।
10. शमन राशि का भुगतान- वह राशि जिसके लिए नियम 8 के उप-नियम (2) के अधीन शमन आदेश में विनिद्रिष्ट रूप में उल्लंघन शमनीय है, का भुगतान ऐसे उल्लंघन के लिए शमन आदेश की तारीख से पंद्रह दिन के भीतर शमन प्राधिकारी के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट या इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी), या रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस), या भुगतान के ऐसे अन्य अनुमत इलेक्ट्रॉनिक या ऑनलाइन रीति द्वारा किया जाएगा।
11. शमन राशि का भुगतान करने में विफलता के परीणाम- यदि कोई व्यक्ति उस नियम में विनिर्धिष्ट समय के भीतर नियम 10 के अनुसार शमन राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, तो यह समझा जाएगा कि इस नियम के अधीन उसने कभी किसी उल्लंघन के शमन के लिए आवेदन नहीं किया है और अधिनियम के उपबंध उल्लंघन के लिए उस पर लागू होंगे।
12. शमन प्राधिकारी के आदेश की विषय-वस्तु.- (1) प्रत्येक शमन आदेश में अधिनियम या नियमों या विनियमों के उपबंधों, निदेशो अपेक्षित आदेशो के उपबंधों को विनिर्धिष्ट किया जाएगा जिनके संबंध में अधिकथित उल्लंघन के ब्योरे के साथ रखा गया है।
(2) प्रत्येक शमन आदेश पर तारीख अंकित होगी तथा शमन प्राधिकारी द्वारा हस्ताक्षर और मुहर लगाई जाएगी।
13. शमन आदेश की प्रति- नियम 8 के उप नियम (2) के अधीन पारित शमन आदेश की एक-एक प्रति आवेदक और न्यायनिर्णयन अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी।
14. लंबित कार्यवाही जारी रखना– कोई भी शमन आवेदन इन नियमो के प्रारम्भ होने की तारीख से यहा इसमे अधिक्रांत किये गए विदेशी मुद्रा (शमन कार्यवाही) नियम 2000 के उपबंध द्वारा शासित किया जाएगा
|